एम्पॉवरिंग इंडिया इंक. – आईसीआईसीआई लोम्बार्ड और आईआरएम ने जारी की इंडिया रिस्क इंडेक्स रिपोर्ट, जोखिम प्रबंधन को मिलेगा बढ़ावा

लगभग एक तिहाई उत्तरदाताओं के पास पहचाने गए टॉप रिस्‍क का सामना करने के लिए कोई समाधान या कोई इंश्योरेंस बीमा नहीं है मुंबई। भारत की अग्रणी जनरल इंश्योरेंस कंपनियों में…

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एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक ने कॉरपोरेट ग्राहकों के लिए लॉन्च किया मास्टरकार्ड डेबिट कार्ड

Swipe&Save: बैंकिंग सुविधा के एक नए युग की शुरुआत मुंबई, 3 जनवरी 2024: भारत के सबसे बड़े स्‍मॉल फाइनेंस बैंक एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक ने आज मास्टरकार्डडेबिट कार्ड लॉन्च के…

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बिग पिक्चर को ध्यान में रखकर मिले फिनटेक सेक्टर को प्रोत्साहन

कुणाल झुनझुनवाला, फाउंडर एंड एमडी, एयरपे Budget Wishlist : एक विकास-केन्द्रित अर्थव्यवस्था के प्रबंधन में लगातार सुधारों और नवाचारों की आवश्यकता होती है और पिछले एक दशक में, इस नजरिये…

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ITI म्‍यूचुअल फंड ने लॉन्‍च किया ITI फ्लेक्‍सीकैप फंड

- आईटीआई फ्लेक्‍सीकैप फंड एक ओपेन एंडेड इक्विटी फंड है - यह फंड उन निवेशकों के लिए बेहतर विकल्प है जो लंबी अवधि के निवेश के जरिए अपनी दौलत में…

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आईसीआईसीआई लोम्बार्ड जनरल इंश्योरेंस की प्रीमियम आय में 20.6% की वृद्धि

मुंबई। ICICI Lombard General Insurance की सकल प्रत्यक्ष प्रीमियम आय (जीडीपीआई) वित्त वर्ष 2022 के 9 माह में ₹ 133.11 अरब की तुलना में वित्त वर्ष 2023 के 9 माह में बढ़कर ₹ 160.48 अरब हो गई। इस अवधि में इसमें 20.6% की वृद्धि हुई, जो उद्योग की 16.2% की वृद्धि से अधिक है। कृषि पैदावार को छोड़कर, वित्त वर्ष 2023 के नौ माह में कंपनी की जीडीपीआई वृद्धि 19.9% रही, जो इस अवधि में 17.5% की उद्योग वृद्धि से अधिक है। ·         कंपनी का जीडीपीआई वित्त वर्ष 2023 की तीसरी तिमाही में ₹ 54.93 अरब रहा, जबकि वित्त वर्ष 2022 की तीसरी तिमाही में यह ₹ 46.99 अरब था, जो 18.1% की उद्योग वृद्धि के मुकाबले 16.9% की वृद्धि है।कृषि पैदावार के अतिरिक्त, कंपनी की जीडीपीआई वृद्धि 17.1% रही, जो वित्त वर्ष 2023 की तीसरी तिमाही में उद्योग की 16.6% की वृद्धि से अधिक है। ·         वित्त वर्ष 2023 के 9 माह में संयुक्त अनुपात 104.6% रहा जो…

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आईसीआईसीआई लोम्बार्ड और एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक ने बैंकाश्योरेंस टाई-अप का किया ऐलान 

