NFO : कोटक म्यूचुअल फंड ने लॉन्च किया कोटक एमएनसी फंड

पोर्टफोलियो में मल्टीनेशनल कंपनियों के स्टॉक शामिल करने का मौका

मुंबई। आप म्यूचुअल फंड की किसी नई और इनोवेटिव थीम वाली
स्कीम में निवेश करना चाहते हैं, तो आपके पास अच्छा मौका है। Kotak Mahindra Asset Management Company (KMAMC/कोटक म्यूचुअल फंड) ने मल्टीनेशनल कंपनीज (MNC)
थीम पर आधारित अपना न्‍यू फंड ऑफर (NFO) लॉन्च किया है। यह नई स्कीम कोटक
एमएनसी फंड के नाम से लॉन्च की गई है, जो एक ओपन-एंडेड इक्विटी स्कीम है। इस फंड के
जरिए निवेशकों को ग्लोबल लेवल पर पहुंच वाली मल्टीनेशनल कंपनियों में एक्सपोजर
मिलेगा।
पोर्टफोलियो में अलग अलग सेक्टर और अलग अलग मार्केट कैप की मजबूत मल्टीनेशनल
कंपनियों के स्टॉक होंगे, जिससे डाइवर्सिफिकेशन का भी लाभ मिलेगा। कोटक एमएनसी
फंड सब्सक्रिप्शन के लिए 7 अक्टूबर, 2024 को खुल रही है और इसमें 21 अक्टूबर, 2024 तक
निवेश किया जा सकता है।
मल्टीनेशनल कंपनियों को अपनी ग्‍लोबल उपस्थिति, मजबूत ब्रांड और रिसर्च एंड
डेवलपमेंट क्षमताओं के साथ, अक्सर घरेलू कंपनियों पर कुछ बढ़त का लाभ मिलता है।
कोटक एमएनसी फंड उन मल्टीनेशनल कंपनियों में निवेश पर फोकस करता है, जो अपनी
मजबूत ग्लोबल ब्रांड प्रेजेंस, एडवांस ऑपरेशन, एडवांस टेक्नोलॉजी के चलते मिलने वाले
लाभ, मजबूत मैनेजमेंट क्वालिटी और वित्तीय रूप से मजबूती के लिए जानी जाती हैं। ये
कंपनियां अलग अलग सेक्टर में मौजूद हैं और महत्वपूर्ण इंटरनेशनल बिजनेस एक्सपोजर
रखती हैं।
यह फंड निवेशकों को एक डाइवर्सिफाइड पोर्टफोलियो प्रदान करता है, जो इन अच्छी तरह
से स्थापित ग्लोबल कंपनियों की दीर्घकालिक ग्रोथ क्षमता का लाभ उठाता है। यानी इसमें
निवेशकों को मल्टीनेशनल कंपनियों की ग्रोथ का फायदा मिलता है। एमएनसी फंडों में निवेश करने से पोर्टफोलियो में डाइवर्सिफिकेशन आता है, जिससे रिस्क और अस्थिरता कम
होती है। बाजार की अनिश्चितताओं के दौरान यह विशेष रूप से फायदेमंद हो सकता है।
कोटक एमएनसी फंड का लक्ष्य मल्टीनेशनल कंपनियों की इक्विटी और इक्विटी से संबंधित
सिक्योरिटीज में निवेश कर लंबी अवधि में हाई रिटर्न हासिल करना है। फंड में अलग अलग
मार्केट कैप यानी लार्जकैप, मिडकैप और स्मॉलकैप कंपनियों में निवेश की सुविधा है।
कोटक महिंद्रा एसेट मैनेजमेंट कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर, नीलेश शाह ने कहा कि
मल्टीनेशनल कंपनियां रिसर्च, इनोवेशन और एडवांस टेक्नोलॉजी के साथ आगे बढ़ती हैं। ये
कंपनियां अलग अलग भौगोलिक क्षेत्रों में श्रेष्ठता रखती हैं और उनके पास मजबूत बिजनेस
मॉडल होते हैं, जिससे समान सेक्टर की दूसरी कंपनियों की तुलना में उन्हें फायदा मिलता
है। कोटक एमएनसी फंड का लक्ष्य मल्टीनेशनल कंपनियों की इसी मजबूती का लाभ उठाना
है। साथ ही निवेशकों को अलग अलग सेक्टर, भौगोलिक क्षेत्रों और मार्केट कैप में मार्केट
लीडर्स तक पहुंच प्रदान करना है।
इस फंड के साथ, हमारा लक्ष्य उन कंपनियों में निवेश करना है, जिनके पास न सिर्फ मजबूत
ग्लोबल फुटप्रिंट हैं, बल्कि मजबूत ग्रोथ क्षमता भी है। हम अलग अलग मार्केट कैप और
सेक्टर में बेहतर विकल्पों का चुनाव करेंगे, साथ ही यह सुनिश्चित करेंगे कि हम अपने
निवेशकों को वैल्यू प्रदान करना जारी रखें।
इस फंड का प्रबंधन हर्ष उपाध्याय और धनंजय टिकारिहा द्वारा किया जाएगा, जिन्हें एक
अनुभवी रिसर्च टीम द्वारा समर्थन होगा। यह फंड उचित वैल्युएशन पर सस्टेनेबल ग्रोथ की
क्षमता वाली कंपनियों की पहचान करेगा, एक मजबूत रिसर्च टीम और फ्रेमवर्क से गहरी
समझ का लाभ उठाएगा, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि अलग अलग मार्केट कैप
और अलग अलग सेक्टर में सबसे बेहतर अवसरों का लाभ उठाया जा सके।
कोटक महिंद्रा एसेट मैनेजमेंट कंपनी  के सीआईओ एंड फंड मैनेजर, हर्ष उपाध्याय ने कहा
कि कोटक एमएनसी फंड को मल्टीनेशनल कंपनियों की क्षमता का लाभ उठाने के लिए
डिजाइन किया गया है, जिसका लक्ष्य इनोवेशन और ऑपरेशनल स्ट्रेंथ के माध्यम से
लगातार बेहतर प्रदर्शन करना है। हमारा मानना है कि मल्टीनेशनल कंपनियां, अपनी
ग्लोबल स्तर पर विशेषज्ञता और स्थानीय समझ के साथ, बाजार की बदलती परिस्थितियों
या गतिशीलता से लाभ उठाने के लिए मजबूत स्थिति में हैं। हमारा ध्यान एक बेहतर
पोर्टफोलियो बनाने पर होगा, जो न सिर्फ ग्रोथ बल्कि हर तरह की परिस्थितियों या
चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटना चाहता है। फंड यह भी सुनिश्चित करेगा कि अलग
अलग इकोनॉमिक साइकिल में अवसरों का लाभ उठा सकें। 
यह स्‍कीम पब्लिक सब्सक्रिप्शन के लिए 7 अक्टूबर, 2024 को खुल रही है और 21 अक्टूबर,
2024 तक इसमें निवेश किया जा सकता है। 

निवेशक इस स्‍कीम में मिनिमम 100 रुपये और उसके बाद 1 रुपये के मल्‍टीपल में कितनी
भी राशि निवेश कर सकते हैं। कोटक एमएनसी फंड के बारे में अधिक जानकारी के लिए,
कृपया कोटक एमएनसी फंड एनएफओ पर जाएं

NFO : Baroda BNP Pariba म्यूचुअल फंड का बड़ौदा बीएनपी पारिबा निफ्टी 200 मोमेंटम 30 इंडेक्स फंड

निफ्टी 200 मोमेंटम 30 टोटल रिटर्न इंडेक्स को ट्रैक करने वाली एक ओपन-एंडेड स्कीम

मुंबई। अगर आप म्‍यूचुअल फंड की किसी इनोवेटिव स्‍कीम में
निवेश करने की तलाश में हैं तो आपके पास अच्छा मौका है। बड़ौदा बीएनपी पारिबा
म्यूचुअल फंड ने अपना न्‍यू फंड ऑफर (NFO) बड़ौदा बीएनपी पारिबा निफ्टी 200 मोमेंटम
30 इंडेक्स फंड लॉन्च किया है। यह न्‍यू फंड ऑफर 25 सितंबर 2024 को खुल रहा है और 9
अक्टूबर 2024 को बंद होगा। यह एक ओपेन एंडेड इक्विटी स्कीम है, जो निफ्टी 200
मोमेंटम 30 टोटल रिटर्न इंडेक्स को ट्रैक करेगी। इस स्‍कीम को मोमेंटम इन्वेस्टिंग की ताकत
का लाभ उठाने के लिए डिजाइन किया गया है। इस स्‍कीम द्वारा निवेश के लिए निफ्टी 200
टोटल रिटर्न इंडेक्स से मोमेंटम के आधार पर टॉप 30 शेयरों का चुनाव किया जाएगा।  इस
तरह से यह निवेशकों को बेहतर रिटर्न हासिल करने के लिए एक स्मार्ट और पैसिव स्‍ट्रैटेजी
प्रदान करता है।
NFO की प्रमुख विशेषताएं:

 यह फंड 30 कंपनियों के पोर्टफोलियो में निवेश के जरिए निफ्टी 200 मोमेंटम 30
इंडेक्स को ट्रैक करेगा, ये 30 स्‍टॉक निफ्टी 200 मोमेंटम 30 इंडेक्स के ही हिस्सा होंगे।
 इन 30 कंपनियों का चुनाव निफ्टी 200 इंडेक्स से उनके सामान्य मोमेंटम स्कोर के
आधार पर किया जाता है।
 निफ्टी 200 मोमेंटम 30 इंडेक्स ने अपनी स्थापना के बाद से ही निफ्टी 50 इंडेक्स की
तुलना में लगातार बेहतर प्रदर्शन किया है।
 अप्रैल 2005 में निफ्टी 200 मोमेंटम 30 इंडेक्स टीआरआई की शुरुआत में अगर किसी
निवेशक ने इसमें 1 लाख रुपये निवेश किया होगा, तो उसके निवेश की वैल्‍यू बढ़कर
अब 46 लाख रुपये हो गई होगी। जबकि निफ्टी 50 टीआरआई में उसी समय किसी ने
1 लाख रुपये निवेश किया होगा, तो अब उसकी वैल्‍यू बढ़कर 15.5 लाख रुपये हुई

होगी। यानी निफ्टी 200 मोमेंटम 30 इंडेक्स ने इस दौरान निफ्टी 50 टीआरआई की
तुलना में करीब 3 गुना अधिक रिटर्न दिया है। # नोट : पिछला प्रदर्शन भविष्य में
कायम रह भी सकता है और नहीं भी, वहीं भविष्य में किसी रिटर्न की गारंटी नहीं है।
 यह एनएफओ अवधि 25 सितंबर, 2024 को खुल रहा है और इसमें 9 अक्टूबर, 2024
तक निवेश किया जा सकता है।
बड़ौदा बीएनपी पारिबा निफ्टी 200 मोमेंटम 30 इंडेक्स फंड निवेशकों को अपने
पोर्टफोलियो में मोमेंटम जोड़ने का अवसर प्रदान करेगा। फंड की मोमेंटम-बेस्‍ड स्‍ट्रैटेजी का
लक्ष्य अनुकूल परिस्थितियों वाले शेयरों को टारगेट करना है, जिसके पीछे स्‍ट्रैटेजी यह है कि
ये स्‍टॉक पहले से ही अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं और वे भविष्य में भी ऐसा करना जारी रखेंगे।
इस फंड का फोकस मार्केट कैपिटलाइजेशन के लिहाज से टॉप 200 कंपनियों पर होगा और
उसमें से बेहतर मोमेंटम वाले 30 शेयरों का चुनाव किया जाएगा। इस फंड का लक्ष्य उन
छोटी कंपनियों में निवेशकों का एक्‍सपोजर कम करना है, जो अधिक अस्थिर और जोखिम
भरी होती हैं। इस स्‍ट्रैटेजी से निवेशकों के साथ जुड़ने वाला जोखिम भी कम हो जाता है।
बड़ौदा बीएनपी पारिबा एएमसी के सीईओ सुरेश सोनी का कहना है कि हमारा बड़ौदा
बीएनपी पारिबा निफ्टी 200 मोमेंटम 30 इंडेक्स फंड पैसिव इन्वेस्टिंग की कास्‍ट-
एफिशिएंसी (लागत दक्षता) और फैक्‍टर-बेस्‍ड निवेश का लाभ उठाकर बेहतर प्रदर्शन की
क्षमता दोनों की ही सबसे अच्छी पेशकश करना चाहता है। फैक्‍टर इन्वेस्टिंग, जो पैसिव
इन्वेस्टिंग के तहत एक अवधारणा है, मूल रूप से उन फैक्‍टर्स की पहचान करने की कोशिश
करता है, जो स्टॉक के बेहतर प्रदर्शन में योगदान करते हैं। इन फैक्‍टर के एनालिसिस
(विश्लेषण) से संकेत मिलता है कि मोमेंटम फैक्‍टर के प्रदर्शन का ट्रैक रिकॉर्ड, भारत में सबसे
अच्छे प्रदर्शन वाले ट्रैक रिकॉर्ड में से एक है। इस स्‍ट्रैटेजी ने बैक-टेस्टिंग में अच्छे रिजल्‍ट
दिए हैं, साथ ही मोमेंटम स्‍ट्रैटेजी (जैसा कि निफ्टी 200 मोमेंटम 30 इंडेक्स द्वारा दिखाया
गया है) ने निफ्टी 50 इंडेक्स से लगातार बेहतर प्रदर्शन किया है।
पिछले 15 साल के आंकड़ों का एनालिसिस  करने से पता चलता है कि निफ्टी 200 मोमेंटम
30 इंडेक्स टीआरआई 22 फीसदी सालाना की सीएजीआर से बढ़ी है, जबकि निफ्टी 50
टीआरआई में 13 फीसदी सालाना ग्रोथ है। (सोर्स: nseindia.com, डाटा 31 अगस्त 2024 तक)।
फैक्टर इन्वेस्टिंग निवेशकों में निवेश को लेकर किसी तरह के कंफ्यूजन को दूर करता है और
निफ्टी 200 मोमेंटम 30 इंडेक्स की नकल कर रूल-बेस्ड इन्वेस्टिंग का पालन करता है।

