AU Small Finance बैंक ने Niva Bupa से की साझेदारी
एयू एसएफबी के एक करोड़ से ज्यादा ग्राहक अब निवा बूपा के स्वास्थ्य बीमा उत्पादों की रेंज का उठा
सकते हैं लाभ
मुंबई। देश के सबसे बड़े स्मॉल फाइनेंस बैंक AU Small Finance बैंक (एयू एसएफबी) ने
अपने ग्राहकों को स्वास्थ्य बीमा उत्पाद मुहैया कराने के लिए आज निवा बूपा हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी
लिमिटेड (निवा बूपा) के साथ साझेदारी की घोषणा की है। फिनकेयर स्मॉल फाइनेंस बैंक (जो की एयू
एसएफबी के साथ विलय हो गया है) के साथ निवा बूपा के मौजूदा संबंधों को आगे बढ़ाते हुए यह साझेदारी
एक नया व्यावसायिक प्रस्ताव पेश करती है, जो बैंक की ओर से ग्राहकों को पेश किए जाने वाले ऑफरों को
और बेहतर बनाता है।
इस साझेदारी के जरिये एयू एसएफबी के नए और मौजूदा ग्राहकों (इनमें फिनकेयर स्मॉल फाइनेंस बैंक की
पूर्व शाखाओं के ग्राहक भी शामिल हैं) को अब भारत में 2,414 टचपॉइंट पर निवा बूपा के खुदरा और समूह
स्वास्थ्य बीमा उत्पादों की व्यापक रेंज तक पहुंच का लाभ मिलेगा। इन उत्पादों में स्वास्थ्य, व्यक्तिगत
दुर्घटना और गंभीर बीमारी से संबंधित बीमा योजनाएं शामिल हैं। एयू एसएफबी के लिए इस साझेदारी का
मकसद प्रौद्योगिकी और सेवा मॉड्यूल के जरिये उत्पादों को किफायती और पारदर्शी मूल्य प्रस्ताव बनाने में
सक्षम करना है।
22 राज्यों और चार केंद्र शासित प्रदेशों में मौजूद निवा बूपा की 210 शाखाओं के नेटवर्क और देशभर में
एयू एसएफबी की वितरण पहुंच का लाभ उठाते हुए दोनों संस्थाएं व्यक्तिगत और कस्टमर फर्स्ट स्वास्थ्य
बीमा सॉल्यूशंस प्रदान करने में सहयोग करेंगी।
इस साझेदारी पर एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक के कार्यकारी निदेशक और डिप्टी सीईओ श्री उत्तम टिबरेवाल ने
कहा, “एयू एसएफबी में ग्राहक हमारे लिए सबसे पहले हैं। ग्राहकों को लचीलेपन के साथ विकल्प मुहैया
कराना और उनके अनुरूप समाधान पेश कर उन्हें सशक्त बनाने के प्रति हमारी अटूट प्रतिबद्धता है। ये
उनकी व्यक्तिगत जरूरतों को पूरा करने के साथ उन्हें उनके लक्ष्य हासिल करने में मदद करते हैं। निवा
बूपा हेल्थ इंश्योरेंस लिमिटेड के साथ साझेदारी कर हम एम्बेडेड और व्यक्तिगत स्वास्थ्य बीमा समाधानों
के जरिये अपने ब्रांच बैंकिंग प्रस्ताव को मजबूत करेंगे। यह हमारे मूल्यवान ग्राहकों को बेहतर समाधान
मुहैया कराने में मदद करेगा। एयू एसएफबी में, हम अपने ग्राहकों के लिए एक एकीकृत स्वास्थ्य
इकोसिस्टम का निर्माण कर रहे हैं ताकि वे विभिन्न लाभ और सेवाओं के साथ तेजी से क्लेम प्राप्त कर
सकें।”
निवा बूपा हेल्थ इंश्योरेंस लिमिटेड के एमडी और सीईओ श्री कृष्णन रामचंद्रन ने कहा, “2047 तक सभी को
बीमा मुहैया कराने के सपने को साकार करने के लिए हमें वितरण पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। साथ
ही, यह सुनिश्चित करना चाहिए कि हम देश के हर व्यक्ति तक पहुंचें। एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक के साथ
हमारी साझेदारी हमें अपनी वितरण पहुंच का विस्तार करने और उनके ग्राहक आधार को व्यापक स्वास्थ्य
बीमा समाधान प्रदान करने में मदद करेगी।”
AU Small Finance बैंक और Kotak Life ने की साझेदारी
मुंबई। भारत के सबसे बड़े small finance बैंक, AU Small Finance बैंक (एयू एसएफबी)
और भारत के लीडिंग निजी जीवन बीमा कंपनियों में एक, कोटक महिंद्रा लाइफ इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड
(“कोटक लाइफ”) ने एक रणनीतिक साझेदारी की घोषणा की है। यह साझेदारी एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक
के ग्राहकों की पहुंच जीवन बीमा और वित्तीय सुरक्षा के समाधानों तक पहुंच बढ़ाने के लिए की गई है।
यह सहयोग एक रिवाइज्ड व्यावसायिक प्रस्ताव पर आधारित है, जो पूर्व में फिनकेयर स्मॉल फाइनेंस बैंक
(अब एयू एसएफबी के साथ विलय) के साथ कोटक लाइफ के संबंधों को जारी रखता है।
साझेदारी के बाद तत्काल प्रभाव से, एयू एसएफबी के नए और मौजूदा ग्राहक, जिनमें पहले के फिनकेयर
एसएफबी ब्रांच के ग्राहक भी शामिल हैं, अब टर्म, रिटायरमेंट, सेविंग्स और चुनिंदा निवेश योजनाओं सहित
कोटक लाइफ के लाइफ इंश्योरेंस प्रोडक्ट (जीवन बीमा उत्पाद) की व्यापक रेंज तक पहुंच सकते हैं।
इस साझेदारी से कोटक लाइफ के डाइवर्सिफाइड पोर्टफोलियो का लाभ उठाकर दक्षिण भारत में एयू
एसएफबी की पेशकश (ऑफरिंग) में बड़ी ग्रोथ होने की उम्मीद है। इसके अलावा, कोटक लाइफ बिना
रुकावट सेवा का विकल्प सुनिश्चित करने, सुचारू रूप से ट्रांजिशन (परिवर्तन) की सुविधा प्रदान करने और
ग्राहकों के लिए बिजनेस की निरंतरता बनाए रखने के लिए एयू एसएफबी के साथ मिलकर सहयोग
करेगा।
जैसा कि एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के साथ अपने यूनिवर्सल बैंकिंग
लाइसेंस का प्रयास कर रहा है, अब यह अग्रणी जीवन बीमा कंपनियों के उत्पादों की डाइवर्सिफाइड रेंज के
साथ एक करोड़ से अधिक के अपने बड़े कस्टमर बेस को सेवा देने के लिए तैयार है। यह रणनीतिक
साझेदारी एयू एसएफबी को हर ग्राहक की खास जरूरतों और वित्तीय आवश्यकताओं का आकलन करने
और उसका समाधान करने में सक्षम बनाता है। साथ ही व्यक्तिगत परिस्थितियों में व्यक्तिगत समाधान
प्रदान करता है।
इस साझेदारी पर, एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और डिप्टी सीईओ, उत्तम टिबरेवाल
ने कहा कि एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक में, हमारे ग्राहक हमारे हर काम के केंद्र में हैं, और हम उन्हें एक बड़ी
रेंज की पेशकश करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। जैसे-जैसे हम बैंकाश्योरेंस सेगमेंट में अपनी पेशकश का
विस्तार कर रहे हैं, जीवन बीमा में एक भरोसेमंद लीडर, कोटक लाइफ के साथ साझेदारी, हमारे प्रोडक्ट के
सेट को मजबूत करती है और हमारे ग्राहकों के लिए उपलब्ध फाइनेंशियल प्लानिंग के विकल्पों को
बढ़ाती है।
अपने व्यापक डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क को कोटक लाइफ के डाइवर्सिफाइड पोर्टफोलियो के साथ जोड़कर, हम
ग्राहकों की जरूरतों के अनुसार जीवन बीमा के समाधानों का विकल्प प्रदान करेंगे। हम इस साझेदारी से
मिलने वाली संभावनाओं से उत्साहित हैं और सामूहिक रूप से अपने ग्राहकों के लिए अधिक सुरक्षित और
बेहतर भविष्य को आकार देने के लिए तैयार हैं।
कोटक महिंद्रा लाइफ इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर, महेश बालासुब्रमण्यम ने कहा कि
कोटक लाइफ में, हम मानते हैं कि जीवन बीमा हर भारतीय के लिए एक आवश्यकता है। हम
आईआरडीएआई IRDAI के लक्ष्य ‘2047 तक सभी के लिए बीमा’ के अनुसार चलने और इसे पूरा करने में
सपोर्ट करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। एयू एसएफबी के साथ हमारे सहयोग के माध्यम से, हमारा लक्ष्य
आबादी के उस वर्ग तक पहुंचना है, जो अभी जीवन बीमा से दूर है। एयू एसएफबी की बड़ी आबादी तक
पहुंच और जीवन बीमा में हमारी विशेषज्ञता का लाभ उठाकर, हम सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित करने और
एयू एसएफबी ग्राहकों के वित्तीय सपनों को पूरा करने का पूरा प्रयास करेंगे।
AU Small Finance बैंक ने यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस के साथ की रणनीतिक साझेदारी
मुंबई। भारत के सबसे बड़े स्मॉल फाइनेंस बैंक एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक (एयू
एसएफबी) और सार्वजनिक क्षेत्र की अग्रणी जनरल इंश्योरेंस (सामान्य बीमा) कंपनी यूनाइटेड