9CF277B7 6CFE 4D0C B12E 932F531FDA30 150x100 1 Bancaaurance: मुंबई। भारत में निजी क्षेत्र की अग्रणी गैर-जीवन बीमा कंपनी, आईसीआईसीआई लोम्बार्ड जनरल इंश्योरेंस ने एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक (AU Small Finance Bank) के साथ एक बैंकाश्योरेंस(Bancassurance) टाई-अप करने की घोषणा की है। बैंकाश्योरेंस एक बैंक और एक बीमा कंपनी के बीच एक साझेदारी है, जो बीमा कंपनी को अपने उत्पादों को बैंक के ग्राहकों को बेचने की अनुमति देती है। यह साझेदारी भी बैंक ग्राहकों को बीमा कंपनी के पोर्टफोलियो तक पहुंच प्रदान करेगी। इससे देश में बीमा की पहुंच और बढ़ेगी। लंबी अवधि के लिए फाइनेंशियल सेफ्टी एयू बैंक देश भर में तेजी से अपने डिस्ट्रीब्यूशन फुटप्रिंट का विस्तार कर रहा है। आईसीआईसीआई लोम्बार्ड जनरल इंश्योरेंस द्वारा एयू बैंक के साथ इस टाई-अप का उद्देश्य अपने डिजिटल और पेपरलेस सॉल्यूशन केसाथ अपनी सामान्य बीमा पेशकश को और मजबूत बनाना है। कंपनी के बीमा उत्पादों को 20 राज्यों और 2 केंद्र शासित प्रदेशों में फैले 980+ बैंकिंग टचप्‍वॉइंट्स पर पेश किया जाएगा। ग्राहक केंद्रित उत्पाद ग्राहकों और उनके परिवारों को लंबी अवधि के लिए फाइनेंशियल सेफ्टी यानी वित्तीय सुरक्षा प्रदान करेंगे। दोनो संगठनों का विश्वास इनोवेशन और निरंतरता के जरिए ग्राहकों को सर्वश्रेष्ठ पेशकश देने में है, इसलिए उनके बीच इस साझेदारी से ग्राहकों को बेस्ट प्रोडक्ट ऑफर मिलेगा। अलग अलग ग्राहक वर्गों की जरूरतें पूरी करने में सक्षम इस साझेदारी के बारे में बात करते हुए आईसीआईसीआई लोम्बार्ड के कार्यकारी निदेशक संजीव मंत्री ने कहा कि आईसीआईसीआई लोम्बार्ड में, हम कंज्‍यूमर्स और व्यवसायों को उनकी जरूरतों के आधार पर प्रभावी रिस्‍क मैनेजमेंट सॉल्‍यूशंस यानी जोखिम प्रबंधन समाधान प्रदान करने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं।इंडस्‍ट्री में लीडर होने के नाते हम ग्राहकों को एक व्यापक प्रोडक्ट पोर्टफोलियो प्रदान करने के लिए भारत के सबसे बड़े स्माल फाइनेंस बैंक एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक के साथ साझेदारी करने के लिए उत्साहित हैं। यह साझेदारी बैंक के व्यापक नेटवर्क के माध्यम से हमारे डिस्ट्रीब्यूशन को और मजबूत करने और विकास के…

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रिटायरमेंट के बाद टेंशन होगी खत्म 