Baroda BNP पारिबा मल्टीकैप फंड ने हासिल की 2 बड़ी उपलब्धियां

फंड के 21 साल हुए पूरे, एयूएम 2500 करोड़

रुपये के पार

मुंबई। बड़ौदा बीएनपी पारिबा मल्टीकैप फंड ने अपने
21 साल पूरी होने की बड़ी उपलब्धि हासिल की है. वहीं 21 साल होने पर बड़ौदा
बीएनपी पारिबा मल्टीकैप फंड ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। इस फंड का
एसेट अंडर मैनेजमेंट (एयूएम – AUM) 2500 करोड़ रुपये के पार चला गया है।
लार्जकैप, मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों को मिलाकर अपने संतुलित पोर्टफोलियो के
लिए जानी जाने वाली इस स्‍कीम ने शॉर्ट टर्म और मिड टर्म (1 साल और 3 साल) के
लिए अपने बेंचमार्क इंडेक्स की तुलना में लगातार बेहतर प्रदर्शन किया है।
अपने लॉन्च के बाद से, बड़ौदा बीएनपी पारिबा मल्टीकैप फंड मजबूत रिटर्न चाहने
वाले निवेशकों के लिए एक आकर्षक विकल्प रहा है। अगर किसी निवेशक ने योजना
के लॉन्च के समय से सिस्‍टमैटिक इन्‍वेस्‍टमेंट प्‍लान (एसआईपी) के माध्यम से
मंथली 10,000 रुपये का निवेश होगा, तो आज उसके निवेश की वैल्‍यू बढ़कर 1.58
करोड़ रुपये से अधिक हो गई होगी। फंड का शार्प रेश्यो 1.11 इसकी मजबूत रिस्क-
एडजस्टेड रिटर्न देने की क्षमता को दिखाता है, जबकि इसका एक से कम बीटा संकेत
करता है कि ये रिटर्न लिमिटेड निगेटिव जोखिम के साथ हासिल किए गए थे। योजना
का प्रदर्शन म्यूचुअल फंड के ब्रांड वादे ‘टुगेदर फॉर मोर’ का प्रमाण है।
बड़ौदा बीएनपी पारिबा मल्टीकैप फंड की बात करें तो यह मल्टी-कैप इंडेक्स यूनिव
का लाभ उठाता है, जो फंड मैनेजर्स को मीडिया, टेक्सटाइल और फॉरेस्ट मैटेरियल्स
सहित कई सेक्टर में निवेश करने की सुविधा प्रदान करता है, जो अक्सर लार्ज-कैप
इंडेक्स से अनुपस्थित होते हैं। यह व्यापक डाइवर्सिफिकेशन फंड को अनूठे ग्रोथ

अवसरों का लाभ उठाने और अलग अलग इकोनॉमिक साइकिल में जोखिमों को कम
करने में सक्षम बनाता है।
यह स्कीम, जिसका लक्ष्य 40-60 शेयरों का एक डाइवर्सिफाइड पोर्टफोलियो बनाए
रखना है, डाइवर्सिफिकेशन के साथ ग्रोथ चाहने वाले निवेशकों, पहली बार एक ही
फंड के माध्यम से अलग अलग मार्केट कैप में निवेश की तलाश करने वाले निवेशकों
और भारत की ग्रोथ स्टोरी में भाग लेने की इच्छा रखने वाले निवेशकों के लिए बेहतर
विकल्प है। इस फंड का प्रबंधन श्री चावला द्वारा फ्लैगशिप प्रोडक्ट के नामित फंड
मैनेजर के रूप में किया जाता है।

ICICI Prudential Mutual Fund ने आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल निफ्टी लार्जमिडकैप 250 इंडेक्स फंड लॉन्च किया

एनएफओ 22 फरवरी 2024 को खुला और 7 मार्च 2024 को बंद होगा

मुंबई। ICICI Prudential Mutual Fund ने आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल निफ्टी लार्जमिडकैप 250 इंडेक्स फंड लॉन्च करने की घोषणा की है। यह फंड निफ्टी लार्जमिडकैप 250 इंडेक्स के घटकों में निवेश करता है। यह सूचकांक निफ्टी 100 और निफ्टी मिडकैप 150 ब्रह्मांड की सभी कंपनियों का प्रतिनिधित्व करता है। सूचकांक को अर्ध-वार्षिक आधार पर पुनः संतुलित किया जाता है और लार्ज कैप स्टॉक और मिड कैप स्टॉक का कुल भार 50% प्रत्येक पर बनाए रखा जाता है। यदि आवश्यक हो तो कोई भी रीसेट तिमाही आधार पर किया जाता है।

आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल निफ्टी लार्जमिडकैप 250 इंडेक्स फंड में निवेश क्यों करें?

  • मार्केटकैप एक्सपोजर: बाजार के बड़े और मिडकैप सेगमेंट में एक्सपोजर प्रदान करता है
  • आर्थिक विकास: ऐतिहासिक रूप से, आर्थिक उछाल के दौरान लार्ज मिडकैप सूचकांक ने लार्ज कैप सूचकांकों से बेहतर प्रदर्शन किया है।
  • संतुलित विविधीकरण: यह व्यक्तिगत रूप से लार्ज कैप इंडेक्स और मिडकैप इंडेक्स की तुलना में बेहतर और अधिक संतुलित विविधीकरण प्रदान करता है।
  • कम पूंजी की आवश्यकता: 100 रुपये की न्यूनतम निवेश राशि के लिए, एक निवेशक को सभी 250 बड़े और मिडकैप शेयरों में निवेश मिलता है।
  • आकार परिवर्तन: बड़े कैप बनने की क्षमता वाले कई मिडकैप शेयरों की विकास कहानी में भाग लेने का लक्ष्य।
  • अनुकूल जोखिम और रिटर्न अनुपात: ऐतिहासिक रूप से, लार्जमिडकैप इंडेक्स में मिडकैप इंडेक्स की तुलना में अनुकूल जोखिम और रिटर्न अनुपात होता है।
  • व्यवस्थित विशेषताएं: व्यवस्थित निवेश योजना (एसआईपी), व्यवस्थित स्थानांतरण योजना (एसटीपी) आदि का लाभ उठाने का अवसर।
  • गैर-डीमैट धारक: गैर-डीमैट खाताधारकों को बाजार के बड़े और मिडकैप खंड में निवेश की अनुमति देगा।

इंडेक्स फंड के लॉन्च पर बोलते हुए, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल एएमसी के प्रिंसिपल – निवेश रणनीति, श्री चिंतन हरिया ने कहा, “निफ्टी लार्जमिडकैप 250 इंडेक्स फंड लार्ज कैप द्वारा प्रदान की गई स्थिरता और विकास क्षमता का लाभ उठाने का एक उत्कृष्ट अवसर प्रदान करता है। कम लागत पर मिडकैप. सूचकांक निवेशकों को अधिक विविध और संतुलित क्षेत्र प्रदान करता है, व्यक्तिगत रूप से लार्ज कैप और मिडकैप की तुलना में आवंटन। निवेशक इस पेशकश को अपने इक्विटी आवंटन का एक हिस्सा मान सकते हैं और अपने दीर्घकालिक लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए व्यवस्थित निवेश मार्ग का उपयोग कर सकते हैं।

प्रदर्शन के संदर्भ में, ऐतिहासिक रूप से, निफ्टी लार्जमिडकैप 250 टीआरआई ने निफ्टी 100 टीआरआई और निफ्टी मिडकैप 150 टीआरआई की तुलना में कम जोखिम पर बेहतर रिटर्न की पेशकश की है। पिछले दशक में, सूचकांक ने 23.22% का सीएजीआर दर्ज किया है। जब कैलेंडर वर्ष के रिटर्न की बात आती है, तो निफ्टी लार्जमिडकैप 250 इंडेक्स ने पिछले 10 वर्षों में 7 बार निफ्टी 100 इंडेक्स से बेहतर प्रदर्शन किया है।

Kotak ब्लूचिप फंड के पूरे हुए 25 साल, निवेशकों के लिए साबित हुआ वेल्थ क्रिएटर

मुंबई – 20 फरवरी, 2024 – कोटक महिंद्रा एसेट मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड (“KMAMC” / “कोटक म्यूचुअल फंड”) की प्रमुख पेशकश – कोटक ब्लूचिप फंड निवेशकों के लिए वेल्थ क्रिएटर साबित हुआ है. ­ ये फंड 29 दिसंबर 1998 को शुरू किया गया था और 25 साल पूरे करते हुए निवेश की गतिशील दुनिया में विकास के प्रतीक के रूप में मजबूती से डटा आ रहा है। यह फंड भारत की आर्थिक ग्रोथ को दर्शाता है और इसमें एसआईपी करने वालों को कंपाउंडिंग का बड़ा लाभ मिला है. इस फंड ने अपनी शुरुआत के बाद से अब तक 16.36% की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (सीएजीआर) के हिसाब से रिटर्न दिया है।

फंड के प्रदर्शन का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें पिछले 25 साल में हर महीने 10,000 रुपये सिस्‍टमैटिक इन्‍वेस्‍टमेंट प्‍लान (एसआईपी) के माध्यम से निवेश करने पर कुल वैल्‍यू 31 जनवरी 2024 तक 3.50 करोड़ रुपये हो गई।

फंड ने  मजबूत बिजनेस फंडामेंटल और कुशल प्रबंधन टीमों को चुन्ते हुए  कंपनियों में निवेश किया है, जिससे यह फंड ब्लूचिप कंपनियों में निवेश करने वालों के लिए एक आदर्श विकल्प बन गया है। इसे निवेश योजनाओ का मुख्य हिस्सा बनाने के लिए डिजाइन किया गया है, जिससे निवेशकों को लंबी अवधि में ग्रोथ हासिल कर दौलत बढ़ाने में मदद मिलेगी।

कोटक ब्लूचिप फंड ने 2000 डॉट-कॉम बबल बर्स्ट, 2008 ग्लोबल फाइनेंशियल क्राइसिस, 2016 डिमोनेटाइजेशन और 2020 कोविड-19 महामारी जैसे कई आर्थिक और वैश्विक प्रतिकूलताओं के बीच इतना बेहतर रिटर्न दिया है। इन घटनाओं के माध्यम से पोर्टफोलियो को नेविगेट करना फंड के प्रदर्शन की अहम बात रही है। जब निफ्टी 50 बेंचमार्क इंडेक्स 15% पर था, तब से इस फंड ने 18% कंपाउंडेड रिटर्न के साथ बेहतर प्रदर्शन किया है।