इंडिया इंश्योरेंस कंपनी (यूआईआईसी) ने एक रणनीतिक साझेदारी की घोषणा की है। इसका
मकसद एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक के ग्राहकों को सामान्य बीमा और इससे जुड़े समाधानों की एक
विस्तृत शृंखला प्रदान करना है। इसमें वाहन बीमा, व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा, फसल बीमा, प्रॉपर्टी
बीमा, दुकानदार बीमा, साइबर सुरक्षा बीमा और अन्य बहुत कुछ शामिल है।
एयू एसएफबी और यूआईआईसी ने आज औपचारिक रूप से रणनीतिक गठबंधन समझौतों पर
हस्ताक्षर किए। यह उनके रननीतिक साझेदारी का एक महत्वपूर्ण कदम है। समझौतों पर एयू
स्मॉल फाइनेंस बैंक के कार्यकारी निदेशक एवं डिप्टी सीईओ श्री उत्तम टिबरेवाल और यूनाइटेड
इंडिया इंश्योरेंस कंपनी के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक श्री भूपेश सुशील राहुल ने हस्ताक्षर किए।
यह साझेदारी एयू एसएफबी के ‘फॉरएवर बैंक’ के सपने को साकार करने की दिशा में एक सार्थक
कदम है। इसका उद्देश्य पूरे देश में व्यापक स्तर पर वित्तीय समाधान प्रदान करना है।
यह साझेदारी एयू एसएफबी को 21 राज्यों और चार केंद्रशासित प्रदेशों में अपने विविध ग्राहकों
को के लिए एक पसंदीदा विकल्प के रूप में स्थापित करता है, जो विश्वसनीय और किफायती
सामान्य बीमा समाधान प्रदान करता है। इस साझेदारी के तहत एयू एसएफबी के ग्राहकों को
यूआईआईसी
की 1,000 से अधिक टियर-2 और टियर-3 शहरों में स्थित शाखाओं के विशाल नेटवर्क का लाभ
मिलेगा।
एयू एसएफबी ने यूनिवर्सल बैंकिंग लाइसेंस के लिए हाल ही में भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई)
में आवेदन किया है। यह अब अपने बैंकाश्योरेंस पोर्टफोलियो को बढ़ाने पर ध्यान दे रहा है, ताकि
सभी क्षेत्रों में एक करोड़ से अधिक के अपने ग्राहक को अभिनव, प्रौद्योगिकी आधारित बीमा
समाधान प्रदान किया जा सके। रणनीतिक साझेदारी के जरिये एयू एसएफबी अपने ‘विकसित
भारत’ के लक्ष्यों से तालमेल बिठाते हुए अनुकूल उत्पादों और समाधानों के साथ व्यावसायिक
समुदायों एवं वंचित क्षेत्रों में सेवा देने की अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि करता है।
इस महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर करने के अवसर पर एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक के कार्यकारी
निदेशक एवं डिप्टी सीईओ श्री उत्तम टिबरेवाल ने कहा, “हम यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी के
साथ साझेदारी कर खुश हैं। यह एक अग्रणी पीएसयू बीमा कंपनी है, जिसकी समृद्ध विरासत
और देशभर में व्यापक नेटवर्क है। दो मजबूत संस्थाओं की संयुक्त विशेषज्ञता देशभर में एयू
एसएफबी के ग्राहकों को पारदर्शी और व्यक्तिगत बैंकिंग समाधान प्रदान करने में सक्षम
बनाएगी। हमारी साझेदारी खुदरा और एसएमई क्षेत्रों में उचित मूल्य एवं कम जोखिम वाले
उत्पाद समाधान पेश कर ‘वंचित को वरीयता’ देने के हमारे प्रयासों को पूरा करने में मदद
करेगी”।
यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक श्री भूपेश सुशील राहुल और महाप्रबंधक
श्री एच. आर. गंगवाल ने कहा, “यह साझेदारी एयू एसएफबी के 2,414 टचपॉइंट वाले काफी बड़े
ग्राहक को हमारे मूल्य आधारित और अभिनव सामान्य बीमा उत्पाद उपलब्ध कराएगी।
शीर्ष-स्तरीय, नए-पुराने सेवाओं और डिजिटल फर्स्ट दृष्टिकोण के जरिये हम अपने ग्राहकों को
उनकी व्यापक सुरक्षा लक्ष्य आकांक्षाओं को हासिल करने में सक्षम बनाने के लिए पूरी तरह से
तैयार हैं। मुझे विश्वास है कि ‘कस्टमर फर्स्ट’ का हमारा सामूहिक वादा एक दीर्घकालिक और
सफल साझेदारी की ओर ले जाएगा क्योंकि हम एक साथ कई और जीवन लक्ष्यों को सक्षम
बनाते हैं”।
वित्त वर्ष 2024 की तीसरी तिमाही Q3 में ICICI लोम्बार्ड का मुनाफा (PAT) 22.4% बढ़ा
वित्त वर्ष 2024 के 9 महीनों में जीडीपीआई में 16.5 फीसदी की ग्रोथ देखी गई, जबकि इंडस्ट्री की ग्रोथ
रेट 14 फीसदी रही
आईसीआईसीआई लोम्बार्ड की ग्रॉस डायरेक्ट प्रीमियम इनकम (सकल प्रत्यक्ष प्रीमियम आय- GDPI) वित्त
वर्ष 2024 के 9 महीनों में सालाना आधार पर 16.5 फीसदी बढ़कर 187.03 बिलियन रुपये (18703 करोड़)
रही, जबकि वित्त वर्ष 2023 के 9 महीनों में यह 160.48 बिलियन रुपये (16048 करोड़) थी। यह ग्रोथ
इंडस्ट्री की ग्रोथ 14.0 फीसदी से अधिक है। फसल और जन स्वास्थ्य को छोड़कर, कंपनी की जीडीपीआई
ग्रोथ 15.6 फीसदी थी, जो वित्त वर्ष 2024 के 9 महीनों में इंडस्ट्री की ग्रोथ 15.2 फीसदी से अधिक थी।
o वित्त वर्ष 2024 की तीसरी तिमाही (दिसंबर तिमाही) में कंपनी की जीडीपीआई 62.30 बिलियन रुपये
(6230 करोड़ रुपये) रही, जबकि वित्त वर्ष 2023 की तीसरी तिमाही में यह 54.93 बिलियन रुपये (5493
करोड़ रुपये) रही थी। यानी इस दौरान जीडीपीआई में सालाना आधार पर 13.4 फीसदी बढ़ोतरी रही, जो
इंडस्ट्री की ग्रोथ 12.3 फीसदी के मुकाबले ज्यादा है। फसल और जन स्वास्थ्य को छोड़कर, कंपनी की
जीडीपीआई ग्रोथ 12 फीसदी रही, जो वित्त वर्ष 2024 की तीसरी तिमाही में इंडस्ट्री की ग्रोथ 11.3 फीसदी
से अधिक है।
· कंबाइंड रेश्यो (संयुक्त अनुपात) वित्त वर्ष 2024 के 9 महीनों के लिए 103.7 फीसदी रहा, जबकि वित्त वर्ष
2023 के 9 महीनों के लिए यह 104.6 फीसदी था। 1.37 बिलियन रुपये (137 करोड़ रुपये) के कैट घाटे के
प्रभाव को छोड़कर, वित्त वर्ष 2024 के 9 महीनों में कंबाइंड रेश्यो 102.6 फीसदी था।
o वित्त वर्ष 2024 की तीसरी तिमाही में कंबाइंड रेश्यो 103.6 फीसदी रहा, जबकि वित्त वर्ष 2023 की तीसरी
तिमाही में यह 104.4 फीसदी था। वित्त वर्ष 2024 की तीसरी तिमाही में CAT घाटे के 0.54 बिलियन रुपये
(54 करोड़ रुपये) के प्रभाव को छोड़कर, कंबाइंड रेश्यो 102.3 फीसदी था।
· वित्त वर्ष 2024 के 9 महीनों में कर पूर्व लाभ (PBT) 20.6 फीसदी बढ़कर 18.57 बिलियन रुपये (1857
करोड़ रुपये) हो गया। जबकि वित्त वर्ष 2023 के 9 महीनों में यह 15.40 बिलियन रुपये (1540 करोड़ रुपये)
था।
वित्त वर्ष 2024 की तीसरी तिमाही में दिसंबर PBT 23.3 फीसदी बढ़कर 5.74 बिलियन रुपये (574 करोड़
रुपये) हो गया जो वित्त वर्ष 2023 की तीसरी तिमाही में 4.65 बिलियन रुपये (465 करोड़ रुपये) था।
· परिणामस्वरूप, कर पश्चात लाभ (PAT) सालाना आधार पर 8.3% बढ़कर वित्त वर्ष 2024 के 9 महीनों में
13.99 बिलियन रुपये (1399 करोड़ रुपये) हो गया, जबकि वित्त वर्ष 2023 के 9 महीनों में यह 12.92
बिलियन रुपये (1292 करोड़ रुपये) था। वित्त वर्ष 2023 के Q2 में टैक्स प्रोविजन (कर प्रावधान) के उलट
होने के एक बार के प्रभाव को छोड़कर, वित्त वर्ष 2024 के 9 महीनों में PAT 20.2 फीसदी बढ़ गया।
o वित्त वर्ष 2024 की तीसरी तिमाही में PAT सालाना आधार पर 22.4 फीसदी बढ़कर 4.31 बिलियन रुपये
(431 करोड़ रुपये) रहा जो वित्त वर्ष 2023 की तीसरी तिमाही में 3.53 बिलियन रुपये (353 करोड़ रुपये) था।
· औसत इक्विटी पर रिटर्न (आरओएई) वित्त वर्ष 2024 के 9 महीने में 17.1 फीसदी था, जबकि वित्त वर्ष
2023 के 9 महीने में यह 18.1 फीसदी था। वहीं वित्त वर्ष 2023 की तीसरी तिमाही में 14.3 फीसदी की
तुलना में वित्त वर्ष 2024 की तीसरी तिमाही में आरओएई 15.3 फीसदी था।
· सॉल्वेंसी रेश्यो 31 दिसंबर, 2023 को 2.57x था, जबकि 30 सितंबर, 2023 को यह 2.59x था और 1.50x की
न्यूनतम रेगुलेटरी यानी नियामक जरूरतों से अधिक था। 31 मार्च, 2023 को सॉल्वेंसी रेश्यो 2.51x था।
आईसीआईसीआई लोम्बार्ड ने चेन्नई के बाढ़ राहत प्रयासों के लिए तैनात किया
