Bank Fraud से बचने के लिए इन बातों का रखना होगा ध्यान

(Bachatmantra Desk)

आपके पास एक फ़ोन आता है कि आपके फ़ोन नंबर को चुना गया है किसी ईनाम के लिए। ईनाम में भारी भरकम राशि ऑफ़र की जाती है। या फिर आप कहीं ख़रीदारी करते हैं तो आपके पास मैसेज आता है कि आपको इस ख़रीद पर कैशबैक ऑफ़र किया जा रहा है। दोनों ही मामलों में आपको या तो ओटीपी शेयर करने के लिए कहा जाता है या फिर QR कोड स्कैन करने के लिए कहा जाता है। और जैसे ही आप यह करते हैं तो पाते हैं कि आपके बैंक खाते में कैशबैक या ईनाम की राशि आने के बजाये एक मोटी रक़म वहाँ से निकल गई। उसके बाद आपके पास अपना माथा पीटने के अलावा कोई चारा नहीं होता और आप आसानी से बैंक फ़्रॉड के शिकार हो जाते हैं।

आजकल यह फ्रॉड सिर्फ ईनाम का ही प्रलोभन नहीं दे रहे, बल्कि आपसे आपके क्रेडिट या डेबिट कार्ड के लॉक हो जाने या आपकी जीवन बीमा पालिसी पर रिटर्न की राशि देने के लिए भी आपसे संपर्क करते हैं। QR कोड के ज़रिए जालसाज़ी फ़िलहाल इन साइबर अपराधियों का सबसे नया तरीक़ा है। भारतीय रिज़र्व बैंक लगातार इस बात का प्रचार कर रहा है कि इस तरह की जालसाज़ी से बचने के लिए आपको क्या उपाय करने चाहिएं। हम भी अपने पाठकों और सदस्यों को इस बारे में सचेत करना चाहते हैं कि ऑनलाइन बैंकिंग, डिजिटल पेमेंट और ऑनलाइन ख़रीदारी करने के साथ साथ जहां आप अपना फ़ोन नंबर दे रहे हैं, उसमें आपको किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

किन बातों का रखें ध्यान

-बैंक के क्रेडिट-डेबिट कार्ड का पिन किसी के साथ शेयर न करें

-अपनी ऑनलाइन बैंकिंग का पासवर्ड किसी को न बताएं। खुद बैंक भी कभी आपसे ये जानकारी नहीं लेता, इसलिए बैंक से फोन है, कहने वालों को ये जानकारी बिल्कुल न दें

-कहीं भी अपना मोबाइल नंबर और ईमेल आइडी जब तक बहुत आवश्यक न हो न दें। शॉपिंग में बिलिंग के अतिरिक्त किसी के भी माँगने पर इसे शेयर न करें

-पेट्रोल पंप, चौराहों आदि पर आपको कई तरह के ऑफ़र देने वाले मिलते हैं और फार्म भरने को कहते हैं जिसमें मोबाइल नंबर माँगा जाता है। उनसे भी अपना नंबर शेयर करने से बचे

-फ़ोन पर किसी के साथ OTP शेयर न करें

-एटीएम से पैसे की निकासी के वक्त अपना पिन छिपा कर डालें और आसपास नज़र रखें

-एटीएम में कार्ड डालते वक्त मशीन को जाँच लें कहीं कोई कैमरा या डिवाइस तो नहीं छिपी है

-किसी भी अपरिचित नंबर से आये मैसेज के लिंक पर क्लिक न करें, ऐसा करने से हैकर आपके फ़ोन को हैक कर सकता है

-अपरिचित आइडी से आने वाले मेल में आये लिंक पर भी क्लिक न करें

हमेशा इस बात का ध्यान रखें कि बैंक में जमा आपकी धनराशि आपकी गाढ़ी मेहनत से कमाई गई है। उसे किसी लालच या अनजाने में लूटने का मौक़ा न दें। बैंक और बीमा कंपनियाँ आपसे कभी ओटीपी या पासवर्ड शेयर करने को नहीं कहतीं, भले ही आपका क्रेडिट या डेबिट कार्ड खो गया हो या किसी वजह से ल़ॉक हो गया हो। यही नहीं बीमा पॉलिसी लैप्स हो जाने पर भी इंश्योरेंस कंपनी आपसे ओटीपी या पासवर्ड शेयर करने को नहीं कहती। इन छोटी छोटी बातों का ध्यान रखकर और थोड़ी सतर्कता बरतने से आप खुद को धोखाधड़ी का शिकार होने से बचा सकते हैं।

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