केएमएएमसी के मैनेजिंग डायरेक्टर नीलेश शाह ने कहा कि, “पिछले 25 साल में, भारत का आउटलुक काफी विकसित हुआ है। हर आर्थिक चक्र, राजनीतिक चरण और बुनियादी बदलाव के माध्यम से, कोटक ब्लूचिप फंड ने भारत के विकास की कहानी को खुद में प्रतिबिंबित किया है।”

केएमएएमसी के चीफ इन्वेस्टमेंट ऑफिसर- इक्विटी, हर्षा उपाध्याय ने इस फंड के प्रदर्शन में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी है और अच्छा मार्गदर्शन करते हुए भारत की ब्लू-चिप कंपनियों में निवेश करके निवेशकों को ग्रोथ का अवसर प्रदान किया है। फंड के 25 साल पूरे होने पर उन्होंने कहा कि, “कोटक ब्लूचिप फंड ने पिछले 25 सालों में अलग अलग आर्थिक, राजनीतिक और सामाजिक परिवर्तनों को सफलतापूर्वक पूरा किया है। फंड ने अलग अलग अवधि में निफ्टी 100 टीआरआई (Nifty 100 TRI) और निफ्टी 50 टीआरआई (Nifty 50 TRI) दोनों से बेहतर प्रदर्शन किया है।”

31 जनवरी, 2024 तक फंड का एसेट अंडर मैनेजमेंट (एयूएम) 7424.61 करोड़ रुपये है, जो इसकी क्षमता को दिखाता है।

कोटक ब्लूचिप फंड सिर्फ भारत के विकास की कहानी का हिस्सा नहीं है, यह उस कहानी में एक महत्वपूर्ण अध्याय का प्रतिनिधित्व भी करता है। यह ग्रोथ की निरंतर खोज और लचीलेपन की कहानी है।

अपनी शुरुआत से अब तक 16.36% CAGR का SIP रिटर्न दिया है  

मुंबई।  कोटक महिंद्रा एसेट मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड (“KMAMC” / “कोटक म्यूचुअल फंड”) की प्रमुख पेशकश – कोटक ब्लूचिप फंड निवेशकों के लिए वेल्थ क्रिएटर साबित हुआ है. ­ ये फंड 29 दिसंबर 1998 को शुरू किया गया था और 25 साल पूरे करते हुए निवेश की गतिशील दुनिया में विकास के प्रतीक के रूप में मजबूती से डटा आ रहा है। यह फंड भारत की आर्थिक ग्रोथ को दर्शाता है और इसमें एसआईपी करने वालों को कंपाउंडिंग का बड़ा लाभ मिला है. इस फंड ने अपनी शुरुआत के बाद से अब तक 16.36% की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (सीएजीआर) के हिसाब से रिटर्न दिया है।

फंड के प्रदर्शन का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें पिछले 25 साल में हर महीने 10,000 रुपये सिस्‍टमैटिक इन्‍वेस्‍टमेंट प्‍लान (एसआईपी) के माध्यम से निवेश करने पर कुल वैल्‍यू 31 जनवरी 2024 तक 3.50 करोड़ रुपये हो गई।

फंड ने  मजबूत बिजनेस फंडामेंटल और कुशल प्रबंधन टीमों को चुन्ते हुए  कंपनियों में निवेश किया है, जिससे यह फंड ब्लूचिप कंपनियों में निवेश करने वालों के लिए एक आदर्श विकल्प बन गया है। इसे निवेश योजनाओ का मुख्य हिस्सा बनाने के लिए डिजाइन किया गया है, जिससे निवेशकों को लंबी अवधि में ग्रोथ हासिल कर दौलत बढ़ाने में मदद मिलेगी।

कोटक ब्लूचिप फंड ने 2000 डॉट-कॉम बबल बर्स्ट, 2008 ग्लोबल फाइनेंशियल क्राइसिस, 2016 डिमोनेटाइजेशन और 2020 कोविड-19 महामारी जैसे कई आर्थिक और वैश्विक प्रतिकूलताओं के बीच इतना बेहतर रिटर्न दिया है। इन घटनाओं के माध्यम से पोर्टफोलियो को नेविगेट करना फंड के प्रदर्शन की अहम बात रही है। जब निफ्टी 50 बेंचमार्क इंडेक्स 15% पर था, तब से इस फंड ने 18% कंपाउंडेड रिटर्न के साथ बेहतर प्रदर्शन किया है।

केएमएएमसी के मैनेजिंग डायरेक्टर नीलेश शाह ने कहा कि, “पिछले 25 साल में, भारत का आउटलुक काफी विकसित हुआ है। हर आर्थिक चक्र, राजनीतिक चरण और बुनियादी बदलाव के माध्यम से, कोटक ब्लूचिप फंड ने भारत के विकास की कहानी को खुद में प्रतिबिंबित किया है।”

केएमएएमसी के चीफ इन्वेस्टमेंट ऑफिसर- इक्विटी, हर्षा उपाध्याय ने इस फंड के प्रदर्शन में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी है और अच्छा मार्गदर्शन करते हुए भारत की ब्लू-चिप कंपनियों में निवेश करके निवेशकों को ग्रोथ का अवसर प्रदान किया है। फंड के 25 साल पूरे होने पर उन्होंने कहा कि, “कोटक ब्लूचिप फंड ने पिछले 25 सालों में अलग अलग आर्थिक, राजनीतिक और सामाजिक परिवर्तनों को सफलतापूर्वक पूरा किया है। फंड ने अलग अलग अवधि में निफ्टी 100 टीआरआई (Nifty 100 TRI) और निफ्टी 50 टीआरआई (Nifty 50 TRI) दोनों से बेहतर प्रदर्शन किया है।”

31 जनवरी, 2024 तक फंड का एसेट अंडर मैनेजमेंट (एयूएम) 7424.61 करोड़ रुपये है, जो इसकी क्षमता को दिखाता है।

कोटक ब्लूचिप फंड सिर्फ भारत के विकास की कहानी का हिस्सा नहीं है, यह उस कहानी में एक महत्वपूर्ण अध्याय का प्रतिनिधित्व भी करता है। यह ग्रोथ की निरंतर खोज और लचीलेपन की कहानी है।

बड़ौदा बीएनपी पारिबा म्यूचुअल फंड ने लॉन्च किया बड़ौदा बीएनपी पारिबा इनोवेशन फंड

  • तेजी से ग्रोथ कर रहीं इनोवेटिव कंपनियों में निवेश करना है लक्ष्य
  • यह इनोवेशन थीम में निवेश करने वाली एक ओपन-एंडेड इक्विटी योजना है।
  • यह फंड निवेश की प्रमुख थीम की पहचान करेगाइसका लक्ष्य उन कंपनियों में निवेश करना है जो अपने बिजनेस मॉडलप्रक्रियाओं और उत्पादों/सेवाओं में नयापन ला रही हैं।
  • यह एनएफओ 14 फरवरी 2024 को खुल गया है और 28 फरवरी 2024 को बंद होगा।

मुंबई। (Baroda BNP Pariba Mutual Fund) बड़ौदा बीएनपी पारिबा म्यूचुअल फंड ने बड़ौदा बीएनपी पारिबा इनोवेशन फंड के लॉन्च की घोषणा की, जो इनोवेशन थीम में निवेश करने वाली एक ओपन-एंडेड इक्विटी स्कीम है। इस फंड का लक्ष्य निवेशकों को तेजी से बढ़ रहीं इनोवेटिव कंपनियों की ग्रोथ का लाभ उठाने का अवसर प्रदान करना है। यह न्यू फंड ऑफर (एनएफओ) 14 फरवरी, 2024 को खुल रहा है और 28 फरवरी, 2024 को बंद होगा।
इनोवेशन की बात करें तो यह टेक्नोलॉजी से भी बड़ा शब्द है। इनोवेशन सभी क्षेत्रों में पाया जा सकता है। भारत में भी कंपनियां अब लगातार नए विचारों के साथ अपने प्रोडक्ट पोर्टफोलियो में लगातार नयापन ला रही हैं। यानी भारत में इनोवेशन लगातार बढ़ रहा है जो प्रति व्यक्ति सकल घरेलू उत्पाद में बढ़ोतरी, कंज्यूमर की आदतों में बदलाव, बढ़ती युवा आबादी, कंज्यूमर की बढ़ रही प्राथमिकताओं और एक मजबूत सरकारी प्रयास से प्रेरित है। स्वच्छ प्रौद्योगिकी की ओर परिवर्तन, व्यापक इंटरनेट पहुंच और स्मार्टफोन का उपयोग जैसे कारक इस गति में योगदान करते हैं। भारत न केवल टेक्नोलॉजी में बल्कि मैन्युफैक्चरिंग (विनिर्माण) और स्पेस (अंतरिक्ष) जैसे अन्य क्षेत्रों में भी इनोवेशन दिखा रहा है, जिसका उदाहरण चंद्रयान और वंदे भारत जैसी सफल परियोजनाएं हैं।


इस फंड ने इनोवेटिव कंपनियों की तीन श्रेणियों की पहचान की है:

डिजिटल अपनाने वाली कंपनियां तेजी से ग्रोथ कर रही हैं और इनोवेशन में आगे हैं।

ट्रांसफॉर्मर ऐसी कंपनियां हैं जो इनोवेटिव कंपनियों को उपकरण, टेक्नोलॉजी और जानकारी सप्लाई करती हैं।

लीगेसी कंपनियों के पास बड़े बिजनेस हैं जो टेक्नोलॉजी को शुरुआती तौर पर अपनाती हैं और बदलते बाजार के माहौल के प्रति प्रतिक्रिया करते हुए इनोवेशन की ओर बढ़ती हैं।

23 साल के अनुभव के साथ अनुभवी विशेषज्ञ प्रतीश कृष्णन द्वारा प्रबंधित बड़ौदा बीएनपी पारिबा इनोवेशन फंड, स्थायी प्रतिस्पर्धी लाभ, मजबूत मैनेजमेंट क्वालिटी और उचित वैल्यूएशन पर ग्रोथ की क्षमता प्रदर्शित करने वाली कंपनियों में निवेश का लक्ष्य रखता है। फंड का लक्ष्य सेक्टर या मार्केट कैप के बंधन से हटकर एक डाइवर्सिफाइड पोर्टफोलियो प्रदान करना है, जो निवेशकों को बेहतर रिटर्न देने वाला साबित हो। यह फंड उन निवेशकों के लिए बेहतर विकल्प है जो इनोवेटिव और अपने सेक्टर में तेजी से ग्रोथ कर रही कंपनियों में निवेश कर उनकी ग्रोथ का लाभ लेना चाहते हैं और भारत की ग्रोथ व इनोवेटिव यात्रा में भाग लेते हैं।

इस एनएफओ के लॉन्च पर बड़ौदा बीएनपी पारिबा एएमसी के सीईओ, सुरेश सोनी ने कहा, “इनोवेशन बदलाव को प्रेरित करता है। बड़ौदा बीएनपी पारिबा इनोवेशन फंड का उद्देश्य अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी के साथ अपने सेक्टर में बड़ी कंपनियों को चुनौती देकर आगे बढ़ रही कंपनियों का समर्थन करना है। यह फंड उन कंपनियों को चुनेगा जो इंडस्ट्री को बदलने और बाजार के बदलते रुझानों का लाभ उठाने के लिए तैयार हैं। लीगेसी कंपनियों, डिजिटल अपनाने वाली कंपनियों और ट्रांसफार्मर्स के डाइवर्स मिक्स का समर्थन करके, यह फंड रणनीतिक रूप से उन बिजनेस में निवेश करेगा जो अलग अलग सेक्टर और अलग अलग मार्केट कैप कैटेगरी में इनोवेशन पर आगे बढ़ रही हैं।

NFO:Kotak Mutual Fund ने लॉन्च किया कोटक टेक्नोलॉजी फंड, देश के टेक्‍नोलॉजी सेक्टर में निवेश का बेहतरीन अवसर

एनएफओ 12 फरवरी 2024 को खुला है और 26 फरवरी 2024 को बंद होगा

मुंबई। Kotak Mahindra Asset Management कंपनी लिमिटेड (“KMAMC” / “कोटक म्यूचुअल फंड”) ने कोटक टेक्नोलॉजी फंड के लॉन्च की घोषणा की है। यह Technology से जुड़े सेक्टर में निवेश करने वाली एक ओपन-एंडेड इक्विटी स्कीम है, जो निवेशकों को गतिशील और तेजी से विकास कर रहे  टेक्नोलॉजी सेक्टर में निवेश करने का एक बेहतरीन अवसर प्रदान करती है।