आईसीआईसीआई लोम्बार्ड और एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक ने बैंकाश्योरेंस टाई-अप का किया ऐलान

Bancaaurance: मुंबई। भारत में निजी क्षेत्र की अग्रणी गैर-जीवन बीमा कंपनी, आईसीआईसीआई लोम्बार्ड जनरल इंश्योरेंस ने एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक (AU Small Finance Bank) के साथ एक बैंकाश्योरेंस(Bancassurance) टाई-अप करने की घोषणा की है। बैंकाश्योरेंस एक बैंक और एक बीमा कंपनी के बीच एक साझेदारी है, जो बीमा कंपनी को अपने उत्पादों को बैंक के ग्राहकों को बेचने की अनुमति देती है। यह साझेदारी भी बैंक ग्राहकों को बीमा कंपनी के पोर्टफोलियो तक पहुंच प्रदान करेगी। इससे देश में बीमा की पहुंच और बढ़ेगी।
लंबी अवधि के लिए फाइनेंशियल सेफ्टी
एयू बैंक देश भर में तेजी से अपने डिस्ट्रीब्यूशन फुटप्रिंट का विस्तार कर रहा है। आईसीआईसीआई लोम्बार्ड जनरल इंश्योरेंस द्वारा एयू बैंक के साथ इस टाई-अप का उद्देश्य अपने डिजिटल और पेपरलेस सॉल्यूशन केसाथ अपनी सामान्य बीमा पेशकश को और मजबूत बनाना है। कंपनी के बीमा उत्पादों को 20 राज्यों और 2 केंद्र शासित प्रदेशों में फैले 980+ बैंकिंग टचप्वॉइंट्स पर पेश किया जाएगा। ग्राहक केंद्रित उत्पाद ग्राहकों और उनके परिवारों को लंबी अवधि के लिए फाइनेंशियल सेफ्टी यानी वित्तीय सुरक्षा प्रदान करेंगे। दोनो संगठनों का विश्वास इनोवेशन और निरंतरता के जरिए ग्राहकों को सर्वश्रेष्ठ पेशकश देने में है, इसलिए उनके बीच इस साझेदारी से ग्राहकों को बेस्ट प्रोडक्ट ऑफर मिलेगा।
अलग अलग ग्राहक वर्गों की जरूरतें पूरी करने में सक्षम
इस साझेदारी के बारे में बात करते हुए आईसीआईसीआई लोम्बार्ड के कार्यकारी निदेशक संजीव मंत्री ने कहा कि आईसीआईसीआई लोम्बार्ड में, हम कंज्यूमर्स और व्यवसायों को उनकी जरूरतों के आधार पर प्रभावी रिस्क मैनेजमेंट सॉल्यूशंस यानी जोखिम प्रबंधन समाधान प्रदान करने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं।इंडस्ट्री में लीडर होने के नाते हम ग्राहकों को एक व्यापक प्रोडक्ट पोर्टफोलियो प्रदान करने के लिए भारत के सबसे बड़े स्माल फाइनेंस बैंक एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक के साथ साझेदारी करने के लिए उत्साहित हैं। यह साझेदारी बैंक के व्यापक नेटवर्क के माध्यम से हमारे डिस्ट्रीब्यूशन को और मजबूत करने और विकास के अवसरों को उजागर करने में मदद करेगी। रिस्क मैनेजमेंट के लिए अनुकूलित समाधानों की हमारी विस्तृत रेंजके साथ हमें भरोसा है कि हम पूरे भारत में अलग अलग ग्राहक वर्गों की जरूरतें पूरी करने में सक्षम होंगे।
बेहतर वित्तीय सुरक्षा के लिए योजना बनाने में मदद
एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक के कार्यकारी निदेशक उत्तम टिबरेवाल ने इस रणनीतिक साझेदारी पर कहा कि एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक हमेशा ग्राहक केंद्रित समाधान और सेवाएं प्रदान करने में गर्व महसूस करता है।फाइनेंशियल सर्विसेज और ग्राहक मूल्य प्रस्ताव के अपने बकेट का विस्तार करते हुए, हम अपने ग्राहकों को बेहतर वित्तीय सुरक्षा के लिए योजना बनाने में मदद करना चाहते हैं. जिसके चलते प्रोडक्ट और सर्विसेज के मौजूदा रेंज में वैल्यू जोड़ने के लिए अतिरिक्त जनरल इंश्योरेंस पार्टनर के साथ जुड़ना चाहते थे। हम अपने इंश्योरेंस पार्टनर के रूप में आईसीआईसीआई लोम्बार्ड का स्वागत करते हैं। हमारा मानना है कि ग्राहकों की जरूरतों को समझने और उन्हें आवश्यकता आधारित समाधान प्रदान करने और बिना रुकावट सेवाएं देने की क्षमता और अनुभव है। मुझे यकीन है कि आईसीआईसीआई लोम्बार्ड के कस्टमर्स फ्रेंडली प्रोडक्ट, हमारीप्रेजेंस और मजबूत तकनीकी क्षमताओं के साथ, बीमा पैठ बढ़ाने के लिए सही मिश्रण होंगे।
Bank Fraud से बचने के लिए इन बातों का रखना होगा ध्यान
(Bachatmantra Desk)
आपके पास एक फ़ोन आता है कि आपके फ़ोन नंबर को चुना गया है किसी ईनाम के लिए। ईनाम में भारी भरकम राशि ऑफ़र की जाती है। या फिर आप कहीं ख़रीदारी करते हैं तो आपके पास मैसेज आता है कि आपको इस ख़रीद पर कैशबैक ऑफ़र किया जा रहा है। दोनों ही मामलों में आपको या तो ओटीपी शेयर करने के लिए कहा जाता है या फिर QR कोड स्कैन करने के लिए कहा जाता है। और जैसे ही आप यह करते हैं तो पाते हैं कि आपके बैंक खाते में कैशबैक या ईनाम की राशि आने के बजाये एक मोटी रक़म वहाँ से निकल गई। उसके बाद आपके पास अपना माथा पीटने के अलावा कोई चारा नहीं होता और आप आसानी से बैंक फ़्रॉड के शिकार हो जाते हैं।
आजकल यह फ्रॉड सिर्फ ईनाम का ही प्रलोभन नहीं दे रहे, बल्कि आपसे आपके क्रेडिट या डेबिट कार्ड के लॉक हो जाने या आपकी जीवन बीमा पालिसी पर रिटर्न की राशि देने के लिए भी आपसे संपर्क करते हैं। QR कोड के ज़रिए जालसाज़ी फ़िलहाल इन साइबर अपराधियों का सबसे नया तरीक़ा है। भारतीय रिज़र्व बैंक लगातार इस बात का प्रचार कर रहा है कि इस तरह की जालसाज़ी से बचने के लिए आपको क्या उपाय करने चाहिएं। हम भी अपने पाठकों और सदस्यों को इस बारे में सचेत करना चाहते हैं कि ऑनलाइन बैंकिंग, डिजिटल पेमेंट और ऑनलाइन ख़रीदारी करने के साथ साथ जहां आप अपना फ़ोन नंबर दे रहे हैं, उसमें आपको किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
किन बातों का रखें ध्यान
-बैंक के क्रेडिट-डेबिट कार्ड का पिन किसी के साथ शेयर न करें
-अपनी ऑनलाइन बैंकिंग का पासवर्ड किसी को न बताएं। खुद बैंक भी कभी आपसे ये जानकारी नहीं लेता, इसलिए बैंक से फोन है, कहने वालों को ये जानकारी बिल्कुल न दें
-कहीं भी अपना मोबाइल नंबर और ईमेल आइडी जब तक बहुत आवश्यक न हो न दें। शॉपिंग में बिलिंग के अतिरिक्त किसी के भी माँगने पर इसे शेयर न करें
-पेट्रोल पंप, चौराहों आदि पर आपको कई तरह के ऑफ़र देने वाले मिलते हैं और फार्म भरने को कहते हैं जिसमें मोबाइल नंबर माँगा जाता है। उनसे भी अपना नंबर शेयर करने से बचे
-फ़ोन पर किसी के साथ OTP शेयर न करें
-एटीएम से पैसे की निकासी के वक्त अपना पिन छिपा कर डालें और आसपास नज़र रखें
-एटीएम में कार्ड डालते वक्त मशीन को जाँच लें कहीं कोई कैमरा या डिवाइस तो नहीं छिपी है
-किसी भी अपरिचित नंबर से आये मैसेज के लिंक पर क्लिक न करें, ऐसा करने से हैकर आपके फ़ोन को हैक कर सकता है
-अपरिचित आइडी से आने वाले मेल में आये लिंक पर भी क्लिक न करें
हमेशा इस बात का ध्यान रखें कि बैंक में जमा आपकी धनराशि आपकी गाढ़ी मेहनत से कमाई गई है। उसे किसी लालच या अनजाने में लूटने का मौक़ा न दें। बैंक और बीमा कंपनियाँ आपसे कभी ओटीपी या पासवर्ड शेयर करने को नहीं कहतीं, भले ही आपका क्रेडिट या डेबिट कार्ड खो गया हो या किसी वजह से ल़ॉक हो गया हो। यही नहीं बीमा पॉलिसी लैप्स हो जाने पर भी इंश्योरेंस कंपनी आपसे ओटीपी या पासवर्ड शेयर करने को नहीं कहती। इन छोटी छोटी बातों का ध्यान रखकर और थोड़ी सतर्कता बरतने से आप खुद को धोखाधड़ी का शिकार होने से बचा सकते हैं।
झूठे मुआवजे के दावों का बीमा कंपनियों के लिए बढ़ता खतरा
मुंबई, 14 नवंबर, 2022: सड़क दुर्घटना पीड़ितों की सुरक्षा को नियमों के अंतर्गत लाने और सुरक्षा मानकों को बनाए रखने के उद्देश्य से, मोटर वाहन अधिनियम 1988 द्वारा मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण की स्थापना की गई है। मोटर वाहन दुर्घटनाओं, व्यक्तियों की मृत्यु या शारीरिक चोट या तीसरे पक्ष की किसी भी संपत्ति को जो नुकसान होता है उसके लिए राज्य सरकारें मुआवजे के दावों पर निर्णय लेने के लिए दावा न्यायाधिकरण का गठन करती हैं।