अजीत मेनन, CEO, PGIM इंडिया म्‍यूचुअल फंड Financial Planning for Retirement: आज के दौर में समय रहते ही फाइनेंशियल प्लानिंग कर लेना बहुत जरूरी है, जिससे रिटायरमेंट के बाद फाइनेंस को लेकर टेंशन कम हो सके। हालांकि फाइनेंशियल प्लानिंग भी सही तरीके से होना चाहिए, जिससे अपने वित्तीय लक्ष्य पूरे किए जा सकें। पर्सनल फाइनेंस कीबात करें तो पोर्टफोलियो डाइवर्सिफिकेशन और एसेट अलोकेशन इसके मूलभूत सिद्धांत हैं, जिनसे भारतीय निवेशक और एडवाइजर अच्छी तरह से परिचित हैं। PGIM इंडिया म्‍यूचुअल फंड के CEO अजीत मेनन ने यहां कुछ ऐसे टिप्स दिए हैं, जिससे युवा अवस्था में ही रिटायरमेंट के बाद के लिए बेहतर तरीके से प्लानिंग की जा सकती है.कैसे बेहतर होगा पोर्टफोलियो का प्रदर्शनउनका कहना है कि हममें से अधिकांश लोग अपने दैनिक कामों को प्राथमिकता देने के लिए अपने वर्किंग ईयरया नौकरी के दौरान अपने व्यक्तिगत शौक और पैशन  को ताक पर रख देते हैं, क्योंकि इनकी वजह से खर्च बढ़ जाते हैं। हालांकि, म्युचुअल फंड इंडस्ट्री से यह सीख मिलती है कि डाइवर्सिफिकेशन और एसेट अलोकेशन के चलते पोर्टफोलियो का प्रदर्शन बेहतर किया जा सकता है। इसे एक उदाहरण से समझ सकते हैं- जब इक्विटी में गिरावट आती है तो पोर्टफोलियो में गोल्ड का अलोकेशन होने से अस्थिर समय के दौरान स्थिरता मिलती है। हालांकि, ध्‍यान रहे कि आपके निवेश का बड़ा या अधिकांश हिस्‍सा सोना नहीं होना चाहिए, क्योंकि इससे सही रिजल्ट नहीं हासिल किया जा सकता है।रिटायरमेंट में कम होगी टेंशनउनका कहना है कि हमारा डेली वर्क पोर्टफोलियो के इक्विटी भाग की तरह हैं और हमारे व्यक्तिगत शौक औरपैशन गोल्‍ड अलोकेशन की तरह है। यह तब तक नहीं है जब तक हम रिटायर नहीं हो जाते, इसलिए हमेंरिटायरमेंट के अपने गोल्डेन ईयर्स के दौरान किसी भी तरह के टेंशन को खत्म करने के लिए अपने शौक परफोकस करने और उनको विकसित करने की आवश्यकता महसूस होती है।रिटायरमेंट के बाद नई पहचानजैसे-जैसे कोई रिटायरमेंट की उम्र तक पहुंचता है, उसके बच्चे बड़े होते जाते हैं और उसका प्रोफेशनल करियरसमाप्त हो रहा होता है। रिटायरमेंट के बाद  एक व्यक्ति लगभग नई पहचान के साथ सामने आता है, उसकीपुरानी आइडेंटिटी खत्म हो जाती है। कह सकते हैं कि रिटायरमेंट के बाद वह शख्स खुद के लिए अजनबीजैसा होता है। इसका बेहतर समाधान यह नहीं है कि रिटायरमेंट के बाद खुद की तलाश की जाए, बल्किवर्किंग ईयर में ही खुद को रिटायरमेंट के लिए तैयार किया जाए।इसका मतलब यह नहीं है कि वर्किंग ईयर के दौरान किसी को परिवार को समय देना छोड़कर लंबे लंबे समयतक काम करते रहना चाहिए, उन्हें परिवार की जिम्मेदारियों को भी उठाने की भी जरूरत है। जीवन कुछ लोगोंको कुछ बुरे अनुभव देता है और हम सभी को उन अनुभवों को महसूस करना होता है, जो हम बांटते हैं। जहांतक भारत की बात है वर्किंग मिडिल क्‍लास यह मान लेता है कि अमीर खुश हैं जबकि गरीब दुखी रहते हैं।