देश में टेक्‍नोलॉजी एक क्रांति से गुजरी है। इसने आम लोगों के जीवन को आसान बना दिया है। इसने उत्पादों, सेवाओं और बिजनेस के तौर तरीकों में बड़ा बदलाव किया है।

क्लाउड, एआई, फिनटेक, साइबर सुरक्षा, या इंजीनियरिंग रिसर्च एंड डेवलपमेंट (इंजीनियरिंग अनुसंधान और विकास- ER&D) जैसी नई युग की सेवाओं में अपनी पेशकश का विस्तार करने वाली कंपनियों के साथ भारतीय कंपनियां नए तकनीकी माहौल में अच्छी व मजबूत स्थिति में हैं। डेटा क्रांति में भारत का नेतृत्व पर्याप्त बाजार अवसर प्रदान करता है।

आंकड़ों से यह भी पता चलता है कि वैश्विक स्तर पर आईटी खर्च में बढ़ोतरी पिछले दशक और उससे भी अधिक समय में संरचनात्मक रूप से मजबूत रही है। इस दौरान आईटी सेवाओं पर खर्च लगातार बढ़ रहा है। वैश्विक स्तर पर टॉप 10 आईटी सर्विसेज कंपनियों में से 8 भारतीय हैं (सोर्स: एनएसई/बीएसई/मान्यता प्राप्त स्टॉक एक्सचेंज)। कोटक टेक्नोलॉजी फंड का लक्ष्य महत्वपूर्ण विकास क्षमता दिखाने वाली इन गतिशीलता का लाभ उठाना है।

केएमएएमसी के मैनेजिंग डायरेक्टर नीलेश शाह ने कहा कि, “टेक्‍नोलॉजी में निवेश करना अब कोई विकल्प नहीं, बल्कि तेजी से विकसित हो रहे वैश्विक माहौल में आगे रहने का एक तरीका बन गया है। टेक्नोलॉजी भारत के विकास की कहानी को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। कोटक टेक्नोलॉजी फंड टेक्नोलॉजी सेक्टर के बढ़ते महत्व के अनुरूप है और निवेशकों को टेक्नोलॉजी सेक्टर के ग्रोथ की क्षमता में भाग लेने का अवसर प्रदान करता है।”

उचित वैल्‍युएशन (मूल्यांकन) पर ग्रोथ दिखाने वाली कंपनियों पर फोकस के साथ, यह टेक्‍नोलॉजी फंड बॉटम-अप स्टॉक चुनने की रणनीति अपनाता है, जो बिना किसी मार्केट कैप प्रतिबंध के इन-हाउस रिसर्च द्वारा समर्थित है।

शिबानी कुरियन, कोटक टेक्नोलॉजी फंड की फंड मैनेजर और हेड-इक्विटी रिसर्च, केएमएएमसी ने कहा, “कई नई टेक्नोलॉजी के आने से दैनिक जीवन में खपत में बढ़ोतरी और एंटरप्राइज टेक्नोलॉजी को अपनाने के साथ इस सेक्टर में मंदी देखी जा रही है। वैश्विक अनिश्चितता के बावजूद भी, भारतीय आईटी कंपनियों ने मार्जिन प्रदर्शन, आरओई प्रोफाइल में ग्रोथ और हाई डिविडेंड भुगतान के साथ मजबूत कैश फ्लो (नकदी प्रवाह) प्रदान किया है (सोर्स: केएमएएमसी इंटरनल रिसर्च)। हमारा लक्ष्य कोटक टेक्नोलॉजी फंड के साथ लंबी अवधि में अपने निवेशकों के लिए मूल्य सृजन को बढ़ावा देकर इसे कुशलतापूर्वक नेविगेट करना है।”

कोटक टेक्नोलॉजी फंड के लिए नया फंड ऑफर (एनएफओ) 12 फरवरी 2024 को खुल रहा है और 26 फरवरी 2024 को बंद होगा। निवेशक इसमें कम से कम 100 रुपये से निवेश शुरू कर सकते हैं और इसके बाद स्‍कीम में निवेश की कोई अधिकतम सीमा नहीं है। इसके अलावा, निवेशकों के पास 100 रुपये से शुरू होने वाली और उसके बाद कितनी भी राशि से सिस्‍टमैटिक इन्‍वेस्‍टमेंट प्‍लान (एसआईपी) के माध्यम से निवेश करने का भी विकल्प है। कोटक टेक्नोलॉजी फंड पर विस्तृत जानकारी और निवेश के अवसरों का पता लगाने के लिए, कृपया हमारी आधिकारिक वेबसाइट: https://www.kotakmf.com पर जाएं।

पिछला प्रदर्शन भविष्य के परिणाम का संकेत नहीं है। निवेशकों को उत्पाद की उपयुक्तता निर्धारित करने के लिए अपने फाइनेंशियल एडवाइजर और टैक्स एडवाइजर से परामर्श करने की सलाह दी जाती है। कोटक महिंद्रा एसेट मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड किसी रिटर्न की गारंटी या वादा नहीं करती है। पोर्टफोलियो और इसकी संरचना बाजार की स्थितियों के आधार पर परिवर्तन के अधीन है। योजना की विस्तृत विशेषताओं के लिए, कृपया योजना सूचना दस्तावेज़ (एसआईडी) देखें।

Bajaj Finserv एसेट मैनेजमेंट ने लॉन्‍च किया लार्ज एंड मिड कैप फंड

· यह NFO 6 फरवरी 2024 को खुलेगा और 20 फरवरी 2024 को बंद होगा l

· फंड का बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी लार्ज मिडकैप 250 TRI है l 

मुंबई। Bajaj Finserv Asset Management बजाज फिनसर्व एसेट मैनेजमेंट ने नऐ इक्विटी फंड ‘बजाज फिनसर्व लार्ज एंड मिड कैप फंड’ लॉन्च करने की घोषणा की है। इसे रणनीतिक रूप से ‘मोट इन्वेस्टिंग’ यानी आकर्षक मूल्यांकन पर ट्रेड करने वाले कंपनियों के स्टॉक में निवेश के जरिए निवेशकों की संपत्ति बढ़ाने के लिए बनाया गया है। यह फंड एक ओपन-एंडेड इक्विटी स्कीम है, जो लार्जकैप और मिडकैप दोनों श्रेणी के शेयरों में निवेश करती है, वहीं लंबी अवधि में स्थिरता और बेहतर रिटर्न निश्चित करने पर फोकस है।

बजाज फिनसर्व लार्ज एंड मिड कैप फंड एसेट अलोकेशन स्‍ट्रैटेजी (परिसंपत्ति आवंटन रणनीतियों) को तय करने में ‘इकोनॉमिक मोट’ की एक अनूठी अवधारणा का उपयोग करता है। निवेश में ‘इकोनॉमिक मोट’ एक सुरक्षा ढाल की तरह है, जो व्यापार जगत में कंपनी के मुनाफे को भविष्य की कई तरह की चुनौतियों से बचाती है। यह रणनीति तेजी से ग्रोथ की क्षमता, लाभ और लगातार अपने प्रतिस्पर्धियों से बढ़त वाले व्यापार की पहचान करती है।
 
बाजार के मौजूदा माहौल में लार्जकैप और लार्ज व मिडकैप का संयोजन, दोनों ही लंबी अवधि के औसत से नीचे कारोबार कर रहा है, जो एक अनुकूल रिस्क-रिवार्ड का मौका बना रहा है, खासकर जब निफ्टी 500 इंडेक्स से तुलना की जाए। लार्ज और मिडकैप शेयरों में आर्थिक खाई (एक कंपनी का अपने प्रतिस्पर्धियों पर एक विशेष लाभ, जो उसे अपनी बाजार हिस्सेदारी और मुनाफे को बढ़ाने की अनुमति देता है) पर रणनीतिक जोर बाजार के उतार-चढ़ाव के बीच उनकी स्थिरता और लंबी अवधि में ग्रोथ की क्षमता से लिया गया है। यह अपने निवेशकों को स्थायी मूल्य प्रदान करने की बजाज फिनसर्व एएमसी की प्रतिबद्धता के अनुरूप है। अपने निवेश के सिद्धांत, InQuBE का अनुसरण करते हुए, निवेश प्रक्रिया मूल्य निर्धारण की ताकत और मैनेजमेंट क्‍वालिटी जैसे मानदंडों के साथ-साथ मात्रात्मक विशेषताओं को एक करती है, जैसे कि इंक्रीमेंटल कैपिटल (वृद्धिशील पूंजी) पर रिटर्न (आरओआईसी) और टिकाऊ मार्जिन। इससे बाजार में बेहतर प्रदर्शन के लिए सूचनाओं को बेहतर तरीके से जुटाना और विवेकपूर्ण निर्णय लेना सुनिश्चित होता है।

इस स्कीम  के लॉन्च पर बजाज फिनसर्व एसेट मैनेजमेंट के सीईओ, गणेश मोहन ने कहा, “यह नई पेशकश हमारी रणनीतिक सोच और बाजार की गतिशीलता की गहरी समझ का प्रमाण है। हम बड़े आकार की कंपनियों और तेजी से बढ़ रही मिडकैप कंपनियों, दोनों की ग्रोथ क्षमता का लाभ उठा रहे हैं। यह तरीका निवेशकों को मजबूती से स्थापित दिग्गज कंपनियों की सापेक्ष स्थिरता और बाजार में तेजी से उभरते सितारों की ग्रोथ से लाभ उठाने की अनुमति देता है।

उन्होंने कहा कि, “अनुभवी पेशेवरों की हमारी टीम ने बाजार के उतार-चढ़ाव का सामना करने और ‘मोट इन्वेस्टमेंट’ (बेहतर रिटर्न के लिए आकर्षक मूल्यांकन पर ट्रेड करने वाले कंपनियों के स्टॉक में निवेश) की अनूठी अवधारणा पर तैयार विकास के अवसरों का लाभ उठाने के लिए सावधानीपूर्वक एक पोर्टफोलियो तैयार किया है। इस रणनीति में, हमारी टीम न सिर्फ बाजार के लीडर्स पर ध्यान केंद्रित करती है, बल्कि उन कंपनियों पर भी ध्यान केंद्रित करती है जो अपनी नेतृत्व की स्थिति की रक्षा करने में सक्षम हैं।

बजाज फिनसर्व एसेट मैनेजमेंट के सीआईओ, निमेश चंदन ने इस मौके पर कहा कि “लार्ज एंड मिड कैप एक ऐसी श्रेणी है, जिसमें कई कंपनियां अपने बिजनेस में लीड करती हैं। इस फंड की प्रमुख विशेषता मोट इन्वेस्टिंग रणनीति के आधार पर स्टॉक का चयन है। यह एक ऐसी रणनीति है जो प्रतिस्पर्धात्मक लाभ वाली कंपनियों की पहचान करती है जो उन्हें अपने नेतृत्व और मजबूत बिजनेस मेट्रिक्स की रक्षा करने में मदद करती है। जिसके चलते  लॉन्ग टर्म वैल्यू (दीर्घकालिक मूल्य) का निर्माण होता है। हम कंपनियों का हर नजरिए से विश्लेषण (मसलन कंपनी में ग्रोथ की क्षमता, कैश या कर्ज की स्थिति, मैनेजमेंट, बिजनेस मॉडल) के  आधार पर अलग अलग सेक्टर में मजबूत बिजनेस वाली कंपनियों की पहचान करने का प्रयास करते हैं और इस प्रकार अपने निवेशकों के लिए एक डाइवर्सिफाइड पोर्टफोलियो बनाते हैं। हमारा मानना है कि मोट इन्वेस्टिंग मजबूत बिजनेस मॉडल की पहचान करने के लिए एक मजबूत ढांचा है, जिसमें लंबी अवधि में हाई रिटर्न देने की क्षमता है।

फंड का प्रबंधन इक्विटी पक्ष पर निमेश चंदन और सौरभ गुप्ता और डेट पक्ष पर सिद्धार्थ चौधरी द्वारा संयुक्त रूप से किया जाएगा।

नया फंड ऑफर शुरुआती सब्सक्रिप्शन के लिए 6 फरवरी 2024 को खुलेगा और 20 फरवरी 2024 को बंद होगा।