इसका उद्देश्य मोटर वाहनों द्वारा दुर्घटनाओं के पीड़ितों को बिना किसी देरी के उचित समय पर उपचार प्रदान करना है। मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण [एमएसीटी न्यायालय] मोटर दुर्घटनाओं से उत्पन्न होने वाले जीवन/संपत्ति या चोट के मामलों के नुकसान से संबंधित उन दावों को संभालते हैं।
दावेदारों, चिकित्सकों, पुलिस और अधिवक्ताओं के बीच मिलीभगत के कारण मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण (एमएसीटी) के समक्ष धोखाधड़ी के मामलों की संख्या में वृद्धि का आरोप लगाते हुए, भारतीय कानून प्रणाली इस तरह की घटनाओं से अधिक सतर्क हो रही है।
मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण के मामलों में बड़े पैमाने पर विसंगतियों को देखने के बाद, इलाहाबाद के माननीय उच्च न्यायालय, लखनऊ बेंच ने राज्य सरकार को एमएसीटी मामलों की दोबारा जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने का निर्देश दिया था। एसआईटी (विशेष जांच दल) जांच, कार्यवाही शुरू करने और उचित तरीके से नहीं किए गए मामलों के अभियोजन की जिम्मेदारी और कर्तव्यों का पालन कर रही है। नतीजतन, कई वकील मनगढ़ंत चिकित्सा दस्तावेजों और झूठे दुर्घटना मामलों के आधार पर दावा याचिका दायर करते पाए गए हैं। विशेष जांच दल (एसआईटी) की रिपोर्ट के आधार पर, उत्तर प्रदेश की बार काउंसिल ने उचित जांच के बाद मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण के तहत फर्जी दावों की प्रस्तुति में शामिल 30 वकीलों के लाइसेंस समाप्त करने का फैसला किया है।
एक रिपोर्ट के अनुसार, विशेष जांच दल (एसआईटी) ने 2015 से शुरू होकर, पिछले सात वर्षों में 1,376 आरोप-पत्रित दावों का खुलासा किया है। रिपोर्ट के अनुसार, एसआईटी ने 28 वकीलों सहित 198 लोगों को गिरफ्तार किया, जिनमें से कई आरोपित थे और राज्य बार काउंसिल ने उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही शुरू की। रिपोर्ट से पता चलता है कि, हालांकि कथित पीड़ितों को कोई गंभीर चोट नहीं आई है, कुछ अस्पतालों ने दोषियों के लिए झूठे प्रमाण पत्र, अस्पताल से छुट्टी का दस्तावेज (डिस्चार्ज समरी) और सहायक चिकित्सा दस्तावेज भी जारी किए हैं। इन दस्तावेजों पर भरोसा करने वाली बीमा कंपनियां ऐसे संदिग्ध दावों का शिकार हो रही हैं और उन्हें पैसे देने के लिए कहा गया ।
मोटर वाहन अधिनियम के तहत मुआवजे का दावा
मुआवजे का दावा कौन कर सकता है?
एमवी अधिनियम 1988 की धारा 166 में कहा गया है कि एक व्यक्ति जिसको खुद चोट पहुंची है, या उस संपत्ति का मालिक है जो एक वाहन दुर्घटना में उसका नुकसान हो गया हो, या मृतक का कानूनी प्रतिनिधि है जो मोटर दुर्घटना में मर गया है, या घायल व्यक्ति द्वारा विधिवत अधिकृत एजेंट है, या मृतक के कानूनी प्रतिनिधि द्वारा, जैसा भी मामला हो- मुआवजे का दावा कर सकते हैं ।
मुआवजे का दावा कब किया जा सकता है?
मोटर वाहन अधिनियम में हाल ही में किए गए संशोधन के अनुसार, सीमा अवधि यानी, वह समय जिसमें मुआवजे के लिए दावा दायर किया जाना है, दुर्घटना की घटना से छह महीने है। इसका मतलब है कि छह महीने की समाप्ति के बाद, नुकसान का दावा करने वाले किसी भी आवेदन को मान्य या विचार नहीं किया जा सकता है।
इसके अलावा, धारा 172 (1) के तहत दावा न्यायाधिकरण कहता है कि एक बीमाकर्ता या मुआवजे के दावे में कोई भी पक्ष मुआवजे के रूप में विशेष लागत का भुगतान करने के लिए बाध्य है। यदि यह निश्चित है कि या तो मुआवजे का दावा अमान्य है क्योंकि बीमा की पॉलिसी किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी या गलत बयानी के माध्यम से प्राप्त की गई थी या कि किसी पक्ष या बीमाकर्ता ने मामले की कार्यवाही के दौरान झूठे या अपमानजनक दावे या बचाव का प्रस्ताव रखा है। इन विशेष लागतों को बीमाकर्ता या उस पक्ष को मुआवजा दिया जाना चाहिए जिसके खिलाफ ऐसा दावा या बचाव किया गया था।
कई रिपोर्टों से संकेत मिलता है कि इन वकीलों ने मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण के तहत फर्जी दावे प्रस्तुत करके बीमा कंपनियों को कई करोड़ का नुकसान पहुंचाया है। उत्तर प्रदेश का विशेष जांच दल अपने अस्तित्व के बाद कई धोखाधड़ी के मामलों की पहचान करने में सफल रहा है, जिससे जनता के सैकड़ों करोड़ रुपये की बचत हुई है।
उत्तर प्रदेश एसआईटी का यह प्रयास जनता को बीमा धोखाधड़ी से बचाने में मदद करता है और इसे अन्य राज्य सरकारों द्वारा भी लिया जाना चाहिए, ताकि जनता के पैसे की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
आईसीआईसीआई लोम्बार्ड ने स्वास्थ्य, वाहन और कॉर्पोरेट सेक्टर में 14 नए उत्पाद लॉन्च किए

मुंबई। निजी क्षेत्र की अग्रणी गैर-जीवन बीमा कंपनी आईसीआईसीआई लोम्बार्ड ने 14
नए और पहले से उन्नत बीमा उत्पादों की शुरूआत की है। इसके जरिए कंपनी ने बीमा समाधानों की अपनी
नवीनतम लाइन-अप की शुरूआत की है। इसमें स्वास्थ्य, वाहन, यात्रा और कॉर्पोरेट सेक्टर में राइडर्स/एड-ऑन और
अपग्रेड शामिल हैं। कंपनी ने शुक्रवार को मुंबई में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस बात की घोषणा की है। कंपनी ने अपने इस
पेशकश में ग्राहकों के व्यापक स्पेक्ट्रम के लिए अलग अलग श्रेणियों में उत्पादों की एक विस्तृत श्रृंखला पेश की है।
कंपनी का कहना है कि इन नए उत्पादों का सेट उपभोक्ताओं द्वारा बीमा का अनुभव करने के तरीके को बदल देगा,
साथ ही उन्हें एक सहज और तकनीकी सक्षम समाधान प्रदान करेगा।
नए उत्पाद लॉन्च करने के पीछे उद्देश्य बीमा उद्योग की बात करें तो इसमें अब नए तरह के जोखिमों को उभरता हुआ देखा जा रहा है। चाहे वह महामारी
हो, जलवायु परिवर्तन हो या डाटा गोपनीयता हो। इसलिए यह ग्राहकों के बदलते व्यवहार और नए तकनीकी
समाधानों और अवसरों से प्रेरित व्यापक कवरेज की मांग बढ़ी है। इसी मूल विचार को ध्यान में रखते हुए कंपनी ने
नई पेशकशों की घोषणा की है. वहीं कंपनी द्वारा पेश किए गए नए उत्पाद आईआरडीएआई (बीमा नियामक और
विकास प्राधिकरण) की ओर से ‘यूज एंड फाइल’ फ्रेमवर्क की हालिया क्रांतिकारी घोषणा से भी प्रेरित हैं।
ग्राहकों की खास जरूरतों का ध्यान रखा गया
आईसीआईसीआई लोम्बार्ड के उत्पाद पोर्टफोलियो के विस्तार के बारे में आईसीआईसीआई लोम्बार्ड के कार्यकारी
निदेशक, संजीव मंत्री ने कहा कि हम आईसीआईसीआई लोम्बार्ड में लाखों ग्राहकों की खास जरूरतों को ध्यान में
रखते हुए उन्हें सरल और अत्याधुनिक जोखिम समाधान प्रदान करने में हमेशा सबसे आगे रहे हैं।
लगभग हर सेगमेंट के लिए एक उत्पाद
उनका कहना है कि इनोवेशन यानी कुछ नया करना हमारे संगठनात्मक डीएनए का एक हिस्सा है। हमारी व्यापक
पेशकश को ग्राहकों की अनगिनत जरूरतों को पूरा करने के लिए डिज़ाइन किया गया है, जो उम्र, भौगोलिक,
सामाजिक आर्थिक पृष्ठभूमि या जेंडर के अनुसार जरूरतों को पूरी करती है। उन्होंने कहा कि हमें यह बताते हुए खुशी
हो रही है कि हमारे पास लगभग हर सेगमेंट के लिए एक उत्पाद है और नियामक द्वारा किए गए सुधारों से प्रेरित
होकर, हमने नए उत्पादों को विकसित करने और लॉन्च करने की अपनी गति को तेज किया है।
उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि बीमा उद्योग का वर्तमान युग नएपन और संभावनाओं की फिर से कल्पना करने
के लिए एक शानदार अवधि है। 14 नए उत्पादों के साथ, आईसीआईसीआई लोम्बार्ड ने खुद को देश के एक पूर्व-
प्रतिष्ठित और व्यापक जोखिम बीमाकर्ता के रूप में और मजबूत किया है।
कंपनी द्वारा पेश किए गए नए उत्पादों की मुख्य विशेषताएं और विवरण…..
