NFO : Baroda BNP Pariba म्यूचुअल फंड का बड़ौदा बीएनपी पारिबा निफ्टी 200 मोमेंटम 30 इंडेक्स फंड

निफ्टी 200 मोमेंटम 30 टोटल रिटर्न इंडेक्स को ट्रैक करने वाली एक ओपन-एंडेड स्कीम

मुंबई। अगर आप म्‍यूचुअल फंड की किसी इनोवेटिव स्‍कीम में
निवेश करने की तलाश में हैं तो आपके पास अच्छा मौका है। बड़ौदा बीएनपी पारिबा
म्यूचुअल फंड ने अपना न्‍यू फंड ऑफर (NFO) बड़ौदा बीएनपी पारिबा निफ्टी 200 मोमेंटम
30 इंडेक्स फंड लॉन्च किया है। यह न्‍यू फंड ऑफर 25 सितंबर 2024 को खुल रहा है और 9
अक्टूबर 2024 को बंद होगा। यह एक ओपेन एंडेड इक्विटी स्कीम है, जो निफ्टी 200
मोमेंटम 30 टोटल रिटर्न इंडेक्स को ट्रैक करेगी। इस स्‍कीम को मोमेंटम इन्वेस्टिंग की ताकत
का लाभ उठाने के लिए डिजाइन किया गया है। इस स्‍कीम द्वारा निवेश के लिए निफ्टी 200
टोटल रिटर्न इंडेक्स से मोमेंटम के आधार पर टॉप 30 शेयरों का चुनाव किया जाएगा।  इस
तरह से यह निवेशकों को बेहतर रिटर्न हासिल करने के लिए एक स्मार्ट और पैसिव स्‍ट्रैटेजी
प्रदान करता है।
NFO की प्रमुख विशेषताएं:

 यह फंड 30 कंपनियों के पोर्टफोलियो में निवेश के जरिए निफ्टी 200 मोमेंटम 30
इंडेक्स को ट्रैक करेगा, ये 30 स्‍टॉक निफ्टी 200 मोमेंटम 30 इंडेक्स के ही हिस्सा होंगे।
 इन 30 कंपनियों का चुनाव निफ्टी 200 इंडेक्स से उनके सामान्य मोमेंटम स्कोर के
आधार पर किया जाता है।
 निफ्टी 200 मोमेंटम 30 इंडेक्स ने अपनी स्थापना के बाद से ही निफ्टी 50 इंडेक्स की
तुलना में लगातार बेहतर प्रदर्शन किया है।
 अप्रैल 2005 में निफ्टी 200 मोमेंटम 30 इंडेक्स टीआरआई की शुरुआत में अगर किसी
निवेशक ने इसमें 1 लाख रुपये निवेश किया होगा, तो उसके निवेश की वैल्‍यू बढ़कर
अब 46 लाख रुपये हो गई होगी। जबकि निफ्टी 50 टीआरआई में उसी समय किसी ने
1 लाख रुपये निवेश किया होगा, तो अब उसकी वैल्‍यू बढ़कर 15.5 लाख रुपये हुई

होगी। यानी निफ्टी 200 मोमेंटम 30 इंडेक्स ने इस दौरान निफ्टी 50 टीआरआई की
तुलना में करीब 3 गुना अधिक रिटर्न दिया है। # नोट : पिछला प्रदर्शन भविष्य में
कायम रह भी सकता है और नहीं भी, वहीं भविष्य में किसी रिटर्न की गारंटी नहीं है।
 यह एनएफओ अवधि 25 सितंबर, 2024 को खुल रहा है और इसमें 9 अक्टूबर, 2024
तक निवेश किया जा सकता है।
बड़ौदा बीएनपी पारिबा निफ्टी 200 मोमेंटम 30 इंडेक्स फंड निवेशकों को अपने
पोर्टफोलियो में मोमेंटम जोड़ने का अवसर प्रदान करेगा। फंड की मोमेंटम-बेस्‍ड स्‍ट्रैटेजी का
लक्ष्य अनुकूल परिस्थितियों वाले शेयरों को टारगेट करना है, जिसके पीछे स्‍ट्रैटेजी यह है कि
ये स्‍टॉक पहले से ही अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं और वे भविष्य में भी ऐसा करना जारी रखेंगे।
इस फंड का फोकस मार्केट कैपिटलाइजेशन के लिहाज से टॉप 200 कंपनियों पर होगा और
उसमें से बेहतर मोमेंटम वाले 30 शेयरों का चुनाव किया जाएगा। इस फंड का लक्ष्य उन
छोटी कंपनियों में निवेशकों का एक्‍सपोजर कम करना है, जो अधिक अस्थिर और जोखिम
भरी होती हैं। इस स्‍ट्रैटेजी से निवेशकों के साथ जुड़ने वाला जोखिम भी कम हो जाता है।
बड़ौदा बीएनपी पारिबा एएमसी के सीईओ सुरेश सोनी का कहना है कि हमारा बड़ौदा
बीएनपी पारिबा निफ्टी 200 मोमेंटम 30 इंडेक्स फंड पैसिव इन्वेस्टिंग की कास्‍ट-
एफिशिएंसी (लागत दक्षता) और फैक्‍टर-बेस्‍ड निवेश का लाभ उठाकर बेहतर प्रदर्शन की
क्षमता दोनों की ही सबसे अच्छी पेशकश करना चाहता है। फैक्‍टर इन्वेस्टिंग, जो पैसिव
इन्वेस्टिंग के तहत एक अवधारणा है, मूल रूप से उन फैक्‍टर्स की पहचान करने की कोशिश
करता है, जो स्टॉक के बेहतर प्रदर्शन में योगदान करते हैं। इन फैक्‍टर के एनालिसिस
(विश्लेषण) से संकेत मिलता है कि मोमेंटम फैक्‍टर के प्रदर्शन का ट्रैक रिकॉर्ड, भारत में सबसे
अच्छे प्रदर्शन वाले ट्रैक रिकॉर्ड में से एक है। इस स्‍ट्रैटेजी ने बैक-टेस्टिंग में अच्छे रिजल्‍ट
दिए हैं, साथ ही मोमेंटम स्‍ट्रैटेजी (जैसा कि निफ्टी 200 मोमेंटम 30 इंडेक्स द्वारा दिखाया
गया है) ने निफ्टी 50 इंडेक्स से लगातार बेहतर प्रदर्शन किया है।
पिछले 15 साल के आंकड़ों का एनालिसिस  करने से पता चलता है कि निफ्टी 200 मोमेंटम
30 इंडेक्स टीआरआई 22 फीसदी सालाना की सीएजीआर से बढ़ी है, जबकि निफ्टी 50
टीआरआई में 13 फीसदी सालाना ग्रोथ है। (सोर्स: nseindia.com, डाटा 31 अगस्त 2024 तक)।
फैक्टर इन्वेस्टिंग निवेशकों में निवेश को लेकर किसी तरह के कंफ्यूजन को दूर करता है और
निफ्टी 200 मोमेंटम 30 इंडेक्स की नकल कर रूल-बेस्ड इन्वेस्टिंग का पालन करता है।

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