PGIM इंडिया म्यूचुअल फंड ने लॉन्च किया PGIM इंडिया लार्ज एंड मिड कैप फंड

लार्ज एंड मिड कैप फंड – लार्ज कैप और मिड कैप दोनों तरह के शेयरों में निवेश करने वाली एक ओपन एंडेड इक्विटी स्कीम

विशेषताएं:

⮚ पीजीआईएम इंडिया लार्ज एंड मिड कैप फंड 24 जनवरी 2024 को सब्सक्रिप्शन के लिए खुला और 7 फरवरी 2024 को बंद होगा।

⮚ पीजीआईएम इंडिया लार्ज एंड मिड कैप फंड को निफ्टी लार्जमिडकैप 250 इंडेक्स टीआरआई (कुल रिटर्न इंडेक्स) के खिलाफ बेंचमार्क किया जाएगा।

मुंबई। पीजीआईएम इंडिया म्यूचुअल फंड ने आज अपना ओपन-एंडेड पीजीआईएम इंडिया लार्ज एंड मिड कैप फंड को लॉन्च करने की घोषणा की है। इस स्कीम का उद्देश्य सक्रिय रूप से प्रबंधित पोर्टफोलियो से मुख्य रूप से लार्ज कैप और मिड कैप शेयरों की इक्विटी और इक्विटी से संबंधित सिक्‍योरिटीज में निवेश के जरिए  लंबी अवधि में निवेशकों को हाई रिटर्न देकर उनकी दौलत में बढ़ोतरी करना है।

पीजीआईएम इंडिया म्यूचुअल फंड के सीआईओ विनय पहाड़िया ने इस लॉन्‍च पर कहा कि “हाई ग्रोथ और अच्छी क्वालिटी वाली लार्ज और मिड कैप कंपनियों में निवेश करने के मौके लगातार बने हुए हैं, जो भारत की ग्रोथ स्‍टोरी का लाभ उठा सकती हैं। ऐसी कंपनियां निवेशकों को भी लंबे समय तक कैपिटल-एफिशिएंट (अपने संचालन और ग्रोथ के लिए फंड खर्च करने में सक्षम) तरीके से तेज गति से कंपाउंडिंग का लाभ दे सकती हैं।”

पीजीआईएम इंडिया लार्ज और मिड कैप फंड लार्ज कैप और मिड कैप शेयर दोनों कैटेगरी में कम से कम 35 फीसदी निवेश करेंगे। पोर्टफोलियो का निर्माण टॉप-डाउन और बॉटम-अप पोर्टफोलियो निर्माण प्रक्रिया के संयोजन का उपयोग करके किया जाएगा, जिसमें प्रबंधन की गुणवत्ता सहित हर शेयर के फंडामेंटल (बुनियादी सिद्धांतों) पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। फंड मैनेजर का लक्ष्य अलग अलग सेक्टर में निवेश के साथ एक डाइवर्सिफाइड पोर्टफोलियो बनाना होगा।

पीजीआईएम इंडिया म्यूचुअल फंड के सीईओ अजीत मेनन ने इस स्‍कीम के लॉन्च पर कहा कि “अच्छी क्वालिटी और हाई ग्रोथ वाली कंपनियों की प्रधानता वाली शैली का अनुसरण करने वाले पोर्टफोलियो ने हाल के दिनों में अपेक्षाकृत खराब प्रदर्शन किया है। यह निवेशकों को मौजूदा समय में इस शैली का पालन करते हुए लार्ज एंड मिड कैप फंड में यूनिट जमा करने का एक आकर्षक अवसर प्रदान करता है। यह फंड नए निवेशकों के साथ-साथ मौजूदा निवेशकों के लिए भी बेहतर विकल्प है, जो अपने मौजूदा पोर्टफोलियो में संतुलन बनाते हुए किसी भी तरह के जोखिम को कम करना चाहते हैं।”

फंड के इक्विटी हिस्से का प्रबंधन विनय पहाड़िया, आनंद पद्मनाभन अंजनेय और उत्सव मेहता द्वारा किया जाएगा, जबकि डेट हिस्से का प्रबंधन पुनीत पाल द्वारा किया जाएगा। ओजस्वी खीचा इस योजना के लिए विदेशी (ओवरसीज) निवेश का प्रबंधन करेंगी।

कम से कम कितना निवेश

● पीजीआईएम इंडिया लार्ज एंड मिड कैप फंड में प्रारंभिक खरीद (इनिशियल परचेज)/स्विच-इन कम से कम 5,000 रुपये से की जा सकती है और इसके बाद 1 रुपये के गुणक में कितना भी निवेश किया जा सकता है।

● अतिरिक्त खरीद (एडिशनल परचेज) – कम से कम 1000 रुपये से की जा सकती है और इसके बाद 1 रुपये के मल्‍टीपल में।

● एसआईपी के लिए कम से कम 5 इंस्टॉलमेंट जरूरी होगा, वहीं हर किस्त के लिए कम से कम 1,000 रुपये का निवेश जरूरी है, जिसके बाद 1 रुपये के मल्‍टीपल में कितनी भी राशि से एसआईपी की जा सकती है।

एग्जिट लोड 

एकमुश्त/स्विच-इन/सिस्‍टमैटिक इन्‍वेस्‍टमेंट प्‍लान (एसआईपी) के माध्यम से यूनिट्स की हर खरीद के लिए

और सिस्टमैटिक ट्रांसफर प्लान (एसटीपी), एग्जिट लोड इस प्रकार होगा:

● यूनिट्स के आवंटन की तारीख से 90 दिनों के भीतर एग्जिट के लिए: 0.50%

● यूनिट्स के आवंटन की तारीख से 90 दिनों के बाद निकास के लिए: शून्य

यह फंड आवंटन की तारीख से 5 बिजनेस डे (व्यावसायिक दिनों) के भीतर निरंतर बिक्री और पुनर्खरीद के लिए फिर से खुलेगा।

ICICI प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड ने ICICI प्रूडेंशियल निफ्टी 50 वैल्यू 20 इंडेक्स फंड लांच करने की घोषणा की

न्यू फंड ऑफर (एनएफओ) 15 जनवरी 2024 को खुला है और 29 जनवरी 2024 को बंद होगा

मुंबई: ICICI Prudential Mutual Fund ने आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल निफ्टी (Nifty)50 वैल्यू 20
Index Fund लॉन्च करने की घोषणा की है। इस पेशकश का उद्देश्य ऐसे रिटर्न प्रदान करना है जो ट्रैकिंग
त्रुटि के अधीन, इसके बेंचमार्क निफ्टी 50 वैल्यू 20 इंडेक्स के रिटर्न के करीब हों। न्यू फंड ऑफर
(एनएफओ) 15 जनवरी 2024 को खुलता है और 29 जनवरी 2024 को बंद होगा। पोर्टफोलियो में 20
घटक निफ्टी 50 इंडेक्स से होंगे।
अंतर्निहित सूचकांक में मूल्य शेयरों को नियोजित पूंजी पर रिटर्न (आरओसीई), मूल्य आय अनुपात (पीई),
मूल्य से बुक वैल्यू अनुपात (पीबी) और लाभांश यील्ड (डीवाई) जैसे मापदंडों के आधार पर शॉर्टलिस्ट
किया जाता है।
अंतर्निहित सूचकांक में स्टॉक चयन मानदंड
 अंतर्निहित सूचकांक में स्टॉक चयन मानदंड स्टॉक का चयन नियोजित पूंजी पर रिटर्न, मूल्य
आय अनुपात, मूल्य से बुक वैल्यू अनुपात और लाभांश यील्ड के आधार पर किया जाता है और
अंतिम रैंकिंग निफ्टी 50 से मूल्य स्टॉक का चयन करने के लिए निकाली जाती है।
 चयन के लिए अंतिम रैंकिंग प्राप्त करने के लिए क्रमशः आरओसीई, पीई, पीबी और डिविडेंड यील्ड
के रैंक को 0.4, 0.3, 0.2 और 0.1 का भार सौंपा गया है।
 सभी निफ्टी घटकों को रैंक आवंटित की जाती है, ताकि अपेक्षाकृत कम मूल्य आय अनुपात और
मूल्य से बुक वैल्यू अनुपात को बेहतर रैंक प्राप्त हो, जबकि उच्च लाभांश यील्ड और नियोजित
पूंजी पर रिटर्न को बेहतर रैंक प्राप्त हो।
 अंतिम रैंकिंग के आरोही क्रम के अनुसार शीर्ष 20 कंपनियों को सूचकांक बनाने के लिए चुना
जाता है।

आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल निफ्टी 50 वैल्यू 20 इंडेक्स फंड में निवेश क्यों करें?
 निफ्टी 50 इंडेक्स का हिस्सा बनने वाली वैल्यू कंपनियों में एक्सपोजर
 लार्ज कैप इक्विटी में कारक आधारित एक्सपोज़र पाने का अवसर
 समय के साथ व्यापक बाजार सूचकांकों के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन की संभावना
 अपेक्षाकृत कम लागत वाली पहुंच

सूचकांक में व्यक्तिगत घटक का भार 15% पर सीमित है और इसकी समीक्षा और दिसंबर में सालाना
पुनर्संतुलन किया जाता है।
इंडेक्स फंड के लॉन्च पर बोलते हुए आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल एएमसी के प्रिंसिपल-इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजी,
श्री चिंतन हरिया ने कहा, “उन्नत बाजार स्थितियों में, एक शैली के रूप में मूल्य निवेश अच्छा प्रदर्शन
करता है। आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल निफ्टी 50 वैल्यू 20 इंडेक्स फंड में निवेश करके एक निवेशक
निफ्टी 50 ब्रह्मांड से मूल्य कंपनियों तक पहुंच प्राप्त कर सकता है। पूरे बाजार चक्र में मूल्य रणनीति
का लक्ष्य विविधीकरण, नकारात्मक पक्ष लचीलापन प्रदान करना है और इसमें व्यापक बाजार सूचकांकों से
बेहतर प्रदर्शन करने की क्षमता है।
शीर्ष 20 सबसे अधिक मूल्य उन्मुख ब्लू-चिप कंपनियों पर नज़र रखकर, यह योजना निवेशकों के लिए
धन सृजन के अवसर प्रदान करती है। ऐतिहासिक रूप से, निफ्टी 50 वैल्यू 20 इंडेक्स ने निफ्टी 50 की

तुलना में कम अस्थिरता और बेहतर नकारात्मक जोखिम सीमा के साथ 1 साल, 3 साल और 5 साल की
अवधि में निफ्टी 50 इंडेक्स से बेहतर प्रदर्शन किया है।