गोल्डेन शील्ड (Golden Shield)
गोल्डेन शील्ड नागरिकों के लिए अनिश्चित स्वास्थ्य संबंधी जोखिम के खिलाफ वित्तीय सुरक्षा प्रदान करता है। इसका
टारगेट ऐसे सेग्मेंट पर है, जिसपर अभी बीमा उद्योग द्वारा बहुत ज्यादा ध्यान नहीं दिया गया है। यह उत्पाद ऐसी
पॉलिसी प्रदान करता है जो अस्पताल में भर्ती के खर्चों को कवर करता है, जो अधिक आयु वर्ग में ग्राहकों के लिए
ज्यादा प्रासंगिक हैं। इस कवरेज में कमरे का किराया, आईसीयू, डॉक्टर की फीस, एनेस्थीसिया, ब्लड, ऑक्सीजन,
ओटी शुल्क, दवाएं और बहुत कुछ शामिल हैं।
इसमें उन डे-केयर प्रक्रियाओं/उपचार के लिए चिकित्सा खर्च भी शामिल हैं, जिसमें 24 घंटे से कम अस्पताल में भर्ती
होने की आवश्यकता होती है. वहीं इसमें आधुनिक उपचार का खर्च भी कवर होता है, जिसमें स्टेम सेल थेरेपी, बैलून
साइनुप्लास्टी, ओरल कीमोथेरेपी, रोबोटिक सर्जरी और डीप ब्रेन स्टिमुलेशन शामिल हैं। इसमें एक अनूठा ऐड-ऑन
केयर कवरेज भी है, जिसके तहत वरिष्ठ नागरिकों को हेल्थकेयर पेशेवरों की सेवाएं मिलती हैं, जो उनके स्वास्थ्य की
देखभाल करने के अलावा उनके परिवार के सदस्यों को उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी देते रहते हैं ।
हेल्थ एडवांटेज एज (Health AdvantEdge)
हेल्थ एडवांटेज एज, वैश्विक नागरिकों के लिए एक प्रमुख पेशकश है, जिसमें घरेलू और विश्वव्यापी अंतर्राष्ट्रीय कवर
शामिल हैं। इसमें अस्पताल में भर्ती होने से पहले और बाद में, असीमित टेलीकंसल्टेशन, एयर एम्बुलेंस और
आपातकालीन सहायता सेवाओं को बढ़ाना शामिल है।
बेफिट (BeFit)
इस उत्पाद को हाल ही में पेश किया गया और यह कैशलेस ओपीडी पॉलिसी के रूप में इंडस्ट्री में अपनी तरह का
पहला उत्पाद है. यह खांसी/जुकाम या मामूली चोटों जैसी सामान्य बीमारियों को कवर करता है, जिसमें अस्पताल
में भर्ती होने की आवश्यकता नहीं होती है। यह हानि से सुरक्षा देने वाले स्वास्थ्य उत्पादों के लिए एक ऐड-ऑन
राइडर है, जो नियमित ओपीडी परामर्श, डायग्नोस्टिक टेस्ट, फिजियोथेरेपी और फार्मेसी बिलों के लिए व्यापक
कवरेज को सक्षम बनाता है। यह शुरुआत में 20 स्थानों पर लॉन्च किया गया था, अब इसने 50 स्थानों तक अपनी
पहुंच बढ़ा दी है।
व्यापक स्वास्थ्य बीमा (CHI) और amp; हेल्थ बूस्टर
कंपनी के पास सीएचआई, हेल्थ बूस्टर, क्रिटीशील्ड और फैमिलीशील्ड जैसे सभी वर्गों और आयु समूहों में कई उत्पाद
हैं जो रिटेल स्वास्थ्य उत्पादों के व्यापक प्रसार की पेशकश करते हैं और ये कंपनी के केयर फिलोसॉफी के अनुरूप हैं।
मोटर फ्लोटर बीमा (Motor Floater Insurance)
मोटर फ्लोटर पॉलिसी के साथ ग्राहक अपनी सभी मोटर पॉलिसियों के लिए सिंगल पॉलिसी, सिंगल नवीनीकरण
तिथि और सिंगल प्रीमियम की सुविधा पा सकते हैं। इस उत्पाद को चुनने वाले ग्राहकों को इस पॉलिसी के तहत उनके
कई वाहनों के लिए एक किफायती प्रीमियम प्रदान किया जाता है।
टेलीमैटिक्स ऐड-ऑन (Telematics add-on)
यह ऐड-ऑन कवर बेस मोटर उत्पाद को ‘एसेट कम यूसेज’ आधारित उत्पाद में बदल देता है। जिसमें बेस मोटर वाहन
के बीमा के लिए लिया जाने वाला प्रीमियम आंशिक रूप से उपयोग पर निर्भर करेगा।
o पे-ऐज-यू-यूज प्लान (Pay-As-You-Use) (PAYU)
ग्राहकों को उपयोग के आधार पर विभिन्न “किलोमीटर योजनाओं” में से चुनने की सुविधा प्रदान की जाएगी। इसलिए
पॉलिसी के लिए प्रीमियम केवल उस सीमा तक सीमित होगा, जिस सीमा तक वाहन का उपयोग किया जाता है या
ग्राहक द्वारा उपयोग किए जाने का अनुमान लगाया जाता है।
o पे-हाउ-यू-यूज प्लान (PHYU)
इस प्लान के तहत, ड्राइविंग बिहेवियर स्कोर के अनुसार चार्ज किया गया प्रीमियम बदल जाएगा. अच्छा ड्राइविंग
व्यवहार वाला ग्राहक पॉलिसी के मूल प्रीमियम पर आकर्षक छूट प्राप्त कर सकता है.
आपातकालीन चिकित्सा व्यय कवर (Emergency Medical Expense Cover)
ईएमई ऐड-ऑन दुर्घटना की स्थिति में वाहन रखने वालों को चिकित्सा पर खर्च के खिलाफ कवर मिलता है और
अस्पताल में उपचार के लिए दैनिक नकद लाभ भी मिलता है।
समान मासिक किस्त (EMI) प्रोटेक्ट
ईएमआई कवर ऐड-ऑन उन मामलों के लिए लागू होता है, जहां दुर्घटना में वाहन शामिल होता है। यह कुल
उत्तरदायी ईएमआई राशि को कवर करता है जिसके लिए बीमित व्यक्ति का वाहन गैरेज में मरम्मत के अधीन है।
क्लब रॉयल होम इंश्योरेंस (Club Royale Home Insurance)
क्लब रॉयल होम इंश्योरेंस को अभिजात वर्ग के आधार पर बनाया गया है, जिसमें न केवल उनकी आवासीय
इकाइयों, बल्कि उनके परिवार, पालतू जानवरों और नियुक्त कर्मचारियों से संबंधित पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित की जाती
है। यह उत्पाद एक ही पॉलिसी में कई संपत्तियों और स्थानों का बीमा करने के साथ घर के मालिकों को बेचा जा
सकता है। यह ऐड-ऑन की एक व्यापक श्रृंखला के साथ एक व्यापक उत्पाद है, जिसे आवश्यकता के अनुसार
अनुकूलित किया जा सकता है।
वोयाजर यात्रा बीमा (Voyager Travel Insurance)
इस उत्पाद के तहत नया कवर, स्वयं संचालित छुट्टी, क्रूज आदि जैसी उभरती जरूरतों को पूरा करता है, और यात्रियों
की जीवन शैली और उनकी प्राथमिकताओं को दर्शाता है। ग्रुप और कॉर्पोरेट कवरेज के लिए एकल समाधान वाला यह
उत्पाद एक साल तक की घरेलू और विदेशी यात्रा दोनों को कवर करता है।
लायबिलिटी फ्लोटर (Liability Floater)
यह उत्पाद साइबर, कर्मचारियों की बेईमानी, निदेशक और पेशेवर क्षतिपूर्ति या वाणिज्यिक सामान्य देयता सहित
कई देनदारियों के एवजी में एसएमई / स्टार्टअप को लिए व्यापक कवरेज देता है।
ड्रोन बीमा (Drone Insurance)
इस उत्पाद द्वारा ड्रोन निर्माताओं/ऑपरेटरों या लॉजिस्टिक कंपनियों को पेलोड सहित ड्रोन की चोरी/हानि या क्षति
की स्थिति में एक व्यापक बीमा प्रदान किया जाता है।
खुदरा साइबर देयता बीमा (Retail Cyber Liability Insurance).