युवा पीढ़ी का इनकम पर होता है फोकसलेकिन आजकल की युवा पीढ़ी को देखें, तो एक अलग अहसास होता है। युवा वयस्क का फोकस आयबढ़ाने पर ज्यादा रहता है। कई बार वह नौकरी के अलावा भी कोई साइड वर्क करते हैं, जिससे उनकी आयबढ़ सके। साइड वर्क किसी के कौशल या शौक पर आधारित होता है। उदाहरण के लिए अगर मैं किसीविषय पर एक किताब लिखता हूं और इसे प्रकाशित करवाता हूं, तो यह मेरे लिए एक एएमसी के सीईओ केरूप में नियमित नौकरी के अलावा एक अतिरिक्त काम है। अगर किताब के लिए मेरी लेखन क्षमता को लेकरआत्मविश्वास बढ़ाने वाली अच्छी समीक्षाएं मिलती हैं, तो मैं रिटायरमेंट में फुल टाइम लेखक बन सकता हूं।साइड वर्क से बढ़ सकती है इनकमयुवा वयस्क साइड वर्क के इस विचार को बहुत गंभीरता से लेते हैं और अपने पैशन को अपने दैनिक कामों केसाथ अलाइन करना चाहते हैं। हो सकता है कि वे अपनी रेगुलर नौकरी छोड़कर रिटायरमेंट से पहले हीफुलटाइम लेखक बनना चाहें, जबकि पुरानी पीढ़ी में बहुत कम लोग ही इतना बड़ा कदम उठा सकते हैं।लाइफ में जोखिम कम करना जरूरीदूसरे शब्दों में, अपने पोर्टफोलियो और लाइफ पर अधिक ध्यान केंद्रित न करें और जहां तक संभव हो जोखिमको कम करें। इस युवा पीढ़ी में उभरने वाला एक और अंतर रिटायरमेंट की उम्र की इस अवधारणा के बारे मेंही है, जो एक इंडस्ट्रियल एरा का कॉन्सेप्ट है। आज के दौर में लोग परंपरा से हटकर 58-60 की उम्र से बहुतपहले रिटायर होना चाहते हैं, लेकिन दूसरी ओर साइड वर्क कभी भी नहीं छोड़ना चाहते हैं। यही आदतें युवापीढ़ी को कम आय में भी खुश रखती है। जब तक वे जो कर रहे हैं,तब तक काम करना और कमाई करनाउनका जुनून है और यही उन्हें खुश रखता है।शौक के कई रूप हो सकते हैं, चाहे वह कोई ऐसी गतिविधि हो जिसे आप अपनी युवावस्था के दौरान पसंदकरते हों, या कोई ऐसा कौशल जिसे आप निखारना चाहते हों, या यह पूरी तरह से कुछ नया हो। हालांकि, डाइवर्सिफिकेशन के प्रयास को तुरंत शुरू करना होगा।भारत में मूनलाइटिंग कितना वाजिबभारत में इन दिनों मूनलाइटिंग पर अच्‍छी खासी बहस हो रही है। इसकी वैधता पर भी सवाल उठाया जासकता है, क्योंकि कई नौकरियों को काम करने का विचार कई मायने में फिट नहीं होता है। इसके पीछे तर्कयह है कि कर्मचारी एक ही कौशल का उपयोग कई नौकरियों को करने के लिए कर रहा है। अगर कोईआईटी पेशेवर मूनलाइटिंग कर रहा है, तो वह अपने कोडिंग कौशल का उपयोग प्राथमिक नौकरी के अलावाकहीं और कर रहा है। इसके बजाय कंपनियों को सलाह है कि वे कर्मचारियों को उनके पेशेवर कौशल सेबाहर गतिविधियों, कारणों, शौक को लेने के लिए प्रोत्साहित करें और उन्हें किसी तरह से समर्थन दें। यहमानसिक स्वास्थ्य के निर्माण में भी मदद करेगा और उन्हें उनकी रिटायरमेंट के लिए तैयार करेगा।अंत में एक पुरानी पीढ़ी के लिए, 30 - 35 सालों तक एक ही काम करने का एकाग्रता एक महत्वपूर्ण जोखिमहै, जो उनके रिटायरमेंट के सालों और मानसिक स्वास्थ्य पर "रिटायरमेंट कॉर्पस" की तुलना में बड़ा प्रभावडाल सकता है। 