NFO: मिरे एसेट म्यूचुअल फंड ने लॉन्च किया मल्‍टी एसेट अलोकेशन फंड  

Multi Asset Allocation एनएफओ 10 जनवरी 2024 से निवेश के लिए खुला है

मुंबई। मिरे एसेट म्यूचुअल फंड ने मिरे एसेट मल्टी एसेट एलोकेशन फंड एनएफओ (NFO) लॉन्च करने की घोषणा की है। यह एक ओपन-एंडेड स्कीम है जो इक्विटी, डेट और मनी मार्केट इंस्ट्रूमेंट्स, गोल्ड ईटीएफ, सिल्वर ईटीएफ और एक्सचेंज ट्रेडेड कमोडिटी डेरिवेटिव में निवेश करती है। एसेट क्लास में एक बात समान है, कि वे एक-दूसरे से अलग-अलग को-रिलेटेड यानी सह-संबंधित होते हैं और उनका प्रदर्शन उन फैक्‍टर्स पर निर्भर करता है जो एक-दूसरे से स्वतंत्र हो सकते हैं। इसलिए एसेट क्लास का संयोजन अस्थिरता को संतुलित करने में मदद कर सकता है।
यह न्‍यू फंड ऑफर 10 जनवरी 2024 को खुलेगा और 24 जनवरी 2024 को बंद होगा। इस फंड का प्रबंधन हर्षद बोरावके (इक्विटी पार्ट) और अमित मोदानी (डेट पार्ट) द्वारा किया जाएगा। मिरे एसेट मल्‍टी एसेट अलोकेशन फंड में कम से कम 5000 रुपये लम्प सम निवेश करना जरूरी होगा, जबकि एसआईपी कम से कम 500 रुपये मंथली से शुरू होगा. इसके अलावा, सिद्धार्थ श्रीवास्तव ओवरसीज इन्‍वेस्‍टमेंट पार्ट (विदेशी निवेश हिस्से) का प्रबंधन करेंगे और रितेश पटेल कमोडिटी निवेश का प्रबंधन करेंगे।
एसेट क्लास के संयोजन ने पिछले कुछ साल में निवेश का बेहतर अनुभव प्रदान किया है और फंड का लक्ष्य एक अवधि में अलग अलग एसेट के बिजनेस साइकिल बेनेफिट को हासिल करना है। जैसा कि टेबल से पता चलता है, विनर बदलते रहते हैं और इसलिए यह अनुमान लगाना मुश्किल है कि कौन सा एसेट क्लास लगातार बेहतर प्रदर्शन कर सकता है, यही स्थिति मल्टी-एसेट के मामले में भी है।
इक्विटी, गोल्ड, डेट और मल्टी-एसेट में प्रत्येक वर्ष के रिटर्न टेबल के अनुसार, मल्टी-एसेट का प्रदर्शन ज्यादातर समय एक समान रहा है, खासकर पिछले 3 साल में। इन न्‍यू फंड ऑफर के लॉन्च पर मिरे एसेट इन्वेस्टमेंट मैनेजर्स (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड के फंड मैनेजर हर्षद बोरावके ने कहा कि एसेट क्लास का मिश्रण बाजार के उतार चढ़ाव में पोर्टफोलियो को सुरक्षा दे सकता है या एक बचाव के रूप में काम कर सकता है, जिसके चलते बाजार की अस्थिरता को बेहतर ढंग से प्रबंधित किया जा सकता है। मिरे एसेट मल्टी एसेट एलोकेशन फंड का लक्ष्य निवेशकों के लिए निवेश के सुरक्षित अनुभव को लाना है। ऐसा उत्पाद उन निवेशकों के लिए बेहतर विकल्प हो सकता है जो अलग अलग एसेट क्लास में निवेश करना चाहते हैं, और इसे एक ही स्‍कीम के तहत करना चाहते हैं। एसएंडपी बीएसई 200 टीआरआई, मल्टी-एसेट बेंचमार्क और निफ्टी 50- टीआरआई में 3 साल का डेली एवरेज रोलिंग रिटर्न दर्शाता है कि योजना के लिए चुने गए मल्टी-एसेट बेंचमार्क ने 1, 3 और 5 साल में लगातार निफ्टी 50-टीआरआई से बेहतर प्रदर्शन किया है। साथ ही, एवरेज स्टैंडर्ड डेविएशन (औसत मानक विचलन) अन्य दो इंडेक्‍स की तुलना में तुलनात्मक रूप से कम है।मिरे एसेट इन्वेस्टमेंट मैनेजर्स (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड के वाइस चेयरमैन और सीईओ, स्वरूप आनंद मोहंती ने कहा कि निवेशकों की पहली चिंता अस्थिरता से निपटना और दौलत में बढ़ोतरी करना है, जिसे अलग अलग एसेट के संयोजन के साथ हासिल किया जा सकता है। इससे निवेशक को यह चिंता करने से छुटकारा मिल सकता है कि कौन सा एसेट क्लास अच्छा प्रदर्शन करेगा और संयोजन की अनुमति देगा, जो अधिक व्यवस्थित तरीके से काम कर सकता है। मल्टी एसेट का लक्ष्य बाजार की अस्थिरता से निपटना है।

मिरे एसेट मल्टी एसेट एलोकेशन फंड एनएफओ 24 जनवरी 2024 को बंद हो जाएगा और 1 फरवरी 2024 से निरंतर बिक्री और पुनर्खरीद के लिए फिर से खुलेगा।

ITI म्‍यूचुअल फंड ने लॉन्‍च किया ITI फ्लेक्‍सीकैप फंड

– आईटीआई फ्लेक्‍सीकैप फंड एक ओपेन एंडेड इक्विटी फंड है

– यह फंड उन निवेशकों के लिए बेहतर विकल्प है जो लंबी अवधि के निवेश के जरिए अपनी दौलत में इजाफा

करना चाहते हैं

– यह आईटीआई म्यूचुअल फंड की ओर से पेश किया जाने वाला उत्पाद है, जो लार्ज, मिड और स्मॉल कैप कंपनियों में निवेश करेगा

मुंबई। आईटीआई म्यूचुअल फंड (ITI Mutual Fund) ने अप्रैल 2019 में अपना

परिचालन शुरू किया था और तब से अब तक निवेशकों के लिए बाजार में 16 मुख्यधारा के म्यूचुअल फंड उत्पाद लॉन्च किए हैं। यह एएमसी यानी एसेट मैनेजमेंट कंपनी एक बड़े रूढ़िवादी कैश-रिच व्यापार समूह द्वारा समर्थित है। इतने कम समय में, समूह ने यह सुनिश्चित किया है कि निवेशकों के लिए एक आसान दीर्घकालिक निवेश अनुभव बनाने के लिए एएमसी के भीतर प्रशासन, लोग, प्रक्रियाएं और इंफ्रास्ट्रक्चर यानी बुनियादी ढांचा अच्छी तरह से स्थापित हों।

फंड हाउस के बारे में

फंड हाउस 31 दिसंबर 2022 के अंत तक 3557 करोड़ रुपये की संपत्ति का प्रबंधन कर रहा है। कुल एसेट अंडर मैनेजमेंट यानी एयूएम (AUM) में से, इक्विटी एयूएम 2674.94 करोड़ रुपये है, जबकि हाइब्रिड और डेट योजनाओं का कुल एयूएम.553.45 करोड़ और 329.34 करोड़ रुपये है। एयूएम का भौगोलिक विस्तार टॉप 5 शहरों में 40.53 फीसदी है। उसके बाद के 10 शहरों में 19.77 फीसदी की हिस्सेदारी, अगले 20 शहरों में 12.27 फीसदी की हिस्सेदारी और अगले 75 शहरों में 10.50 फीसदी की हिस्सेदारी के साथ डाइवर्सिफाइड है। इसके अलावा अन्य शहरों में एयूएम की 16.92 फीसदी हिस्सेदारी है।

कम से कम 5000 रुपये निवेश जरूरी

आईटीआई म्यूचुअल फंड ने एक एनएफओ (NFO)- आईटीआई फ्लेक्सी कैप फंड लॉन्च करने की घोषणा की है। यह एनएफओ 27 जनवरी को खुला है और 10 फरवरी, 2023 को सब्सक्रिप्शन के लिए बंद हो जाएगा। न्यूनतम आवेदन राशि 5000 रुपये और उसके बाद 1 रुपये के गुणक में है। फंड का प्रबंधन श्री धीमंत शाह और श्री रोहन कोर्डे द्वारा संयुक्त रूप से किया जाएगा। आईटीआई फ्लेक्सी कैप फंड को निफ्टी 500 टोटल रिटर्न इंडेक्स के खिलाफ बेंचमार्क किया जाएगा।

किनके लिए बेहतर विकल्प

यह फंड मुख्य रूप से लार्ज कैप, मिड कैप और स्मॉल कैप मार्केट कैपिटलाइजेशन वाली कंपनियों के इक्विटी और इक्विटी से संबंधित उपकरणों में निवेश करेगा। यह एनएफओ उन निवेशकों के लिए बेहतर विकल्प है जो लंबी अवधि के लिए बाजार में निवेश करना चाहते हैं।

 अलग अलग मार्केट कैप में निवेश की सुविधा

एनएफओ के लॉन्च की घोषणा करते हुए आईटीआई म्यूचुअल फंड के मुख्य निवेश अधिकारी श्री राजेश भाटिया ने कहा कि आईटीआई फ्लेक्सी कैप फंड लॉन्च के पीछे उद्देश्य निवेशकों को अलग अलग मार्केट कैप और डाइवर्स सेक्टर में अपना निवेश बनाए रखने का लाभ देना है। कैपेक्स साइकिल  के और बढ़ने की उम्मीद के साथ, निवेशकों को कई उद्योगों में ग्रोथ वर्क यानी विकास वक्र का अनुभव करने का अवसर मिल सकता है। मजबूत ट्रैक रिकॉर्ड और निवेश के एक बेहतर विकल्प के साथ, आईटीआई म्यूचुअल फंड विभिन्न तरह के जोखिम उठाने की क्षमता वाले सभी निवेशकों को निवेश समाधान प्रदान करने पर केंद्रित है।

4 साल से कम की अवधि में, आईटीआई म्यूचुअल फंड ने 16 योजनाएं शुरू की हैं। म्यूचुअल फंड निवेशकों को सबसे बेहतर निवेश अनुभव प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।

आईटीआई म्युचुअल फंड की 57 से अधिक स्थानों पर उपस्थिति है (इसकी शाखाओं/आईटीआई समूह कार्यालयों के माध्यम से) और पूरे भारत में 19,698 वितरकों तक पहुंच है।

Baroda BNP परिबा म्यूचुअल फंड का NFO-छोटे निवेश से बड़ी कमाई का मौका

D9AFCD28 5F05 42C5 9A88 F339F73B0A67 150x42 1

Baroda BNP Pariba Multi Asset Fund से जुड़ी कुछ प्रमुख बातें

• यह  NFO 28 नवंबर, 2022 को निवेश के लिए खुल रहा है और 12 दिसंबर, 2022 को बंद होगा.

• यह फंड इक्विटी, फिक्स्ड इनकम और गोल्ड ईटीएफ के मिक्‍स में निवेश करता है। इक्विटी में निवेशका उद्देश्य निवेशकों को हाई रिटर्न देते हुए उनकी दौलत या कैपिटल में बढ़ोतरी करना है। फिक्‍स्‍डइनकम विकल्‍पों में निवेश से रेगुलर आय हासिल करने में मदद मिलेगी, वहीं गोल्ड ईटीएफ काउद्देश्य वैश्विक संकट के दौरान सुरक्षा प्रदान करना है।

• फंड जिन एसेट क्लास यानी परिसंपत्ति वर्गों में निवेश करता है, उनका एक-दूसरे के साथ कमकोरिलेशन होता है। इसके साथ फंड का लक्ष्य एक ऐसा ऑल-राउंडर पोर्टफोलियो बनाना है, जिसमेंहर मार्केट साइकिल में प्रदर्शन करने की क्षमता हो।

• इसके अलावा, एक ही पोर्टफोलियो होने से आप इन परिसंपत्तियों में व्यक्तिगत रूप से निवेश करनेऔर कई पोर्टफोलियो को मैनेज और ट्रैक करने संबंधी परेशानियों से बचते हैं। इस तरह यह फंडआपको एक ही निवेश द्वारा कई एसेट क्लास यानी इक्विटी, फिक्‍स्‍ड इनकम, गोल्‍ड का पाने में मददकरता है। इसका उद्देश्य मार्केट साइकिल में बेहतर जोखिम समायोजित रिटर्न यानी रिस्क एडजस्टेडरिटर्न हासिल करना है।

• इस फंड में कम से कम 5000 रुपये के साथ निवेश करना होगा, जिसके बाद 1 रुपये के मल्‍टीपल मेंनिवेश किया जा सकता है।