यह उत्पाद व्यक्तियों और उनके परिवारों को ऐसे किसी भी साइबर धोखाधड़ी या डिजिटल जोखिम से सुरक्षा प्रदान
करता है, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें वित्तीय या उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचता है ।
इनोवेशन से प्रेरित है कंपनी
एक कंपनी के रूप में आईसीआईसीआई लोम्बार्ड इनोवेशन यानी नएपन से प्रेरित है और ये उत्पाद उसी का एक
मजबूत उदाहरण हैं। आईसीआईसीआई लोम्बार्ड विभिन्न प्रकार के तकनीकी-सक्षम समाधान प्रदान करता है।
उदाहरण के तौर पर इसका आईएल टेककेयर ऐप है, जिसे 2.4 मिलियन से अधिक डाउनलोड किया गया है। यह ऐप
यूजर्स को पॉलिसी खरीदने, क्ल्रेम यानी दावों को संभालने के साथ-साथ उन्हें एक ही प्लेटफॉर्म पर नवीकरण करने
की सुविधा देता है। इन सबमें ग्राहकों को आसानी भी होती है। इसके अलावा, आईसीआईसीआई लोम्बार्ड में
आरआईए (रिस्पॉन्सिव इंटेलिजेंट असिस्टेंट), एक एनएलपी-सक्षम चैटबॉट भी है जो एंड-यूजर अनुभव को अपग्रेड
करने में मदद करेगा।
Role of Technology in Insurance Fraud Detection
By Kalyanaraman Gopalakrishnan, VP – Insurance Practice, Fulcrum Digital Inc.
Fraud, both detected and undetected, is a key concern area for everyone pivoting to digital lifestyles.
According to an article published recently that talks about the global insurance industry, insurance
fraud costs U.S. consumers at least $80 billion every year. It also estimates that workers’
compensation insurance fraud alone costs insurers and employers $30 billion a year.
Insurance fraud is a persistent problem that has not shown signs of slowing down. It is sometimes
misinterpreted as a crime with no victims. Consumers, on the other hand, incur greater premiums
and slower claims processing as a result of these crimes, in addition to the significant monetary and
reputational losses suffered by insurance companies.
The ongoing Covid-19 pandemic is expected to increase cases of insurance fraud as reports already
suggest the rise in Covid-19 related scams. A study released by the State of Insurance Fraud
Technology found that AI has become an increasingly important tool for fraud detection, as conmen
are leveraging data online and on social media for such fraudulent activities. The good news is that
India’s insurance industry has been able to curb fraudulent activities by digitizing fraud investigation.
In a survey, 68% of respondents said their organizations were using digital solutions for
investigations, while 19% said they were in various stages of planning the transition to digital.
Machine learning, predictive analytics, data mining methods are increasingly used for fraud
detection, as timely detection is key, considering there is deterrent for fraudsters. Here are ways in
which technology can help with the detection of fraud at the early stages.
Blockchain
A database network referred to as Blockchain, records transactional data in real-time. What this
technology also does is it highlights concerns in terms of security, privacy, and control. This
technology has also been hailed as an ideal solution to counter insurance fraud. A Blockchain ledger
keeps a permanent record of transactions that is automatically synced without the use of a
centralizing third party. It’s a process where every block links to a previous block, and they all have
time/date stamps. If a hacker attempts to change information on one of the blockchain copies, the
other versions would reject it as contradictory.
Not just to protect our data but blockchain is also leveraged for preventing identity fraud in
insurance practices. In today’s paradigm of passive, wholesale data sharing blockchain helps in
segmenting data so that only those who need it have access to it. Custom permissions can be set
depending on how data is stored on the blockchain. Your insurance provider, for example, may have
access to your product policy, whereas your bank may just have access to your financial information.
Nonetheless, while Blockchain has received a lot of attention in recent years from a variety of
industries, it does come with some risks and restrictions. Cyber-attacks remain a prominent issue:
Blockchain poisoning, for example, is an attack that involves loading private data or illegal materials
onto a network that renders it useless due to the conflict with local laws.
Anomaly detection
Anomaly detection is one of the key trends in cybersecurity practices, with numerous use cases such
as fraud prevention. In the case of insurance fraud, machine learning (ML) models helps in
identifying what a normal claim looks like to establish a baseline. Once that baseline is defined, they
can identify abnormalities and notify insurers. During claim processes, anomaly detection helps in
examining legitimate customer claims. This creates a model of how a typical claim appears, which it
applies to larger data sets. It can also be used by insurers to discover questionable conduct among
users on their network.
For an example, to detect fraud in large sets of insurance claims based on cases that are suspected
to be fraudulent, the anomaly detection technique analyses past insurance claims to evaluate the
possibility of each record being fraudulent. In transactional cases, if someone is not a frequent user
of debit/ credit cards, but if large sums of money are transacted to purchase policies one after
another from his/or her account within one day, banks will be able to identify anomalies and may
block respective cards. However, these irregularities are not necessarily always indicative of
intentional wrongdoing. Accidents and mistakes may happen even when no one is trying to defraud
you.
Predictive analytics
As per MarketWatch, the Global Predictive Analytics market size will reach USD 34.1 billion by 2027.
Valued approximately at USD 6.9 billion in 2019, it is anticipated to grow with a healthy growth rate
of more than 22.17% over the forecast period 2020-2027.
Many of us consider predictive analytics as being one of the most important measures in trying to
combat insurance fraud. Like anomaly detection, predictive analytics involves training artificial
intelligence or machine learning algorithms using historic data, in order for them to ultimately
forecast future incidents. The ability to determine vulnerabilities in the claim process is clearly
appealing to insurers, who would be able to save time by acting to avoid fraud rather than reacting
to it.
Predictive analytics helps in retaining a level of reactiveness rather than proactiveness. This solution
relies on the use of historic data, which means that new schemes are unlikely to be detected as the
models have not been trained to recognize them yet.
Speed up claims processing with chatbots
Reporting damage or theft to any insurance company generally initiates claim processing.
Traditionally, it was done through brokers. However, with technological advancements policy
holders could now leverage chatbots on insurance company’s website/mobile app to file the first
notice of loss (FNOL). Chatbots would direct them to take photos and videos of the damage, which
potentially lessens time for the fraudsters to change the data. These natural language processing
(NLP) driven customer assistants speed up claim processing, without the requirement of human
intervention.
Technology has become a day-to-day necessity for us as it has made our lives easier. Be it the usage
of chatbots to interact with companies or home assistants like Alexa to manage something as simple
as changing the audio loop. In the insurance sector, while the usage of technology started in
customer support, continually refining machine learning algorithms have expanded its applications
to multiple aspects, such as claim management, fraud detection, risk assessment, and pricing. While
technology has changed the way the insurance industry works, it must be noted that this is not a
replacement for human intervention but is aimed at making lives and processes easier.
कोरोना महामारी के बाद ट्रैवल इंश्योरेंस लेने वालों की संख्या बढ़ी : आईसीआईसीआई लोम्बार्ड सर्वे
-संख्या में 76% का हुआ इजाफा
– ट्रैवल इंश्योरेंस यानी यात्रा बीमा खरीदने के लिए ग्राहकों का एक बड़ा हिस्सा
डिजिटल चैनलों पर निर्भर है
-सर्वे के मुताबिक करीब 94 फीसदी लोग निकट भविष्य में अपनी विदेश
यात्रा के लिए यात्रा बीमा खरीदेंगे।
मुंबई। आईसीआईसीआई लोम्बार्ड द्वारा किए गए एक शोध में कहा गया है कि महामारी से पहले 50 फीसदी की तुलना में अंतरराष्ट्रीय यात्रा के लिए भारत में ट्रैवल इंश्योरेंस यानी यात्रा बीमा में 76 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। विदेश यात्रा की योजना बनाने वालों में से 94 फीसदी लोगों ने कहा कि वे अपनी यात्रा के लिए बीमा खरीदेंगे। सर्वे में यह भी पता चला कि यात्रा बीमा खरीदने के लिए डिजिटल माध्यमों पर निर्भरता बढ़ रही है।
लगभग एक तिहाई ग्राहक बीमा खरीदने के लिए इंश्योरेंस कंपनियों की वेबसाइट पर यात्रा बीमा की तलाश करते हैं। जबकि अन्य 30 फीसदी ऑनलाइन एग्रीगेटर्स यानी सेवा समूह केंद्रों और ऑनलाइन ट्रैवल प्लेटफॉर्म से बीमा की खरीदारी करते हैं।
यात्रा बीमा का महत्व समझने में मदद
आईसीआईसीआई लोम्बार्ड ने यात्रा बीमा के प्रति ग्राहकों की धारणाओं को समझने और यात्रियों के खरीदारी करने के व्यवहार को समझने के लिए सर्वेक्षण किया। इस सर्वेक्षण द्वारा छुट्टी मनाने के लिए यात्रा और व्यावसायिक यात्रा के बीच धारणा के अंतर को समझने में भी मदद मिली है। वहीं इस सर्वेक्षण द्वारा बीमा खरीदने की इच्छा और मौजूदा हालात में यात्रा बीमा के महत्व और कोरोना वायरस महामारी को लेकर जागरूकता को समझने में भी मदद मिली है। अध्ययन इस बात पर भी प्रकाश डालता है कि महामारी के बाद अंतरराष्ट्रीय यात्रा के पीछे व्यवसाय/ कार्य और चिकित्सा जैसे कारण प्रमुख रहे हैं।
यात्रा बीमा अब जरूरत बन गया
सर्वेक्षण इस बात पर जोर डालता है कि महामारी के बाद यात्रा बीमा प्रोत्साहन सिर्फ एक वस्तु ही नहीं बल्कि जरूरत बन गया है। महामारी के बाद यात्रा बीमा को लेकर जागरूकता और उसे अपनाने में काफी बढ़ोतरी हुई है। यात्रा बीमा की तलाश करते समय यात्रियों को मिलने वाला प्रमुख लाभ कोविड कवरेज है, न कि केवल चिकित्सा कवरेज। क्योंकि सर्वेक्षण से पता चलता है कि एक चौथाई से अधिक ग्राहकों ने कोविड चिकित्सा कवर के कारण यात्रा
बीमा पॉलिसी खरीदी है। इसके अलावा, महामारी के बाद एशिया और ऑस्ट्रेलिया के समान ही संयुक्त राज्य अमेरिका/कनाडा (1.6 गुना) और यूरोप (1.4 गुना) की यात्राओं में बढ़ोतरी देखने को मिली।
यात्रा बीमा खरीदने वालों की संख्या बढ़ी
आईसीआईसीआई लोम्बार्ड के कार्यकारी निदेशक श्री संजीव मंत्री ने कहा कि हमारे शोध से संकेत मिलता है कि कोरोना वायरस महामारी ने यात्रा बीमा के महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाई है। महामारी से पहले, केवल 50 फीसदी अंतर्राष्ट्रीय यात्रियों ने यात्रा बीमा खरीदा था, लेकिन महामारी के बाद, यह संख्या बढ़कर 76 फीसदी हो गई है। ग्राहक तेजी से सतर्क हो रहे हैं और विदेश यात्राओं के लिए कोविड-19 (COVID-19) कवर सहित पर्याप्त
चिकित्सा कवर चाहते हैं। यात्रा खरीदारी का बड़ा हिस्सा हमेशा डिजिटल रूप से होता था, अब यह संख्या सिर्फ बढ़ रही है। यात्रा बीमा पहले कभी भी इतना महत्वपूर्ण नहीं माना जाता था, लेकिन अब यह एक आवश्यकता है। अब “रिवेंज ट्रैवल” के प्रचलन में आने के साथ, हम इस क्षेत्र में एक बड़ा अवसर देख रहे हैं। हमें यह जानकर खुशी हो रही है कि सर्वेक्षण में भाग लेने वाले एक तिहाई लोगों ने आईसीआईसीआई लोम्बार्ड को पसंदीदा भागीदार के रूप में चुना है।
मिरे एसेट म्युचुअल फंड का खास अभियान, SIP से पूरे होंगे हर सपने, अनुशासन के साथ निवेश को मिलेगा बढ़ावा
साधारण लेकिन प्रभावी! मिरे एसेट म्यूचुअल फंड ने लेटेस्ट इन्वेस्टर एजुकेशन एंड अवेयरनेस कैंपेन यानी नवीनतम निवेशक शिक्षा और जागरूकता अभियान शुरू किया है. इसमें इस बारे में बताया गया है कि बाजार में उतार चढाव के दौर में निवेशक को अपने निवेश के लक्ष्य हासिल करने के लिए अपने ड्रीम यानी सपनों पर फोकस करने की जरूरत है. एसआईपी की यह अनूठी रीपैकेजिंग रीयल लाइफ की स्थितियों पर आधारित है. यह दिखाता है कि किस तरह से किसी का जीवन उसके सपनों, उम्मीदों और आकांक्षाओं के आधार पर प्रगति की एक श्रृंखला है.