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Baroda BNP परिबा म्यूचुअल फंड का NFO-छोटे निवेश से बड़ी कमाई का मौका

Baroda BNP Pariba Multi Asset Fund से जुड़ी कुछ प्रमुख बातें • यह  NFO 28 नवंबर, 2022 को निवेश के लिए खुल रहा है और 12 दिसंबर, 2022 को बंद होगा. • यह फंड इक्विटी, फिक्स्ड इनकम और गोल्ड ईटीएफ के मिक्‍स में निवेश करता है। इक्विटी में निवेशका उद्देश्य निवेशकों को हाई रिटर्न देते हुए उनकी दौलत या कैपिटल में बढ़ोतरी करना है। फिक्‍स्‍डइनकम विकल्‍पों में निवेश से रेगुलर आय हासिल करने में मदद मिलेगी, वहीं गोल्ड ईटीएफ काउद्देश्य वैश्विक संकट के दौरान सुरक्षा प्रदान करना है। • फंड जिन एसेट क्लास यानी परिसंपत्ति वर्गों में निवेश करता है, उनका एक-दूसरे के साथ कमकोरिलेशन होता है। इसके साथ फंड का लक्ष्य एक ऐसा ऑल-राउंडर पोर्टफोलियो बनाना है, जिसमेंहर मार्केट साइकिल में प्रदर्शन करने की क्षमता हो। • इसके अलावा, एक ही पोर्टफोलियो होने से आप इन परिसंपत्तियों में व्यक्तिगत रूप से निवेश करनेऔर कई पोर्टफोलियो को मैनेज और ट्रैक करने संबंधी परेशानियों से बचते हैं। इस तरह यह फंडआपको एक ही निवेश द्वारा कई एसेट क्लास यानी इक्विटी, फिक्‍स्‍ड इनकम, गोल्‍ड का पाने में मददकरता है। इसका उद्देश्य मार्केट साइकिल में बेहतर जोखिम समायोजित रिटर्न यानी रिस्क एडजस्टेडरिटर्न हासिल करना है। • इस फंड में कम से कम 5000 रुपये के साथ निवेश करना होगा, जिसके बाद 1 रुपये के मल्‍टीपल मेंनिवेश किया जा सकता है। मुंबई।: अगर आप निवेश के लिए किसी नए और बेहतर विकल्प की तलाश में हैं तो आपके पास अच्छा मौका है। देश के लीडिंग म्‍यूचुअल फंड हाउस में शामिल बड़ौदा बीएनपी परिबा म्यूचुअल फंड ने इक्विटी, डेट और गोल्ड ईटीएफ में निवेश करने वाली एक ओपन-एंडेड स्कीम, बड़ौदा बीएनपी परिबास मल्टी एसेट फंड लॉन्च किया है। इस फंड का प्रबंधन जितेंद्र श्रीराम (25 साल से अधिक का अनुभव) और विक्रम पमनानी (12 साल से अधिक का अनुभव) द्वारा किया जाएगा। यह निफ्टी 500 टीआरआई के 65 फीसदी + निफ्टी कंपोजिट डेट इंडेक्‍स के 20 फीसदी और गोल्ड प्राइस का 15 फीसदी से युक्त एक कस्टमाइज इंडेक्‍स के खिलाफ बेंचमार्क किया जाएगा।इस स्कीम का उद्देश्य निवेश का 65-80 फीसदी इक्विटी के लिए आवंटन के जरिए लंबी अवधि में कैपिटल ग्रोथ हासिल करना है. वहीं इसके जरिए फिक्‍स्‍ड इनकम और गोल्‍ड ईटीएफ दोनों एसेट क्लास में 10-25 फीसदी, जबकि REITs और INVITs यूनिट्स 10 फीसदी आवंटन किया जाएगा। यह फंड का उद्देश्य इक्विटी, फिक्स्ड इनकम और गोल्ड ईटीएफ की पावर को संयोजित कर बेहतर रिटर्न हासिल करना है ही, साथ में इसके जरिए एक अलग एसेट एलोकेशन-आधारित पोर्टफोलियो स्‍ट्रैटेजी  प्रदान करता है। इसका उद्देश्य बाजार में तेजी के दौरान ग्रोथ ऑफर करना और गिरावट के दौरान सुरक्षा प्रदान करना है।बड़ौदा बीएनपी परिबा म्यूचुअल फंड के सीईओ सुरेश सोनी ने इस मौके पर कहा कि बड़ौदा बीएनपी परिबा मल्टी एसेट फंड निवेशकों को अलग अलग एसेट क्लास में अच्छी तरह से डाइवर्सिफाइड पोर्टफोलियो बनाने का अवसर दे रहा है। यह पहली बार निवेश करने वालों और अनुभवी निवेशकों दोनों के लिए एक अच्छा निवेश विकल्प है, क्योंकि यह कई स्‍ट्रैटेजी में निवेश, ट्रैकिंग और निवेश को बनाए रखने की परेशानी से बचाता है। यह उन निवेशकों के लिए भी बेहतर विकल्प है, जो सोने में आवंटन के साथ एसेट क्लास डायवर्सिफिकेशन और पोर्टफोलियो की तलाश कर रहे हैं।इस फंड का उद्देश्य मजबूत रिसर्च द्वारा समर्थित एक मल्टी कैप निवेश अप्रोच का पालन करना है, जिसमें अलग अलग सेक्टर के लगभग 45-55 स्टॉक हैं। जब फिक्स्ड इनकम की बात आती है, तो फंड अपेक्षाकृत कम क्रेडिट जोखिमों के साथ बेहतर रिटर्न देने के लिए डेट और मनी मार्केट इंस्ट्रूमेंट्स के हाई क्वालिटी वाले पोर्टफोलियो में निवेश करना चाहता है। फंड गोल्ड ईटीएफ में निवेश के जरिए निवेशकों के पोर्टफोलियो में…