मुंबई।: अगर आप निवेश के लिए किसी नए और बेहतर विकल्प की तलाश में हैं तो आपके पास अच्छा मौका है। देश के लीडिंग म्‍यूचुअल फंड हाउस में शामिल बड़ौदा बीएनपी परिबा म्यूचुअल फंड ने इक्विटी, डेट और गोल्ड ईटीएफ में निवेश करने वाली एक ओपन-एंडेड स्कीम, बड़ौदा बीएनपी परिबास मल्टी एसेट फंड लॉन्च किया है। इस फंड का प्रबंधन जितेंद्र श्रीराम (25 साल से अधिक का अनुभव) और विक्रम पमनानी (12 साल से अधिक का अनुभव) द्वारा किया जाएगा। यह निफ्टी 500 टीआरआई के 65 फीसदी + निफ्टी कंपोजिट डेट इंडेक्‍स के 20 फीसदी और गोल्ड प्राइस का 15 फीसदी से युक्त एक कस्टमाइज इंडेक्‍स के खिलाफ बेंचमार्क किया जाएगा।
इस स्कीम का उद्देश्य निवेश का 65-80 फीसदी इक्विटी के लिए आवंटन के जरिए लंबी अवधि में कैपिटल ग्रोथ हासिल करना है. वहीं इसके जरिए फिक्‍स्‍ड इनकम और गोल्‍ड ईटीएफ दोनों एसेट क्लास में 10-25 फीसदी, जबकि REITs और INVITs यूनिट्स 10 फीसदी आवंटन किया जाएगा। यह फंड का उद्देश्य इक्विटी, फिक्स्ड इनकम और गोल्ड ईटीएफ की पावर को संयोजित कर बेहतर रिटर्न हासिल करना है ही, साथ में इसके जरिए एक अलग एसेट एलोकेशन-आधारित पोर्टफोलियो स्‍ट्रैटेजी  प्रदान करता है। इसका उद्देश्य बाजार में तेजी के दौरान ग्रोथ ऑफर करना और गिरावट के दौरान सुरक्षा प्रदान करना है।
बड़ौदा बीएनपी परिबा म्यूचुअल फंड के सीईओ सुरेश सोनी ने इस मौके पर कहा कि बड़ौदा बीएनपी परिबा मल्टी एसेट फंड निवेशकों को अलग अलग एसेट क्लास में अच्छी तरह से डाइवर्सिफाइड पोर्टफोलियो बनाने का अवसर दे रहा है। यह पहली बार निवेश करने वालों और अनुभवी निवेशकों दोनों के लिए एक अच्छा निवेश विकल्प है, क्योंकि यह कई स्‍ट्रैटेजी में निवेश, ट्रैकिंग और निवेश को बनाए रखने की परेशानी से बचाता है। यह उन निवेशकों के लिए भी बेहतर विकल्प है, जो सोने में आवंटन के साथ एसेट क्लास डायवर्सिफिकेशन और पोर्टफोलियो की तलाश कर रहे हैं।
इस फंड का उद्देश्य मजबूत रिसर्च द्वारा समर्थित एक मल्टी कैप निवेश अप्रोच का पालन करना है, जिसमें अलग अलग सेक्टर के लगभग 45-55 स्टॉक हैं। जब फिक्स्ड इनकम की बात आती है, तो फंड अपेक्षाकृत कम क्रेडिट जोखिमों के साथ बेहतर रिटर्न देने के लिए डेट और मनी मार्केट इंस्ट्रूमेंट्स के हाई क्वालिटी वाले पोर्टफोलियो में निवेश करना चाहता है। फंड गोल्ड ईटीएफ में निवेश के जरिए निवेशकों के पोर्टफोलियो में गोल्ड को भी शामिल करता है।

यह NFO 28 नवंबर, 2022 को खुलेगा और 12 दिसंबर, 2022 को बंद होगा।

कहां निवेश करेंगे तो मिलेगा अधिक रिटर्न

rupee kPM 621x414@LiveMint 1639391944711 150x85 1

नई दिल्ली। देश में महंगाई की दर को नियंत्रित करने के लिए भारतीय रिज़र्व बैंक कई दौर में प्रमुख ब्याज दरों में वृद्धि कर चुका है। इसके बाद से बैंकों ने कर्ज़ की दरों में लगातार बढ़ोतरी की है। अधिकांश बैंकों ने कर्ज की दरों के साथ साथ डिपॉजिट दरों में वृद्धि कर बैंक ग्राहकों को लुभाने की कोशिश भी की है। लेकिन ऐसे बैंकों की संख्या अभी बहुत कम है। दूसरे, जिस अनुपात में कर्ज़ की दरें बढ़ी हैं अथवा प्रमुख दरों में वृद्धि हुई है डिपॉजिट रेट में उस लिहाज से वृद्धि नहीं हुई है। बैंकों की तरफ़ से इसकी एक वजह यह भी बताई जा रही है कि बैंकिंग सिस्टम में पहले से ही नक़दी की मात्रा पर्याप्त है इसलिए वे ज्यादा डिपॉजिट आकर्षित करके नक़दी को सँभालने की अपनी लागत में वृद्धि करना नहीं चाहते। 

इसका अर्थ यह हुआ कि ब्याज दरों में वृद्धि के बावजूद बैंक डिपॉजिट अभी भी निवेश के लिहाज़ से आकर्षक नहीं दिख रहे हैं। इसकी प्रमुख वजह यह है कि अधिकांश बैंक अभी भी साढे़ पाँच फीसद से अधिक ब्याज अपने डिपॉजिट पर नहीं दे रहे हैं। कुछ निजी छोटे बैंक इसमें अपवाद हैं जो अधिक ब्याज ऑफ़र कर रहे हैं। जबकि महंगाई की दर अभी भी साढ़े छह फीसद बनी हुई है। यानी बैंक एफ़डी में आप जितना निवेश करते हैं उस पर रिटर्न महंगाई की दर से भी कम मिलेगा। अर्थात् आपकी जमाराशि की क़ीमत एक साल बाद (अगर महंगााई की दर यही बनी रहती है)  मूल से कम हो जाएगी। इसे ऐसे समझा जा सकता है। यदि आप पाँच प्रतिशत की ब्याज पर एक साल के लिए एक लाख रुपये की एफ़डी करते हैं तो आपको अवधि समाप्त होने पर एक लाख पाँच हज़ार रुपये की राशि प्राप्त होगी। लेकिन अगर महंगाई की दर छह फीसद से ऊपर बनी रहती है तो आपकी धनराशि की क़ीमत कम हो जाएगी। यानी आज की तारीख़ में जो सामान आप एक लाख रुपये में ख़रीद सकते हैं उसकी क़ीमत एक साल बाद छह फीसद बढ़ जाएगी। तब वही सामान ख़रीदने के लिए आपको एक लाख रुपये छह हज़ार रुपये की आवश्यकता होगी। 

ऐसे में यह ज़रूरी है कि आप निवेश के बेहतर विकल्पों का चुनाव करें। यह सही है कि बैंक एफ़डी सुरक्षा और जोखिम के लिहाज़ से आपको आश्वस्त करती है। लेकिन आपकी मेहनत और गाढ़ी कमाई का पैसा व्यर्थ न जाए, इसका ध्यान रखना भी ज़रूरी है। इसलिए निवेश करने से पहले सभी विकल्पों का समझदारी से अध्ययन करना बहुत ज़रूरी है। यही नहीं किसी बेहतर निवेश एक्सपर्ट की सलाह लेना भी बहुत ज़रूरी है। 

हालाँकि इस बात को थोड़े बहुत अध्ययन के बाद आप भी आसानी से समझ सकते हैं। निवेश करने का विचार आने के बाद सबसे पहले तो आपको इस बात का अध्ययन करना चाहिए कि निवेश के किस विकल्प में आपको सर्वाधिक लाभ मिलेगा। इसके लिए आपको रेट ऑफ रिटर्न पर ध्यान देना चाहिए। यानी आपको यह देखना होगा कि पिछले एक साल में किस विकल्प में सबसे ज्यााद रिटर्न मिला है।

जैसा कि हम सभी देख रहे हैं कि शेयर बाज़ार रिटर्न के लिहाज़ से बहुत लाभकारी दिख रहा है। लेकिन इसमें सीधे निवेश करना बेहद जोखिम भरा भी हो सकता है क्योंकि शेयर बाज़ार में सीधे निवेश करने के लिए बहुत अधिक समय और अपडेट रहने की आवश्यकता है। लेकिन बिना अधिक जोखिम उठाये भी शेयर बाज़ार की तेज़ी का लाभ लिया जा सकता है। इसमें म्यूचुअल फंड आपकी मदद करते हैं। आपको केवल म्यूचुअल फंड की सही स्कीम खोज निकालनी है। थोड़े अध्ययन के बाद आप इसमें भी सफलता प्राप्त कर सकते हैं क्योंकि आजकल मीडिया के ज़रिए इसके लिए तमाम तुलनात्मक अध्ययन उपलब्ध हैं। आपको केवल सबसे अधिक सालाना रिटर्न देने वाला म्यूचुअल फंड चुनना है और उसमें अपनी धनराशि का निवेश करना है। अगर बैंक डिपॉजिट में पाँच-छह फीसद सालाना का रिटर्न मिल रहा है तो म्यूचुअल फंड में आप आसानी से आठ से दस फीसद का रिटर्न प्राप्त कर सकते हैं। इससे न केवल आप महंगाई दर से होने वाले नुकसान की भरपाई कर लेते हैं बल्कि अपने निवेश पर लाभ भी प्राप्त करते हैं।

नितिन प्रधान

मिरे एसेट म्यूचुअल फंड ने दो नए टारगेट मैच्योरिटी इंडेक्स फंड लॉन्च किए

मुंबई।भारत में सबसे तेजी से बढ़ती म्यूच्यूअल फण्ड कम्पनियों में से एक, मिरे एसेट म्यूचुअल फंड ने अपने दो नए फंड लॉन्च करने की घोषणा की है। मिराए एसेट निफ्टी एएए पीएसयू बॉन्ड प्लस एसडीएल अप्रैल 2026 50:50 इंडेक्स फंड (एक ओपन-एंडेड टारगेट मैच्योरिटी इंडेक्स फंड जो निफ्टी एएए पीएसयू बॉन्ड प्लस एसडीएल अप्रैल 2026 50:50  इंडेक्स फंड के घटकों में निवेश करेगा। अपेक्षाकृत उच्च ब्याज दर जोखिम और अपेक्षाकृत कम क्रेडिट जोखिम वाली एक योजना) और मिरे एसेट क्रिसिल आईबीएक्स गिल्ट इंडेक्स – अप्रैल 2033 इंडेक्स फंड (एक ओपन-एंडेड लक्ष्य परिपक्वता सूचकांक फंड जो क्रिसिल आईबीएक्स गिल्ट इंडेक्स – अप्रैल 2033 के घटकों में निवेश करेगा। अपेक्षाकृत उच्च ब्याज दर जोखिम और अपेक्षाकृत कम क्रेडिट जोखिम वाली योजना।)

मिरे एसेट निफ्टी एएए पीएसयू बॉन्ड प्लस एसडीएल अप्रैल 2026 50:50 इंडेक्स फंड का काम, ट्रैकिंग की खामियों को मद्देनज़र रखकर 30 अप्रैल 2026 या उससे पहले परिपक़्व हो रहे एएए रेटेड पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग (पीएसयू) बॉन्ड और स्टेट डेवलपमेंट लोन (एसडीएल) में निवेश करके, निफ्टी एएए पीएसयू बॉन्ड प्लस एसडीएल अप्रैल 2026 50:50 इंडेक्स को ट्रैक करना है। यह अपेक्षाकृत कम क्रेडिट जोखिम वाला एक निश्चित परिपक्वता सूचकांक फंड है और इसमें निश्चित परिपक्वता योजनाओं की तरह कोई लॉक-इन नहीं है, जिसका अर्थ है कि निवेशक के पास फंड के जीवनचक्र के दौरान कभी भी सदस्यता लेने या भुनाने का विकल्प होता है। फंड पारंपरिक निवेश के रास्ते की तुलना में कर कुशल है, क्योंकि लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (LTCG) पर 20% पोस्ट इंडेक्सेशन बेनिफिट* पर टैक्स लगता है, निवेशकों की होल्डिंग अवधि के आधार पर 4% इंडेक्सेशन लाभ प्राप्त करने की संभावना है।

मिरे एसेट क्रिसिल आईबीएक्स गिल्ट इंडेक्स – अप्रैल 2033 इंडेक्स फंड, 29 अप्रैल, 2033 को या उससे पहले परिपक्व होने वाली दिनांकित सरकारी प्रतिभूतियों (G-Sec / जी-सेक) में निवेश करके क्रिसिल आईबीएक्स गिल्ट इंडेक्स – अप्रैल 2033 को ट्रैक करना है, जो ट्रैकिंग त्रुटियों के अधीन है। यह अपेक्षाकृत अधिक यील्ड पर 10 वर्ष को लॉक-इन करने का अवसर है, क्योंकि आगे चलकर, यदि सीपीआई आरबीआई की सहनशीलता की सीमा में रहता है और आर्थिक विकास के लिए दृष्टिकोण निवारक नहीं है, तो भारतीय 10 वर्ष जी-सेक के सीमाबद्ध तरीके से आगे बढ़ने की उम्मीद है।

दोनों नए फंड ऑफर (एनएफओ) 10 अक्टूबर, 2022 को खुले हैं और 18 अक्टूबर, 2022 को बंद होंगे। दोनों फंडों का प्रबंधन श्री महेंद्र जाजू, सीआईओ-फिक्स्ड इनकम, मिरे एसेट इन्वेस्टमेंट मैनेजर्स (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड द्वारा किया जाएगा। निधियों में न्यूनतम प्रारंभिक निवेश रु. 5000/- होगा और उसके बाद रु. 1 के गुणक में किया जा सकता है।