अनुशासित तरीके से निवेश को प्रोत्साहन
सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) के जरिए लोगों को अनुशासित तरीके से निवेश करने के लिए प्रोत्साहन मिलता है. लोगों को प्रोत्साहित करने के प्रयास में यह अभियान एसआईपी को विकास के लिए सपने के समान बनाता है. यह एक इमोशनल यानी भावनात्मक बंधन को भी उजागर करता है.यह दिखाता है कि कैसे आज के मातापिता भविष्य की पीढ़ी के लिए सपने देखते हैं और किस तरह से एसआईपी के जरिए निवेश से वे यह भी सुनिश्चित कर रहे हैं कि उनके सपने लगातार आगे बढ़ते रहें. मिरे एसेट म्यूचुअल फंड का कैंपेन यह भी दिखाता है कि लंबी अवधि और छोटी अवधि दोनों के लिए फाइनेंशियल गोल बनाए जा सकते हैं और हर उम्र के निवेशकों को इस यूनिक आइडिया से फायदा हो सकता है.
कल को आज से बेहतर बनाने की पहल
इस कैंपेन के बारे में मिरे एसेट के हेड मार्केटिंग- स्ट्रैटेजी एंड कम्युनिकेशंस, श्रीनिवास खानोलकर ने कहा कि लोग लगातार प्रगति के बारे में सोचते हैं. अपने कल को आज से बेहतर बनाने की कोशिश करते रहते हैं. जीवन में ज्यादातर काम अपने सपनों को साकार करने की दिशा में किए जाते हैं. हर निवेशक द्वारा किया गया एसआईपी किसी न किसी फाइनेंशियल गोल सानी वित्तीय लक्ष्य को पूरा किए जाने की दिशा में एक कदम है. इसलिए यह उनका सपना प्रगति की राह पर है. हमें पूरी उम्मीद है कि निवेशक इस विचार से कनेक्ट होने में सक्षम हैं और एसआईपी को अपने निवेश के पसंदीदा तरीके के रूप में इस्तेमाल करते हैं.
इस कैंपेन के और भी चरण होंगे. अगला चरण इस बात पर फोकस करेगा कि कैसे एसआईपी ट्रेडिशनल निवेश का एक बेहतर विकल्प हो सकता है और सभी उम्र के निवेशकों के बीच एक यूनिवर्सल अपील करने का वादा करता है.
कंपाउंडिंग की ताकत का मिलता है फायदा
SIP में निवेश की शुरुआत एक अवधि के लिए 500 रुपये प्रति माह जैसी छोटी राशि से भी की जा सकती है.SIP बड़ा फायदा यह है कि यहां कंपाउंडिंग की ताकत का फायदा मिलता है. वहीं यहां आपके निवेश की लागत की एवरेजिंग का भी फायदा मिलता है. जब आप लंबी अवधि के लिए अपने निवेश में बने रहते हैं तो कंपाउंडिंग की ताकत सबसे अच्छे तरह से काम करती है. यह लंबी अवधि में आपको हाई रिटर्न पाने में मदद कर सकती है. हालांकि निवेश संबंधी निर्णय लेने से पहले आपको अपने वित्तीय सलाहकार और म्यूचुअल फंड डिस्ट्रीब्यूटर से सलाह लेनी चाहिए.
कोरोना महामारी के चलते निवेश का महत्व बढ़ा
31 मई 2022 तक की बात करें तो म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री के पास कुल 5.48 करोड़ एसआईपी अकाउंट थे. और इनके जरिए 12286 करोड़ रुपये की मंथली एसआईपी हुई. मार्च 2020 में कोविड महामारी की चपेट में आने के बाद से फाइनेंशियल इंडिपेंडेंस यानी वित्तीय स्वतंत्रता के महत्व को समझने वाले निवेशकों की संख्या बढ़ी है. बता दें कि मार्च 2020 में एसआईपी के जरिए 8641 करोड़ रुपये का निवेश हुआ था.
आईसीआईसीआई लोम्बार्ड ने लॉन्च की फ्लोटर मोटर बीमा योजना
सिंगल पॉलिसी के तहत अपने कई वाहनों के लिए ले सकते हैं कवर
- आईसीआईसीआई लोम्बार्ड का मूल दर्शन ‘ग्राहक अनुभव’ है। इसी को ध्यान में रखकर कंपनी लगातार अग्रणी और नएपन वाले प्रोडक्ट के साथ ग्राहकों के सामने आ रही है।
- मोटर फ्लोटर बीमा एक पारंपरिक मोटर पैकेज पॉलिसी के सभी कवर प्रदान करता है (जैसे वाहन को आकस्मिक क्षति, थर्ड पार्टी लायबिलिटी और मालिक-चालक का व्यक्तिगत दुर्घटना कवर), और इसके अलावा यह एक ही बीमा योजना में किसी भी ग्राहक के कई वाहनों को जोड़ने का लाभ भी प्रदान करता है।
- टेलीमैटिक्स ऐड-ऑन: बेस मोटर उत्पाद को ‘एसेट कम यूसेज’ आधारित उत्पाद में परिवर्तित कर सकते हैं, जिसमें बेस मोटर वाहन के बीमा के लिए लिया जाने वाला प्रीमियम आंशिक रूप से उपयोग पर निर्भर करेगा। ग्राहक इस ऐड-ऑन के तहत नीचे दी गई योजनाओं का विकल्प चुन सकते हैं।
- पे-ऐज-यू-यूज (पीएवाईयू) योजना: ग्राहकों को उपयोग के आधार पर विभिन्न “किलोमीटर योजनाओं” में से चुनने की सुविधा प्रदान की जाएगी। इसलिए पॉलिसी के लिए प्रीमियम केवल उस सीमा तक सीमित होगा जिस सीमा तक वाहन का उपयोग किया जाता है या ग्राहक द्वारा उपयोग किए जाने का अनुमान लगाया जाता है।
- पे-हाउ-यू-यूज (पीएचयूयू) प्लान: इस प्लान के तहत, ड्राइविंग बिहेवियर स्कोर के अनुसार चार्ज किया गया प्रीमियम बदल जाएगा। अच्छा ड्राइविंग व्यवहार वाला ग्राहक पॉलिसी के मूल प्रीमियम पर आकर्षक छूट प्राप्त कर सकता है।
मुंबई। प्रमुख निजी सामान्य बीमा कंपनियों में शामिल आईसीआईसीआई लोम्बार्ड ने ग्राहक अनुभव को और बेहतर करने के उद्देश्य से मोटर बीमा के तहत अग्रणी और अभिनव समाधान लॉन्च किए हैं। अपने ग्राहकों के लिए मोटर फ्लोटर पेशकश इरडाई (IRDAI) द्वारा हाल ही में की गई घोषणा के अनुरूप है। यह उन लोगों को सक्षम बनाएगा, जिनके पास कई वाहन हैं. इसमें एक बीमा योजना के ही तहत आपको कार और दोपहिया सहित अपने सभी वाहनों के लिए व्यापक बीमा कवर मिलेगा, साथ ही उनके लिए एकल नवीनीकरण तिथि भी सुनिश्चित होगी।
एक ही योजना में कई वाहनों का कवर
परिणाम स्वरूप एक ही बीमा योजना के तहत आपको अपने सभी वाहनों के लिए कवर मिलेगा। यह नई पेशकश ग्राहकों के लिए बेहद सुविधाजनक होगी क्योंकि इसमें एकल प्रीमियम के साथ उनकी सभी मोटर बीमा पॉलिसी के लिए एकल पॉलिसी और एकल नवीनीकरण तिथि की सुविधा दी जा रही है। साथ ही, मोटर फ्लोटर पेशकश का विकल्प चुनने वाले ग्राहकों को कम प्रीमियम पर मोटर फ्लोटर पेशकश के तहत
उनके कई वाहनों के लिए बीमा कवर मिलेगा. कुल मिलाकर, इस योजना के जरिए ग्राहकों को अपने हर वाहन के लिए अलग अलग बीमा करवाने के झंझट से मुक्ति मिलेगी. वे कम खर्च में अपने सभी वाहनों का एक ही बीमा योजना में कवर ले सकेंगे।
नो-क्लेम का पूरा लाभ
जब भी कोई ग्राहक किसी पुरानी वाहन बीमा योजना से मोटर फ्लोटर पॉलिसी में शिफ्ट यानी स्थानांतरित होता है तो प्रत्येक वाहन के स्तर पर नो-क्लेम का पूरा लाभ मोटर फ्लोटर पेशकश के तहत सुनिश्चित किया जाएगा। पॉलिसी अवधि के दौरान कोई दावा नहीं होने की स्थिति में, पॉलिसीधारकों को लागू स्लैब के अनुसार नवीनीकरण पर और 50 फीसदी तक नो क्लेम बोनस की पेशकश की जाती है। इस उत्पाद के तहत, ग्राहक पॉलिसी अवधि के दौरान किसी भी समय किसी नए वाहन को इसमें जोड़ सकते हैं या हटा सकते हैं।
टेलीमैटिक्स ऐड-ऑन की पेशकश