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मिरे एसेट फाइनेंशियल सर्विसेज ने लोन अगेंस्ट शेयर्स सुविधा शुरू की

Mumbai, 17 Nov 2022 अगर आप इक्विटी में निवेश करते हैं तो जरूरत पड़ने पर अपने शेयरों के बदले आसानी से लोन (लोन अगेंस्टशेयर्स) हासिल कर सकते हैं। मिरे एसेट ग्रुप की नॉन बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) मिरे एसेटफाइनेंशियल सर्विसेज ने 16 नवंबर 2022 को इस खास सुविधा की शुरुआत की गयी है। यह लोनएनएसडीएल-रजिस्टर्ड डीमैट खातों वाले सभी यूजर्स के लिए MAFS मोबाइल ऐप के माध्यम से उपलब्ध होगा।मिरे एसेट फाइनेंशियल सर्विसेज शेयरों के बदले में एंड-टू-एंड डिजिटल लोन प्रदान करने वाली चुनिंदा कंपनियों में से एक है।1 करोड़ रुपये तक मिल सकता है लोनNSDL डीमैट खातों वाले ग्राहक अपने इक्विटी निवेश को ऑनलाइन गिरवी रखकर 10,000 रुपये से लेकर 1 करोड़ रुपये तक की लोन अगेंस्ट शेयर्स का लाभ उठा सकते हैं। ग्राहक स्वीकृत इक्विटी की एक बड़ी लिस्ट से अपने शेयरों को गिरवी रख सकते हैं और उसी दिन एक लोन अकाउंट बना सकते हैं।ओवरड्राफ्ट सुविधा के रूप में मिलेगा लोनयह लोन ओवरड्राफ्ट सुविधा के रूप में उपलब्ध कराया जाएगा। ग्राहक जब चाहें और जहां भी जरूरत हो, मोबाइल ऐप के माध्यम से जरूरत की राशि निकाल सकते हैं। लोन की राशि उसी दिन सीधे ग्राहक के बैंक खाते में जमा करा दी जाती है। जहां तक ब्याज की बात है तो उपयोग की गई और अवधि पर 9 फीसदी सालाना होगा। यूजर्स MAFS मोबाइल ऐप के माध्यम से इस लोन के लिए आवेदन कर सकते हैं, आवश्यक राशि वापस ले सकते हैं और वापस चुका भी सकते हैं। इस ऐप के ही जरिए लोन अकाउंट को बंद कराया जा सकता है और साथ ऐप पर अन्य कई गतिविधियों की सुविधा मिलती है।ग्राहकों का बचेगा समयपहले लोन के लिए जटिल आवेदन प्रक्रिया और लोन अकाउंट बनाने में लगने वाला लंबा समय अक्सर ग्राहकों को निराश करता था। मिरे एसेट फाइनेंशियल सर्विसेज ऑनलाइन लोन अगेंस्ट म्यूचुअल फंड यानी म्‍यूचुअल फंड के खिलाफ लोन की सुविधा पहले से ही दे रहा है। अब शेयर के बदले में लोन भी ग्राहकों को मिल सकेगा। बिना किसी कागजी कार्यवाही के उसी दिन शेयरों पर लोन देने की क्षमता प्रोडक्ट को चलाने के लिएब्रॉन्‍ड के प्रयास का एक प्रमुख फैक्‍टर होगा।