मुख्य विशेषताएं:

·        एसडीएल और एएए रेटेड पीएसयू प्रतिभूतियां आमतौर पर कॉरपोरेट बॉन्ड की तुलना में अपेक्षाकृत कम क्रेडिट जोखिम वहन करती हैं।

·        आगे चलकर, यदि सीपीआई आरबीआई की सहनशीलता की सीमा में रहता है और आर्थिक विकास के लिए दृष्टिकोण निवारक नहीं है, तो भारतीय 10 वर्ष जी-सेक के सीमाबद्ध तरीके से आगे बढ़ने की उम्मीद है।

·        लंबी परिपक्वता खंड में, जी-सेक एसडीएल और एएए पीएसयू कॉरपोरेट बॉन्ड जैसे अन्य उपलब्ध विकल्पों की तुलना में अपेक्षाकृत बेहतर है।

·        5 साल और 10 साल एएए पीएसयू बांड की तुलना में 3 वर्ष एएए पीएसयू बॉन्ड और एसडीएल जी-सेक में फैले अपने ऐतिहासिक औसत के करीब कारोबार कर रहे हैं।

स्रोत: ब्लूमबर्ग, 30 सितंबर 2022 को, एएए पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग (पीएसयू) और स्टेट डेवलपमेंट लोन (एसडीएल), ब्लूमबर्ग जेनेरिक गिल्ट इंडेक्स को 3 साल, 5 साल और 10 साल के एएए पीएसयू बॉन्ड और एसडीएल स्प्रेड की गणना के लिए माना जाता है। इसके अलावा, एएए, एए और ए बांड जारीकर्ताओं की दीर्घकालिक क्रेडिट रेटिंग हैं। 8 जनवरी 2016 से 30 सितंबर 2022 तक ऐतिहासिक प्रसार की तुलना।



श्री महेंद्र जाजू, सीआईओ-फिक्स्ड इनकम, मिरे एसेट इन्वेस्टमेंट मैनेजर्स (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड ने कहा, “मौजूदा अनिश्चित और अस्थिर बाजार के माहौल में, जहां कई केंद्रीय बैंक दरों में प्रमुख नीतिगत दरें बढ़ाना जारी रखते हैं, ऐसा प्रतीत होता है के टारगेट मैच्योरिटी इंडेक्स फंड सूचकांक प्रतिकृति उद्देश्य को देखते हुए लोकप्रिय श्रेणियों में से एक के रूप में उभरे जो पोर्टफोलियो पर उचित स्पष्टता प्रदान करता है। पिछले वर्ष की तुलना में दीर्घकालिक दरों में तेजी से वृद्धि हुई है और संभवत: केंद्रीय बैंकों द्वारा मौद्रिक नीति अधिकारियों द्वारा उस दिशा में स्पष्ट मार्गदर्शन दिए जाने के कारण दरों में और बढ़ोतरी हो सकती है। नए उत्पादों के लॉन्च से इस क्षेत्र में मिराए एसेट म्यूचुअल फंड की पेशकश का तीन और दस साल के सेगमेंट में और विस्तार होगा।

मिरे एसेट निफ्टी एएए पीएसयू बॉन्ड प्लस एसडीएल अप्रैल 2026 50:50 इंडेक्स फंड और मिराए एसेट क्रिसिल आईबीएक्स गिल्ट इंडेक्स – अप्रैल 2033 इंडेक्स फंड निवेशकों के लिए रेगुलर प्लान और डायरेक्ट प्लान दोनों में उपलब्ध होगा। एनएफओ के बाद, न्यूनतम अतिरिक्त खरीद राशि रु. 1000 और उसके बाद रु. 1 के गुणकों में होगी।

**एसटीपी / एसआईपी / एसडब्ल्यूपी के लिए नए अनुरोध के पंजीकरण की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2025 होगी और अंतिम निष्पादन तिथि 31 जनवरी 2026 होगी। *अपने निवेश पर किसी भी कराधान प्रभाव के लिए कृपया अपने कर सलाहकार से परामर्श लें।

पीजीआईएम इंडिया म्यूचुअल फंड ने नया कैंपेन अभियान #आपकाहैप्पीनेसप्लांड शुरू किया गया

मुंबई। मनीएंडमी पहल को बढ़ावा देने के लिए, पीजीआईएम इंडिया म्यूचुअल फंड ने एक फिल्म के जरिये
अपना मार्केटिंग अभियान ‘आपका हैप्पीनेस प्लान्ड’ शुरू किया है:https://youtu.be/0Bs4zFDZ0YQ
यह फिल्म एक गीत के माध्यम से खुशी का सही अर्थ बताते हुए स्टैंड-अप संदेश दिखाती है। यह
लोगों के लिए एक रीमाइंडर के रूप में कार्य करता है कि जीवन केवल धन के पीछे भागने
से कहीं अधिक है। साथ ही जीवन में वास्तविक निवेश वित्त से परे है। यह लोगों को यह
समझने के लिए प्रेरित करता है कि जब हम आगे की योजना बनाते हैं तो जीवन आसान हो
सकता है, और हम अपने सपनों को साकार करने और अपने स्वास्थ्य और अपने प्रियजनों
में निवेश करने के लिए स्वतंत्र हो सकते हैं।
 ‘आपका हैप्पीनेस प्लान्ड’ अभियान की सोच इस तथ्य से आई है कि खुशी की खोज ही हममें से
अधिकांश को जीवन में चुनाव करने के लिए प्रेरित करती है। धन के एक निश्चित कमाई के बाद
खुशी खत्म हो जाती है। साल 2010 में प्रिंसटन द्वारा किए गए एक अध्ययन के अनुसार,
खुशी उद्देश्य, आदतों, सामाजिक संबंधों, कृतज्ञता और अनुभवों की भावना से अधिक
प्रभावित होती है।
इससे संबंधित एक वेबसाइट के लॉन्च के अवसर पर बात करते हुए, निदेशक और हेड, मार्केटिंग एंड
कम्युनिकेशन साक्षी दलेला ने कहा, “हम मानते हैं कि व्यवहारिक झुकाव और आदतें
निवेशकों को सबसे अधिक प्रभावित करती हैं। ‘आपका हैप्पीनेस प्लान्ड’ अभियान के साथ,
पीजीआईएम इंडिया निवेशकों को इन दिलचस्प जानकारियों से जुड़ने में मदद कर रहा है।
हमारी मनीएंडमी पहल उपभोक्ताओं को वित्तीय निर्णय लेने, अपने जुनून को आगे बढ़ाने और

बजट, सुरक्षा, बचत और निवेश जैसे सही अनुक्रमण का पालन करके अपने जीवन के लक्ष्यों
को प्राप्त करने में सक्षम बनाने के लिए व्यक्तित्व केंद्रित सामग्री और अंतर्दृष्टि प्रदान करता
है। इस पहल के साथ, हम उपभोक्ताओं को जीवन के हर चरण में वित्तीय स्वतंत्रता प्राप्त
करने के लिए वित्तीय अनुशासन को आत्मसात करने में मदद करने की उम्मीद करते हैं।”
एफसीबी इंटरफेस के राष्ट्रीय रचनात्मक निदेशक राकेश मेनन कहते हैं, “आमतौर पर, निवेश
विज्ञापन थोड़ा भारी होता है। ‘आपका हैप्पीनेस प्लान्ड’ का हमारा आइडिया इसके ठीक विपरीत
है। इसलिए, एक गीत के जरिये स्टैंड-अप संदेश के साथ यह उपभोक्ताओं पर गंभीर छाप
छोड़ता है।” एफसीबी इंटरफेस द्वारा तैयार किया गया यह कैंपेंन यूट्यूब, फेसबुक, ट्विटर,
इंस्टाग्राम और लिंक्डइन जैसे कई प्लेटफॉर्म पर प्रसारित किया गया है और लोगों के बीच
यह सशक्त संदेश के साथ जागरूकता पैदा कर रहा है।
Money And Me – https://moneyandme.pgimindiamf.com/

बड़ौदा बीएनपी परिबा म्यूचुअल फंड के पहले एनएफओ ने 1400 करोड़ रुपये से अधिक प्राप्त किये

मुंबई, 22 अगस्त 2022। बड़ौदा बीएनपी परिबा म्यूचुअल फंड का न्यू फंड ऑफर ‘बड़ौदा बीएनपी परिबा
फ्लेक्सी कैप फंडÓ 25 जुलाई से 8 अगस्त जुलाई, 2022 तक खुला था और एनएफओ ने उक्त अवधि के दौरान
निवेशकों से 1400 करोड़ प्राप्त किये हैं। 14 मार्च 2022 से प्रभावी बड़ौदा एसेट मैनेजमेंट इंडिया लिमिटेड के
बीएनपी परिबा एसेट मैनेजमेंट इंडिया प्राइवेट लिमिटेड में विलय के परिणाम स्वरूप बनी कंपनी द्वारा पहली
नई फंड पेशकश है और पूरे भारत में निवेशकों से रिकॉर्ड संग्रह देखा गया है।
रिकॉर्ड एनएफओ संग्रह पर टिप्पणी करते हुए, सुरेश सोनी के सीईओ, बड़ौदा बीएनपी पारिबा एसेट मैनेजमेंट
इंडिया ने कहा, ” यह एक विश्वसनीय निवेशक केंद्रित परिसंपत्ति प्रबंधन कंपनी बनाने की हमारी यात्रा की एक
मजबूत शुरुआत है। भारत भर के 120 से अधिक शहरों के 42000 से अधिक निवेशकों ने विलय के बाद हमारे
पहले एनएफओ में अपना विश्वास जताया है। हमारे सभी वितरण भागीदारों की संयुक्त, राष्ट्रव्यापी पहुंच ने हमें
न केवल इंडिया, बल्कि भारत को भी अपनी पेशकश पेश करने की अनुमति दी है। यह न केवल इस संयुक्त
इकाई द्वारा पेश किए गए तालमेल और अपार क्षमता का प्रतिबिंब है, बल्कि हमारे निवेशकों और भागीदारों
द्वारा हमारी योजनाओं में दिखाया गया विश्वास और समर्थन भी है।
फंड में सभी क्षेत्रों और बाजार पूंजीकरण में निवेश के अवसरों की पहचान करने पर ध्यान केंद्रित करेगा और
तीन-आयामी दृष्टिकोण के साथ मुख्य रूप से इक्विटी और इक्विटी से संबंधित प्रतिभूतियों में निवेश करके
दीर्घकालिक पूंजी बनाने का लक्ष्य रखेगा। फंड में चुनिंदा क्षेत्रों के लिए टॉप-डाउन दृष्टिकोण, मार्केट कैप चुनने
के लिए एक क्षैतिज दृष्टिकोण और चुनिंदा शेयरों के लिए एक बॉटम-अप दृष्टिकोण अपनाया गया है।
यह योजना 22 अगस्त 2022 को या उससे पहले वितरकों और सलाहकारों सहित सभी ऑफलाइन और
ऑनलाइन निवेश माध्यमों द्वारा निवेश हेतु फिर से खुल जाएगी।

Some moderation in domestic flows cannot be ruled out: Rahul Singh

1657458030 1545

It has been a circumspect start to the second half of calendar year 2022 (CY22) for global financial markets as they look for tangible evidence of inflation being restrained by global central bank actions. RAHUL SINGH, chief investment officer for equities at Tata Asset Management, in conversation with Puneet Wadhwa says clarity on global macros will be critical to providing further direction for equities. Edited excerpts:

New accounts opened via SIPs slacken in June, discontinuity increases

1629115023 1914

New accounts opened by systematic investment plan (SIP) investors moderated in June as 12-month rolling returns turned negative for the first time in two years. Even the discontinuity in SIPs rose.

New SIP registration stood at 1.79 million, compared with nearly 2 million seen in May, reveals the data by the Association of Mutual Funds in India (Amfi).

Since June 2021, new SIP registration has always been upwards of 2 million each month.

“This is the cautiousness which has come to the SIP account holder. In the past three months, the market was highly volatile, showing some downward trend. Unsurprisingly, SIP investors turned careful. We would suggest SIP investors not to time the market and continue to focus on goal-based investment,” says N S Venkatesh, chief executive, Amfi.

SIPs discontinued or whose tenure got over also rose to 1.14 million — the highest since January.