इसके अलावा, इसके तहत बेस मोटर उत्पाद को ‘एसेट कम यूसेज’ आधारित उत्पाद में बदलने के लिए टेलीमैटिक्स ऐड-ऑन की पेशकश की जाती है। बेस मोटर वाहन के बीमा के लिए लिया जाने वाला प्रीमियम आंशिक रूप से उपयोग पर निर्भर करेगा। मोटर ओन डैमेज पॉलिसी के साथ जोड़े गए ऐड-ऑन कवरेज भी मूल पॉलिसी की अवधि के लिए ही मान्य होंगे, तब तक कि उस ऐड-ऑन कवरेज में इस बारे में अलग से कोई और प्रावधान न किया गया हो। टेलीमैटिक्स ऐड-ऑन के तहत, ग्राहक विभिन्न योजनाओं का विकल्प चुन सकते हैं
पे-ऐज-यू-यूज (पीएवाईयू) इस योजना के तहत, ग्राहकों को उपयोग के आधार पर अलग-अलग “किलोमीटर” से चुनने की सुविधा प्रदान की जाएगी। इसलिए पॉलिसी का प्रीमियम केवल उस सीमा तक सीमित होगा जिस सीमा तक वाहन का उपयोग किया जाता है या ग्राहक द्वारा उपयोग किए जाने का अनुमान लगाया जाता है। शुरू में खरीदे गए “किलोमीटर” के समाप्त होने की स्थिति में ग्राहक पॉलिसी अवधि के दौरान किलोमीटर का टॉप-अप भी कर सकते हैं. इस ऐड-ऑन के तहत कवरेज तभी मान्य होगा
जब खरीदे गए किलोमीटर (या ग्राहक को प्रदान किए गए अतिरिक्त ग्रेस किलोमीटर) नुकसान होने के समय आंशिक रूप से या पूरी तरह से उपयोग किए जाते हैं।
पे-हाउ-यू-यूज (पीएचयूयू) इस प्लान के तहत, ड्राइविंग बिहेवियर स्कोर के अनुसार चार्ज किया गया प्रीमियम बदल जाएगा। अच्छा ड्राइविंग व्यवहार वाला ग्राहक पॉलिसी के मूल प्रीमियम पर आकर्षक छूट प्राप्त कर सकता है। यह नीति अच्छे ड्राइविंग व्यवहार को बढ़ावा देगी और पुरस्कृत करेगी। वहीं खराब ड्राइविंग व्यवहार को प्रोत्साहन देकर अच्छी ड्राइविंग आदतों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करेगी।
सभी वाहनों को एक समान कवरेज
आईसीआईसीआई लोम्बार्ड के कार्यकारी निदेशक संजीव मंत्री ने इस बीमा योजना के लॉन्च पर कहा कि पिछले कुछ साल में, नियामक ने बीमा उद्योग में नएपन को प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई हैं। हाल ही में मोटर बीमा क्षेत्र के लिए की गई घोषणाएं उस संबंध में एक और बेहतर कदम है। किसी को भी अपने स्वामित्व वाले अलग अलग वाहनों के लिए कई पॉलिसी को बनाए रखना हमेशा एक कठिन काम
रहा है। आईसीआईसीआई लोम्बार्ड की इन पेशकश के साथ, ग्राहक अब एक एकल पॉलिसी बनाए रख सकते हैं जो उनके स्वामित्व वाले सभी वाहनों को एक समान कवरेज प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि इसी तरह, पे-हाउ-यू-यूज और पे-ऐज-यू-यूज ग्राहक के लिए अतिरिक्त पारदर्शिता और सुविधा सुनिश्चित करने में एक लंबा रास्ता तय करेगा क्योंकि ये ऐड-ऑन उन्हें सटीक रूप से कवरेज का एक विचार देंगे। साथ ही कम प्रीमियम के साथ अच्छी ड्राइविंग को प्रोत्साहित करेंगे।
सस्ती दरों पर नवीन उत्पादों की पेशकश
आईसीआईसीआई लोम्बार्ड, अपने बीमा उत्पादों के माध्यम से अपने मूल्यवान उपभोक्ताओं को एंड-टू-एंड समाधान प्रदान करता है। मोटर बीमा बाजार में सबसे बड़ी हिस्सेदारी रखने वाली कंपनी आईसीआईसीआई लोम्बार्ड अपने ग्राहकों के लिए सबसे सस्ती दरों पर नवीन उत्पादों की पेशकश कर रही है। मोटर फ्लोटर और टेलीमैटिक्स ऐड-ऑन प्रसाद इस प्रमुख सामान्य बीमा कंपनी की ओर से ऐसे ही बेहद खास और नएपन के साथ लाए गए उत्पाद हैं, जो अपने ग्राहकों को एक शानदार अनुभव प्रदान करने पर अपना ध्यान केंद्रित करते हैं. इसके अलावा ग्राहक सभी बीमा और वेलनेस जरूरतों के लिए हमारे सिग्नेचर
आईएल टेककेयर ऐप को डाउनलोड कर सकते हैं। हमारे आईएल टेककेयर ऐप को अबतक 1.9 मिलियन उपयोगकर्ता ने डाउनलोड किया है। ग्राहक दावों और पॉलिसी सर्विसिंग के साथ-साथ इंस्टास्पेक्ट के माध्यम से मोटर समाचार और विचार, दोस्त गैरेज, लाइव वीडियो निरीक्षण जैसे कई सुविधाओं का लाभ उठा सकते हैं। इसके अलावा, हमारे टेलीमैटिक्स ग्राहकों को ड्राइविंग व्यवहार और विश्लेषण, कार स्वास्थ्य अवलोकन, दैनिक गतिविधि और इसके अलावा भी बहुत कुछ की पहचान करने में मदद करेंगे।
Edelweiss General Insurance launches motor insurance product SWITCH; check details

The motor insurance space has been going through innovations, as insurers are increasingly using telematics to ascertain the correct premium based on a policyholder’s risk exposure and distance driven. For instance, ‘’pay as you drive’ policies charge a lower premium when the vehicle is driven less and charge higher when driven more.
The latest entrant in the innovative space is Edelweiss General Insurance (EGI). The company on Monday launched SWITCH, which is an on-demand comprehensive motor insurance product, under the insurance regulator IRDAI’s Sandbox initiative.
Under the policy, the app detects motion and automatically activates insurance when the vehicle is driven, making it convenient for customers. Moreover, it rewards policyholders if they are driving well, as it measures both the quantity and quality of driving and calculates premiums accordingly.
Shanai Ghosh, Executive Director and CEO, Edelweiss General Insurance said, “SWITCH has been designed keeping in mind the changing driving preferences of today’s mobile-savvy customers. Our attempt is to incentivise good driving and make customers pay only as per usage. It is the only on-demand motor product in the country that places complete control in the hands of customers. Pay only for how much you drive and how well you drive. ‘Drive less, pay less; Drive better, pay less’ is what SWITCH is all about. With this, we are also hoping to encourage people to drive better and safer.”
SBI General Insurance onboards Paritosh Tripathi as MD & CEO

Private non-life insurer SBI General Insurance on Thursday said it has appointed Paritosh Tripathi as Managing Director and Chief Executive Officer, effective July 5.
He succeeds P C Kandpal, who has been posted as Deputy Managing Director (DMD)-(P&RE) at the Corporate Center, State Bank of India (SBI).
Tripathi has over 32-years banking experience and has worked in various departments including MSME, mid-corporate segment, international banking and bancassurance, a release said.
Before joining SBI General Insurance, he was general manager operations, internal banking group with SBI and was also on the board of Sterling Bank, Nigeria and SBI Canada.
From 2017 to 2020, he was head – bancassurance, firstly with SBI Mutual Fund and then with SBI General Insurance. He was the CEO of SBI DIFC branch in Dubai.