अचानक से खर्च की जरूरत को मैनेज करना आसानइस सुविधा के शुरू किए जाने पर मिरे एसेट फाइनेंशियल सर्विसेज (इंडिया) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी(सीईओ) कृष्ण कन्हैया ने कहा कि हमारे प्रोडक्ट फोलियो में एनएसडीएल के साथ शेयरों के बदले डिजिटल लोन को जोड़ना रोमांचक है। एनएसडीएल की प्रौद्योगिकी पहल को धन्यवाद देते हुए उन्होंने कहा कि इसने हमें ग्राहकों को अपने शेयर ऑनलाइन गिरवी रखने और उसी दिन शेयरों के बदले लोन देने में सक्षम बनाने की अनुमति दी है। इसके पहले हमने म्युचुअल फंड के बदले लोन सुविधा भी शुरू की थी, जिसे बहुत अच्छा रिस्पांस मिला है। मुझे भरोसा है कि शेयरों पर लोन हमारे ग्राहकों को अचानक से पड़ने वाले खर्च को मैनेज करने के लिए और अधिक विकल्प देगा। शेयर निवेशकों के बढ़ते रिटेल मार्केट ने लोन अगेंस्ट शेयर्स प्रोडक्ट को और भी महत्वपूर्ण बना दिया है। क्योंकि यह निवेशकों को अपने निवेश को प्रोटेक्ट करने और एक ही समय में यात्रा, चिकित्सा पर खर्च, घर की मरम्मत जैसे शॉर्ट टर्म खर्चों का प्रबंधन करने के लिए लिक्विडिटी देता है। नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड (NSDL) की एमडी और सीईओ पद्मजा चुंदरू ने कहा किएनएसडीएल भारतीय सिक्योरिटी मार्केट के लिए एक टेक्नोलॉजी सपोर्टर और सहायक रहा है। हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि हमारी तकनीक और API स्टैक बाजार के पार्टिसिपेंट्स यानी सहभागियों और निवेशकों को ऑपरेशन और बिजनेस में आसानी के लिए  सुविधा प्रदान करे। डिजिटल लोन अगेंस्ट शेयर्स के लिए एनएसडीएल और मिरे एसेट फाइनेंशियल सर्विसेज (MAFS) के बीच कार्यान्वित टेक्‍नोलॉजी इंटीग्रेशन, एनएसडीएल के डीमैट खाताधारकों के लिए बहुत कम समय में डिजिटल मोड में सिक्योरिटी के बदले लोन पाने के लिए एक अनूठा प्रोडक्ट प्रदान करता है। लोन आरंभ करने की प्रक्रिया से लेकर, डीमैट खाते में सिक्योरिटी को गिरवी रखने और लोन के डिस्बर्समेंट तक, यह प्रक्रिया पूरी तरह से आटोमेटेड यानी स्वचालित…

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